E20 पेट्रोल से इंजन नहीं होगा खराब? टोयोटा और मारुति ने बताया क्या है असली वजह

E20 Petrol Engine Damage: E20 पेट्रोल से इंजन खराब होगा या नहीं? जानिए टोयोटा और मारुति ने क्या कहा

Jyotsana Singh
Published on: 7 July 2026 10:47 AM IST
E20 Petrol Engine Damage
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E20 Petrol Engine Damage

E20 Petrol Engine Damage: पिछले दिनों डीजल-पैट्रोल की बढ़ती किल्लतों के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों के बाजार में तेजी से उछाल दर्ज हुआ। इसी बीच देशभर में E20 पेट्रोल का दायरा भी तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही कई कार मालिकों के मन में एक सवाल भी लगातार उठ रहा है कि क्या 20 फीसदी एथेनॉल मिला यह पेट्रोल उनकी गाड़ी के इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है? खासकर उन लोगों की चिंता ज्यादा है जिनकी कारें कुछ साल पुरानी हैं। अब इस पूरे विवाद पर देश की दो बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां टोयोटा और मारुति सुजुकी ने साफ जवाब दिया है। कंपनियों का कहना है कि E20 फ्यूल को लेकर फैल रही कई बातें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और इसे व्यापक परीक्षण के बाद ही बाजार में उतारा गया है।

क्या है E20 फ्यूल और क्यों हो रही इसकी चर्चा?

E20 ऐसा पेट्रोल है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत सामान्य पेट्रोल मिलाया जाता है। एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार होने वाला जैव ईंधन यानी Biofuel है। भारत सरकार पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से E20 फ्यूल को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है। इसके इस्तेमाल के साथ सोशल मीडिया और कई मंचों पर यह दावा भी किया जाने लगा कि इससे पुरानी कारों के इंजन को नुकसान हो सकता है। इसी को लेकर अब वाहन निर्माता कंपनियों ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

मारुति सुजुकी ने क्या कहा?

मारुति सुजुकी के अनुसार, कंपनी ने वर्ष 2010 से पहले बनी अपनी कई कारों पर भी E20 पेट्रोल की व्यापक टेस्टिंग की थी। परीक्षण के दौरान इंजन, फ्यूल सिस्टम और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में किसी असामान्य घिसावट या नुकसान के संकेत नहीं मिले। कंपनी का कहना है कि केवल E20 पेट्रोल के कारण इंजन खराब होने की आशंका को सही नहीं माना जा सकता। इसलिए पुराने मॉडल की मारुति कार चलाने वाले ग्राहकों को केवल इस वजह से घबराने की जरूरत नहीं है।

टोयोटा ने भी जताया भरोसा

टोयोटा ने भी E20 फ्यूल को लेकर भरोसा जताते हुए कहा है कि अब तक कंपनी के पास E20 पेट्रोल की वजह से इंजन खराब होने की कोई पुष्टि हुई शिकायत नहीं आई है। कंपनी के मुताबिक, इस ईंधन को लागू करने से पहले विभिन्न परिस्थितियों में इसकी तकनीकी जांच और परीक्षण किए गए थे। जिसकी रिपोर्ट के मुताबिक हर इंजन खराबी के लिए E20 पेट्रोल को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा।

फिर इंजन खराब होने की वजह क्या हो सकती है?

ऑटोमोबाइल कंपनियों का कहना है कि कई बार इंजन संबंधी समस्याओं की असली वजह खराब गुणवत्ता वाला पेट्रोल या ईंधन में मिलावट होती है। यदि किसी पेट्रोल पंप पर फ्यूल की गुणवत्ता सही नहीं है, तो उसका असर इंजन की परफॉर्मेंस पर पड़ सकता है। यह समस्या E20 लागू होने से पहले भी मौजूद थी और आज भी बनी हुई है। ऑटोमेकर कंपनियों का कहना है कि किसी भी तकनीकी खराबी की जांच किए बिना उसका कारण केवल E20 को मान लेना उचित नहीं है।

E20 फ्यूल के क्या हैं फायदे?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, E20 पेट्रोल के कई सकारात्मक पहलू भी हैं। एथेनॉल की वजह से इंजन में नॉकिंग कम हो सकती है। इंजन की परफॉर्मेंस और एक्सीलेरेशन बेहतर महसूस हो सकता है। कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, जिससे पर्यावरण को फायदा मिलता है।

कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है। एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से किसानों और चीनी उद्योग को भी लाभ मिलता है। इन्हीं कारणों से सरकार लंबे समय से एथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा दे रही है।

क्या माइलेज पर पड़ता है असर?

E20 फ्यूल को लेकर एक बात जरूर ध्यान रखने वाली है। एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता सामान्य पेट्रोल की तुलना में थोड़ी कम होती है। ऐसे में कुछ पुरानी गाड़ियों में माइलेज में हल्की कमी देखने को मिल सकती है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि माइलेज में कुछ प्रतिशत की कमी संभव है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इंजन को नुकसान हो रहा है। यदि वाहन की नियमित सर्विस कराई जाए और अच्छी गुणवत्ता का ईंधन इस्तेमाल किया जाए तो सामान्य तौर पर किसी बड़ी परेशानी की संभावना नहीं रहती।

नई कारें E20 के लिए पूरी तरह तैयार

सरकार ने वर्ष 2023 के 80बाद भारत में लॉन्च होने वाले नए कार मॉडलों को E20 फ्यूल के अनुरूप तैयार करना अनिवार्य कर दिया है। यानी नई कारों के इंजन, फ्यूल पाइप, सील और अन्य कंपोनेंट्स को इसी ईंधन को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है। वहीं, 2023 से पहले बनी अधिकांश पेट्रोल कारें भी E20 पर चल सकती हैं। हालांकि, कुछ पुराने मॉडलों में माइलेज में मामूली गिरावट महसूस हो सकती है।

कार मालिकों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?

यदि आप E20 पेट्रोल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो समय-समय पर वाहन की सर्विस कराते रहें, अधिकृत या भरोसेमंद पेट्रोल पंप से ही ईंधन भरवाएं और कंपनी द्वारा बताए गए मेंटेनेंस शेड्यूल का पालन करें। यदि इंजन की परफॉर्मेंस में कोई असामान्य बदलाव दिखे तो अनुमान लगाने के बजाय अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच कराना बेहतर रहेगा।


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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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