E20 पेट्रोल पर गडकरी का बड़ा ऐलान! सर्विसिंग में फ्री बदले जाएंगे ये पार्ट्स, जानिए पूरी बात

E20 Petrol: E20 पेट्रोल को लेकर गडकरी ने दूर किए भ्रम, सर्विसिंग और माइलेज पर कही बड़ी बात

Jyotsana Singh
Published on: 11 July 2026 3:09 PM IST
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E20 Petrol India 2026

E20 Petrol: E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर इनदिनों तगड़ी बहस चल रही है। वहीं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस बहस पर विराम लगाने पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि E20 पेट्रोल से पुरानी गाड़ियों को नुकसान पहुंचने की खबरें बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जा रही हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार ने वाहन कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि सर्विसिंग के दौरान E20 के अनुकूल जरूरी पार्ट्स बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के बदले जाएं। गडकरी ने माइलेज, फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक और एथेनॉल मिश्रित ईंधन के भविष्य पर भी विस्तार से अपनी बात रखी। देश में E20 पेट्रोल (20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण) को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा हो रही है। कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या यह ईंधन पुरानी गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है या इससे माइलेज कम हो जाता है। इन सभी सवालों के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है।

सर्विसिंग के दौरान मुफ्त बदले जाएंगे जरूरी पार्ट्स

एक इंटरव्यू में गडकरी ने बताया कि सरकार ने सभी वाहन निर्माताओं को निर्देश दिए हैं कि पुरानी गाड़ियों की सर्विसिंग के दौरान उन पार्ट्स को बिना अतिरिक्त शुल्क के बदला जाए, जिन पर E20 ईंधन का असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि पहले कई वाहनों में मेटल वॉशर लगाए जाते थे, जबकि अब उनकी जगह रबर वॉशर का इस्तेमाल किया जाता है। यदि किसी पुराने वाहन में ऐसे पार्ट्स बदलने की जरूरत होगी तो कंपनियां सर्विसिंग के दौरान यह काम ग्राहकों से अलग पैसा लिए बिना करेंगी। गडकरी ने कहा कि उनकी जानकारी में अब तक E20 पेट्रोल की वजह से किसी वाहन में गंभीर तकनीकी खराबी का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।

सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को बताया गलत

नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा है कि E20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं। उनका कहना था कि ऐसी खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास ऐसा कोई वास्तविक उदाहरण है जिसमें केवल E20 ईंधन के कारण वाहन खराब हुआ हो, तो उसे सामने लाया जाए। उनके अनुसार सोशल मीडिया पर चल रही कई बातें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

माइलेज पर असर की बात स्वीकार की

गडकरी ने यह भी माना कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर माइलेज में कुछ अंतर महसूस हो सकता है। उन्होंने इसकी वजह एथेनॉल की कैलोरीफिक वैल्यू को बताया। असल में एथेनॉल में पेट्रोल की तुलना में ऊर्जा (Energy Content) कम होती है। इसलिए समान मात्रा में ईंधन जलने पर वाहन को थोड़ी कम ऊर्जा मिलती है। इसी कारण कुछ वाहनों में माइलेज थोड़ा घट सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वास्तविक माइलेज केवल ईंधन पर निर्भर नहीं करता। ट्रैफिक, सड़क की स्थिति, ड्राइविंग स्टाइल, वाहन की देखभाल और गियर के उपयोग जैसे कई अन्य कारक भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में लगातार ट्रैफिक के कारण माइलेज स्वाभाविक रूप से कम रहता है।

ARAI की रिपोर्ट में क्या कहा गया?

गडकरी ने ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) की रिपोर्ट का भी जिक्र किया। उनके अनुसार फ्लेक्स-फ्यूल इंजन के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहनों में माइलेज को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं पाई गई है। इसी वजह से सरकार देश में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को बढ़ावा दे रही है, ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं के पास अलग-अलग प्रकार के ईंधन चुनने का विकल्प उपलब्ध हो।

क्या होता है फ्लेक्स-फ्यूल वाहन?

फ्लेक्स-फ्यूल वाहन ऐसे इंजन के साथ आते हैं जो अलग-अलग अनुपात में एथेनॉल और पेट्रोल के मिश्रण पर आसानी से चल सकते हैं। ऐसे वाहन E20 ही नहीं बल्कि इससे अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन का भी उपयोग कर सकते हैं। गडकरी ने बताया कि भारत में लगभग एक दर्जन वाहन निर्माता कंपनियां फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल विकसित करने पर काम कर रही हैं। आने वाले वर्षों में ऐसे वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।

भारत E20 पेट्रोल को क्यों बढ़ावा दे रहा है?

सरकार का उद्देश्य पेट्रोल पर आयात निर्भरता कम करना और घरेलू स्तर पर तैयार होने वाले एथेनॉल का उपयोग बढ़ाना है। एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है।

इससे किसानों को अतिरिक्त बाजार मिलता है, विदेशी मुद्रा की बचत होती है और कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिलती है। सरकार का मानना है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से पर्यावरण को भी लाभ होगा।

ब्राजील का उदाहरण भी दिया

गडकरी ने बताया कि ब्राजील वर्ष 1970 से ही लगभग 27 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग कर रहा है। वहां फ्लेक्स-फ्यूल वाहन बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाते हैं और यह मॉडल सफल माना जाता है।

उन्होंने कहा कि भारत भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है ताकि लोगों को अलग-अलग कीमतों पर विभिन्न ईंधन विकल्प मिल सकें। उनके अनुसार एथेनॉल की कीमत लगभग 75 रुपये प्रति लीटर है, जिससे भविष्य में ईंधन लागत कम रखने में भी मदद मिल सकती है।

वाहन मालिकों के लिए कंपनी की सलाह

यदि आपकी कार या बाइक E20-रेडी है तो कंपनी की सलाह के अनुसार E20 पेट्रोल का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं पुराने वाहन मालिकों को समय पर अधिकृत सर्विस सेंटर पर सर्विसिंग करानी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित पार्ट्स बदले जा सकें। किसी भी तकनीकी जानकारी के लिए वाहन निर्माता की आधिकारिक गाइडलाइन का पालन करना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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