Delhi Hydrogen Bus 2026: बिना पेट्रोल-डीजल चलेगी दिल्ली की नई बस, सिर्फ ₹10 में मिलेगा सफर

Delhi Hydrogen Bus Service 2026: दिल्ली में पहली बार हाइड्रोजन से चलने वाली बस सेवा शुरू होने जा रही है। जानिए किराया, रूट, तकनीक और इससे प्रदूषण पर क्या असर पड़ेगा।

Jyotsana Singh
Published on: 15 May 2026 6:30 AM IST
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Delhi Hydrogen Bus 2026 Service Starts Travel Cost ₹10

Delhi Hydrogen Bus Service 2026 Begins: दिल्ली में अब सार्वजनिक परिवहन का एक नया और पर्यावरण के अनुकूल अध्याय शुरू होने जा रहा है। राजधानी की सड़कों पर पहली बार हाइड्रोजन से चलने वाली बसें उतरेंगी। Delhi Metro Rail Corporation यानी DMRC शुक्रवार से सेंट्रल विस्टा इलाके में नई हाइड्रोजन बस सेवा शुरू करने जा रहा है। इस खास बस सेवा का किराया भी बेहद कम रखा गया है, जिससे आम लोग और सरकारी कर्मचारी सिर्फ 10 से 15 रुपये में सफर कर सकेंगे।

यह पहल सिर्फ नई बस सेवा शुरू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली को प्रदूषण मुक्त और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने का बड़ा कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि ये बसें पेट्रोल या डीजल से नहीं, बल्कि हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलेंगी, जिससे धुआं और कार्बन उत्सर्जन लगभग न के बराबर होगा।

सेंट्रल विस्टा इलाके में शुरू होगी नई बस सेवा

DMRC द्वारा शुरू की जा रही यह सेवा सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन के बीच चलाई जाएगी। यह रूट राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सरकारी क्षेत्रों को जोड़ता है। रास्ते में बसें कई प्रमुख स्थानों और मंत्रालयों के पास रुकेंगी। इनमें इंडिया गेट, विज्ञान भवन। निर्माण भवन, कर्तव्य भवन। नेशनल स्टेडियम जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। इससे रोजाना सरकारी दफ्तरों में आने-जाने वाले हजारों कर्मचारियों और आम लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

हाइड्रोजन बसें कैसे करती हैं काम

हाइड्रोजन बसें फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित होती हैं। इन बसों में हाइड्रोजन गैस का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए किया जाता है और यही बिजली बस के मोटर को चलाती है। इस प्रक्रिया में किसी तरह का धुआं नहीं निकलता, बल्कि केवल पानी की भाप उत्सर्जित होती है। यही वजह है कि इसे भविष्य की सबसे स्वच्छ परिवहन तकनीकों में गिना जा रहा है। दुनिया के कई बड़े देश पहले ही इस तकनीक को अपनाने लगे हैं और अब भारत भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

दिल्ली के प्रदूषण को कम करने में मिलेगी मदद

दिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है। हर साल सर्दियों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है। ऐसे में सरकार लगातार इलेक्ट्रिक और स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। हाइड्रोजन बसें इस दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही हैं क्योंकि ये पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में बेहद कम प्रदूषण फैलाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले समय में ज्यादा सार्वजनिक वाहन हाइड्रोजन तकनीक पर चलने लगें तो राजधानी की हवा को काफी हद तक साफ किया जा सकता है।

यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

नई बस सेवा को आधुनिक और आरामदायक बनाने पर भी खास ध्यान दिया गया है। बसों में आरामदायक सीटें, एयर कंडीशनिंग, डिजिटल डिस्प्ले और बेहतर सुरक्षा सुविधाएं दी जाएंगी। यात्रियों को कम किराए में स्मार्ट और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। DMRC का उद्देश्य लोगों को निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन की ओर आकर्षित करना है ताकि ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों को कम किया जा सके।

सेंट्रल विस्टा परियोजना को मिलेगा नया आयाम

पिछले कुछ वर्षों में सेंट्रल विस्टा इलाके का बड़े स्तर पर पुनर्विकास किया गया है। यहां नए सरकारी भवन, चौड़ी सड़कें और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए गए हैं। अब इसी इलाके में हाइड्रोजन बस सेवा शुरू होना यह दिखाता है कि सरकार राजधानी को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। माना जा रहा है कि यह परियोजना भविष्य में देश के दूसरे शहरों के लिए भी मॉडल बन सकती है।

भारत में तेजी से बढ़ रहा ग्रीन ट्रांसपोर्ट

भारत सरकार लगातार ग्रीन एनर्जी और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत हाइड्रोजन ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ाने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करना है। इसी रणनीति के तहत अब सार्वजनिक परिवहन में भी नई तकनीकों को शामिल किया जा रहा है।

आम लोगों के लिए क्यों खास है यह कदम

दिल्ली में रोजाना लाखों लोग सरकारी दफ्तरों और केंद्रीय क्षेत्रों में यात्रा करते हैं। ऐसे में सिर्फ 10 से 15 रुपए के किराए में आरामदायक और प्रदूषण मुक्त यात्रा की सुविधा मिलना लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। यह पहल न केवल यात्रियों की जेब पर बोझ कम करेगी, बल्कि राजधानी को स्वच्छ और आधुनिक बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। आने वाले समय में अगर यह सेवा सफल रहती है तो दिल्ली के अन्य हिस्सों में भी हाइड्रोजन बसों का नेटवर्क बढ़ाए जाने की योजना है।

Jyotsana Singh

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