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iOS 27 Parental Controls: बच्चों के iPhone में अब मनमाने ऐप नहीं चलेंगे? iOS 27 के नए नियम जानकर रह जाएंगे हैरान
iOS 27 Parental Controls: Apple के पैरेंटल कंट्रोल से बच्चों के iPhone पर ऐप डाउनलोड, इन-ऐप खरीदारी, वेबसाइट एक्सेस और स्क्रीन टाइम को नियंत्रित किया जा सकता है। जानिए Ask to Buy, Child Account और Communication Safety जैसे फीचर्स कैसे काम करते हैं।
iOS 27 Parental Controls: Manage Kids' Apps, Screen Time and Website Access
iOS 27 Parental Controls: बच्चों को स्मार्टफोन देना आज के समय में माता-पिता की जरूरत बन गया है, लेकिन इसके साथ यह चिंता भी बढ़ती है कि बच्चे फोन पर क्या देख रहे हैं, कौन-से ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं और इंटरनेट पर किन लोगों से बात कर रहे हैं। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए Apple ने बच्चों के लिए पैरेंटल कंट्रोल को बेहतर बनाने पर जोर दिया है। नए कंट्रोल के जरिए माता-पिता बच्चों के फोन में ऐप्स के इस्तेमाल, वेबसाइट खोलने, नए कॉन्टैक्ट जोड़ने और स्क्रीन टाइम जैसी गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। हालांकि, इन सुविधाओं की उपलब्धता iOS के वास्तविक वर्जन और डिवाइस पर निर्भर करती है। ऐसे में आइए समझते हैं कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए ये फीचर कैसे काम करते हैं और माता-पिता को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
iOS 27 में बच्चों के iPhone के लिए क्या बदला?
Apple के पैरेंटल कंट्रोल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से सुरक्षित डिजिटल माहौल देना है। फोन सेटअप करते समय माता-पिता यह तय कर सकते हैं कि बच्चे के डिवाइस में कौन-से ऐप उपलब्ध होने चाहिए। वे जरूरी ऐप चुन सकते हैं, उम्र के अनुसार सुझाए गए विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं या अपनी पसंद से ऐप्स की सूची तैयार कर सकते हैं। इससे बच्चों को फोन देने के बाद अलग-अलग सेटिंग्स में जाकर प्रतिबंध लगाने की परेशानी कम हो सकती है। हालांकि, कौन-से विकल्प उपलब्ध होंगे, यह संबंधित सॉफ्टवेयर वर्जन पर निर्भर करेगा।
Child Account से उम्र के हिसाब से लगेंगी पाबंदियां
Apple का Child Account बच्चों के लिए उम्र के अनुरूप डिजिटल अनुभव तैयार करने में मदद करता है। इसके जरिए माता-पिता ऐप्स, वेबसाइटों, फिल्मों और संगीत की उम्र संबंधी रेटिंग के आधार पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। कम उम्र के बच्चों के लिए ज्यादा सख्त नियम रखे जा सकते हैं, जबकि बड़े बच्चों को उनकी जरूरत के हिसाब से अधिक स्वतंत्रता दी जा सकती है। Apple के पारिवारिक अकाउंट सिस्टम में उम्र और देश के नियमों के अनुसार सुविधाएं अलग-अलग हो सकती हैं।
ऐप डाउनलोड और खरीदारी के लिए लेनी होगी मंजूरी
बच्चे कई बार गेम या दूसरे ऐप डाउनलोड करते समय उनके भीतर होने वाली खरीदारी पर ध्यान नहीं देते। इससे माता-पिता को अनचाहे खर्च का सामना करना पड़ सकता है। Apple का Ask to Buy फीचर इस समस्या को कम करने में मदद करता है। इसके जरिए माता-पिता बच्चों के ऐप डाउनलोड और इन-ऐप खरीदारी के अनुरोध को मंजूर या अस्वीकार कर सकते हैं। परिवार की सेटिंग और लागू नियमों के अनुसार यह सुविधा मुफ्त ऐप्स के अनुरोधों पर भी लागू हो सकती है। इससे बच्चों के फोन पर होने वाले खर्च को नियंत्रित करना आसान हो जाता है।
नई वेबसाइट खोलने से पहले मांगी जा सकती है अनुमति
इंटरनेट पर मौजूद हर वेबसाइट बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं होती। इसी वजह से वेबसाइटों पर नियंत्रण पैरेंटल कंट्रोल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। Ask to Browse जैसी सुविधा के जरिए छोटे बच्चों को किसी नई वेबसाइट पर जाने से पहले माता-पिता की अनुमति लेने का विकल्प मिल सकता है। अनुरोध मिलने पर माता-पिता लिंक देखकर फैसला कर सकते हैं कि बच्चे को वेबसाइट खोलने दी जाए या नहीं। टीनएजर्स के लिए इस तरह के नियंत्रण की सेटिंग अलग हो सकती है। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि वेबसाइट संबंधी प्रतिबंधों का दायरा इस्तेमाल किए जा रहे ब्राउजर और उसकी सेटिंग्स पर निर्भर करता है।
नए कॉन्टैक्ट जोड़ने और संवेदनशील तस्वीरों पर भी नजर
बच्चे फोन पर किससे बात करते हैं, यह उनकी ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ा अहम सवाल है। Apple के कम्युनिकेशन कंट्रोल के जरिए Messages, FaceTime और Phone जैसे ऐप्स में संपर्कों को संभालने के लिए माता-पिता को कुछ अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं। इसके अलावा Communication Safety फीचर संवेदनशील तस्वीरों की पहचान कर उन्हें ब्लर कर सकता है, ताकि बच्चे उन्हें अचानक न देख लें। इसका उद्देश्य बच्चों को अनुचित सामग्री से बचाना और उन्हें ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। हालांकि, यह सुविधा हर तरह की सामग्री को पहचानने की गारंटी नहीं देती।
Screen Time से गेम और सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर नियंत्रण
बच्चे पढ़ाई के समय फोन इस्तेमाल न करें और मनोरंजन में जरूरत से ज्यादा समय न बिताएं, इसके लिए स्क्रीन टाइम सेटिंग उपयोगी है। माता-पिता अलग-अलग ऐप्स या ऐप श्रेणियों के लिए समय सीमा तय कर सकते हैं। इससे गेम, वीडियो और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को संतुलित करने में मदद मिलती है। वे बच्चे के फोन इस्तेमाल का समय भी देख सकते हैं और जरूरत के अनुसार डिवाइस के इस्तेमाल का शेड्यूल बदल सकते हैं। हालांकि, समय सीमा तय करने के साथ बच्चों को फोन के संतुलित इस्तेमाल की आदत सिखाना भी जरूरी है।
क्या हर ऐप पर लागू होंगे नए पैरेंटल कंट्रोल?
बच्चों की सुरक्षा के लिए ये सुविधाएं उपयोगी हैं, लेकिन इन्हें हर ऐप पर एक जैसा प्रभावी नहीं माना जा सकता। कुछ नियंत्रण Apple के अपने ऐप्स या समर्थित ब्राउजर में बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं, जबकि दूसरे ऐप्स में उनका असर संबंधित डेवलपर के समर्थन पर निर्भर करता है। इसके अलावा, कुछ सुविधाएं देश, भाषा, डिवाइस और सॉफ्टवेयर वर्जन के अनुसार उपलब्ध हो सकती हैं। इसलिए माता-पिता को अपने iPhone की सेटिंग्स में जाकर उपलब्ध विकल्पों की जांच करनी चाहिए और जरूरी अपडेट इंस्टॉल रखना चाहिए।
बच्चों को iPhone देने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
माता-पिता को बच्चे की उम्र के अनुसार ऐप्स चुनने, वेबसाइटों पर उचित प्रतिबंध लगाने, खरीदारी के अनुरोधों की मंजूरी तय करने और स्क्रीन टाइम की सीमा निर्धारित करने से शुरुआत करनी चाहिए। बच्चों को यह भी समझाना जरूरी है कि वे अनजान लोगों के साथ निजी जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। तकनीकी प्रतिबंध मददगार हैं, लेकिन बच्चों से खुलकर बातचीत करना और उन्हें ऑनलाइन खतरों की जानकारी देना उतना ही महत्वपूर्ण है।


