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Ethanol Car: E20 पर मचा था बवाल, अब 100% इथेनॉल वाली कार की एंट्री, गडकरी ने बताया पूरा प्लान
Ethanol Car: E20 की बहस के बीच 100% इथेनॉल वाली Toyota Innova और फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक पर गडकरी का प्लान जानें। ₹25 लागत के दावे की पूरी जानकारी।
Ethanol Car: 100% Ethanol Vehicle After E20, Gadkari Reveals the Plan
Ethanol Car: E20 पेट्रोल को लेकर पिछले कुछ महीनों में काफी चर्चाएँ सुर्खियों में बनी रहीं। पुराने वाहनों की माइलेज, इंजन और ईंधन प्रणाली पर असर को लेकर सोशल मीडिया से लेकर संसद तक सवाल उठे। सरकार ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि E20 के कारण बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने या वाहन बंद पड़ने के प्रमाण नहीं मिले हैं।
इसी बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल को लेकर एक और बड़ा संकेत दिया है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 100 फीसदी इथेनॉल पर चलने वाली टोयोटा इनोवा का जिक्र करते हुए कहा कि अक्टूबर में ऐसी कार को लेकर आगे की पहल देखने को मिल सकती है। गडकरी के मुताबिक, यह तकनीक केवल इथेनॉल पर चलने तक सीमित नहीं है, बल्कि वाहन चलते समय बिजली भी पैदा कर सकता है।
E20 की बहस के बीच E100 कार की चर्चा
गडकरी ने कार्यक्रम में कहा कि दुनिया के करीब 19 देशों में इथेनॉल का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि भारत में वाहनों में इथेनॉल के इस्तेमाल से जुड़ी कोई व्यापक शिकायत सामने नहीं आ रही है। उनके मुताबिक, अक्टूबर में टोयोटा की इनोवा का 100 फीसदी फ्लेक्स-फ्यूल संस्करण लाने की दिशा में काम जारी है।
गडकरी पहले भी 100 फीसदी बायो-इथेनॉल से चलने वाली इनोवा का जिक्र कर चुके हैं। उन्होंने बताया था कि यह वाहन चलते समय बिजली पैदा करने में सक्षम है और इसकी प्रभावी ईंधन लागत पेट्रोल के मुकाबले काफी कम पड़ सकती है।
क्या है 25 रुपये प्रति लीटर का दावा
गडकरी ने अपने बयान में कहा कि अगर पेट्रोल की कीमत से तुलना की जाए तो इस तकनीक के इस्तेमाल की प्रभावी लागत करीब 25 रुपये प्रति लीटर के बराबर बैठ सकती है। उन्होंने इसके पीछे वाहन की ईंधन दक्षता और चलते समय बिजली पैदा होने की क्षमता को आधार बताया।
सरकार के मुताबिक, भारत ने 2025-26 में औसतन 20 फीसदी इथेनॉल ब्लेंडिंग हासिल कर ली थी। साथ ही, जुलाई 2026 में पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि फिलहाल सामान्य पेट्रोल में 20 फीसदी से ज्यादा इथेनॉल मिलाने का कोई फैसला नहीं हुआ है। E85 जैसे ज्यादा इथेनॉल वाले ईंधन केवल उसके लिए प्रमाणित फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए हैं।
E20 पर सरकार का क्या कहना है?
E20 को लेकर सरकार का कहना है कि इसके इस्तेमाल से बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने या वाहन बंद पड़ने की पुष्टि नहीं हुई है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, 20 करोड़ से अधिक दोपहिया और 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें इन ईंधनों पर चल रही हैं। एक प्रमुख वाहन कंपनी के FY2025-26 के सर्विस डेटा में 2.84 करोड़ वाहनों की जांच के दौरान करीब 1.5 करोड़ पुराने वाहनों में भी E20 से जुड़ी असामान्य घिसावट या इंजन क्षति नहीं मिली।
किसानों से लेकर ईंधन आयात तक पर नजर
गडकरी ने इथेनॉल नीति को किसानों से भी जोड़ा। उनका कहना है कि मक्का से इथेनॉल बनाने की अनुमति से उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिला है। सरकार भी इथेनॉल कार्यक्रम को ऊर्जा सुरक्षा, किसानों की आय और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने से जोड़ती रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम से अब तक विदेशी मुद्रा की बचत और किसानों को भुगतान में बड़ा योगदान हुआ है।
बाइक टैक्सी को लेकर भी गडकरी का बड़ा जोर
कार्यक्रम में गडकरी ने बाइक टैक्सी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने राज्यों के परिवहन मंत्रियों से गांवों और छोटे शहरों के युवाओं को दोपहिया आधारित टैक्सी सेवाओं के लिए प्लेटफॉर्म देने की बात कही।
गडकरी का कहना था कि इससे ऐसे लोगों के लिए कमाई का रास्ता खुल सकता है, जिनके पास पहले से दोपहिया वाहन है। उन्होंने दावा किया कि ऐप आधारित प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संख्या में रोजगार पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने रैपिडो का उदाहरण देते हुए भी रोजगार का दावा किया।


