EV यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! अब लगेंगे 30 हजार नए चार्जिंग पॉइंट, चार्जिंग होगी मिनटों में आसान

EV Charging Stations 2026: 30 हजार नए चार्जिंग पॉइंट लगेंगे, इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करना होगा आसान

Jyotsana Singh
Published on: 11 July 2026 4:57 PM IST
EV Charging Stations 2026
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EV Charging Stations 2026

EV Charging Stations 2026: पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार द्वार निरंतर चलाए जा रहे अभियान के फ्लस्वरूप देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक कार और टू-व्हीलर खरीद रहे हैं। चार्जिंग स्टेशन की कमी अब भी EV अपनाने में सबसे बड़ी चुनौती मानी जाती रही है। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार कर रही है। नई योजना के तहत करीब 30 हजार नए EV चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे। इस परियोजना के पूरा होने के बाद इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को चार्जिंग के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और लंबी दूरी की यात्रा भी पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगी।

30 हजार नए चार्जिंग पॉइंट लगाने की तैयारी

ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की नई EV पॉलिसी 2026 के तहत राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में चार्जिंग नेटवर्क को मौजूदा करीब 9,000 पॉइंट से बढ़ाकर 30,000 पॉइंट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य तेजी से बढ़ रही इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या के अनुरूप मजबूत चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है, ताकि लोगों को चार्जिंग के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।

15 हजार करोड़ रुपये का बड़ा निवेश

इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए करीब 15 हजार करोड़ रुपये के निवेश और प्रोत्साहन (इंसेंटिव) का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि मजबूत चार्जिंग नेटवर्क बनने से इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को भी नई रफ्तार मिलेगी। इसके साथ ही निजी कंपनियों को भी चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में चार्जिंग सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो सके।

दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड को मिली जिम्मेदारी

इस परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। एजेंसी का काम चार्जिंग स्टेशन के लिए जमीन उपलब्ध कराना, सिंगल-विंडो क्लीयरेंस देना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना होगा। इससे चार्जिंग स्टेशन लगाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी तेज होने की उम्मीद है।

हाई-स्पीड डीसी फास्ट चार्जर्स पर रहेगा जोर

नई योजना में लगाए जाने वाले करीब 30 प्रतिशत चार्जिंग पॉइंट डीसी फास्ट चार्जर्स होंगे। ये आधुनिक चार्जर वाहन और बैटरी की क्षमता के अनुसार लगभग 30 से 40 मिनट में कार को काफी हद तक चार्ज करने में सक्षम होंगे। इससे खासकर लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को बड़ा लाभ मिलेगा।

इन जगहों पर मिलेंगे चार्जिंग स्टेशन

सरकार चार्जिंग स्टेशन ऐसे स्थानों पर स्थापित करने की योजना बना रही है, जहां लोगों की आवाजाही अधिक रहती है। इनमें प्रमुख रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे, पेट्रोल पंप, मेट्रो स्टेशन, बस टर्मिनल और सार्वजनिक पार्किंग शामिल हैं। इसके अलावा, आवासीय क्षेत्रों में भी चार्जिंग सुविधा बढ़ाई जाएगी। इसके लिए आरडब्ल्यूए, हाउसिंग सोसायटी, कार्यालयों की पार्किंग, कॉर्पोरेट कैंपस और बड़े शॉपिंग मॉल में एसी स्लो और मीडियम चार्जर लगाए जाएंगे, ताकि लोग रात के समय आसानी से अपनी गाड़ी चार्ज कर सकें।

EV खरीदने वालों को मिलेगा बड़ा फायदा

चार्जिंग नेटवर्क बढ़ने से सबसे बड़ा फायदा नए और मौजूदा इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को मिलेगा। अभी कई लोग चार्जिंग स्टेशन की कमी और रेंज एंग्जायटी की वजह से EV खरीदने से हिचकिचाते हैं। नए चार्जिंग पॉइंट बनने के बाद यह चिंता काफी हद तक कम हो जाएगी। लंबी यात्रा के दौरान भी हाईवे और एक्सप्रेसवे पर नियमित अंतराल पर चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध होने से वाहन चालकों को आसानी होगी। इससे इलेक्ट्रिक कारों का उपयोग केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इंटरसिटी यात्रा भी अधिक सुविधाजनक बनेगी।

पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को होगा लाभ

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ेगा, जिससे पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होगी। इसके परिणामस्वरूप वायु प्रदूषण में कमी आएगी और कार्बन उत्सर्जन घटाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।

इसके अलावा, चार्जिंग स्टेशन लगाने, उनके संचालन और रखरखाव से हजारों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। निजी निवेश बढ़ने से EV सेक्टर में नई कंपनियों के आने की संभावना भी मजबूत होगी।

सरकार का बड़ा लक्ष्य

केंद्र और राज्य सरकारें आने वाले वर्षों में देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने पर लगातार काम कर रही हैं। नई चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार के साथ बैटरी तकनीक, फास्ट चार्जिंग और स्मार्ट चार्जिंग सिस्टम पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत चार्जिंग नेटवर्क बनने के बाद भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार और तेज होगी।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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