Japan: धरती हिलेगी, लेकिन नहीं गिरेगा घर! जापान ने बनाई गजब की भूकंपरोधी टेक्नोलॉजी

Japan Earthquake Resistant Technology: भूकंप आते ही हवा में उठ जाता है घर, जानिए कैसे काम करती है यह तकनीक

Jyotsana Singh
Published on: 7 July 2026 12:45 PM IST
Japan Earthquake Resistant Technology
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Japan Earthquake Resistant Technology 2026 

Japan Earthquake Resistant Technology: भूकंप कब और कहां आएगा, इसका सटीक अनुमान आज भी वैज्ञानिक नहीं लगा पाए हैं। ऐसे में जान-माल का सबसे बड़ा खतरा इमारतों के गिरने से होता है। इसी चुनौती से निपटने के लिए जापान की एक कंपनी ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जो भूकंप के शुरुआती झटके महसूस होते ही पूरे घर को कुछ सेंटीमीटर हवा में उठा देती है। इससे जमीन से आने वाले कंपन का असर काफी हद तक कम हो जाता है और इमारत को नुकसान पहुंचने की आशंका घट जाती है। यह तकनीक अब सिर्फ प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जापान में कई घरों और इमारतों में इस्तेमाल भी की जा रही है।

भूकंप प्रभावित देश जापान में क्यों बनी ऐसी तकनीक?

जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। यह देश प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित है, जहां पृथ्वी की कई टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं। इसी कारण यहां हर साल हजारों छोटे-बड़े भूकंप आते हैं। जापान लंबे समय से भूकंपरोधी इमारतों और नई इंजीनियरिंग तकनीकों पर काम करता रहा है। इसी दिशा में अब एक और बड़ा कदम उठाया गया है।

Air Danshin ने तैयार किया अनोखा सिस्टम

जापान की Air Danshin Systems Inc. ने ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो भूकंप आने पर घर को अस्थायी रूप से जमीन से अलग कर देता है। सुनने में यह किसी विज्ञान कथा जैसा लगता है, लेकिन यह तकनीक वास्तविक है और कई जगहों पर काम भी कर रही है। इस तकनीक में घर को एक विशेष एयर चैंबर (Air Chamber) सिस्टम के ऊपर बनाया जाता है। जैसे ही सेंसर भूकंप की शुरुआती हलचल को महसूस करते हैं, सिस्टम तुरंत सक्रिय हो जाता है और कंप्रेस्ड हवा एयर चैंबर में भर दी जाती है। इससे पूरा घर लगभग 3 सेंटीमीटर ऊपर उठ जाता है। जब घर जमीन से थोड़ा ऊपर उठ जाता है, तब जमीन में आने वाले कंपन का सीधा असर इमारत तक नहीं पहुंचता। भूकंप के झटके खत्म होने के बाद सिस्टम धीरे-धीरे हवा निकाल देता है और घर वापस अपनी सामान्य स्थिति में आ जाता है।

एक सेकंड से भी कम समय में हो जाता है एक्टिव

इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसकी गति है। कंपनी के मुताबिक, भूकंप की तरंगें महसूस होने के एक सेकंड से भी कम समय में पूरा सिस्टम सक्रिय हो जाता है। अगर भूकंप के दौरान बिजली चली जाए, तब भी यह सिस्टम बंद नहीं होता। इसमें इमरजेंसी बैटरी बैकअप दिया गया है, जिससे पावर कट होने की स्थिति में भी सुरक्षा बनी रहती है।

केवल घर ही नहीं, फैक्ट्रियों और लैब में भी इस्तेमाल

Air Danshin का दावा है कि जापान में करीब 90 घरों और इमारतों में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। कंपनी ने केवल रिहायशी मकानों के लिए ही नहीं, बल्कि प्रयोगशालाओं, औद्योगिक इकाइयों और फैक्ट्रियों के लिए भी इस सिस्टम का अलग संस्करण तैयार किया है। ऐसी जगहों पर जहां महंगे उपकरण लगे होते हैं या संवेदनशील शोध कार्य होते हैं। वहां यह तकनीक नुकसान कम करने में मददगार साबित हो सकती है।

यह तकनीक कैसे कम करती है नुकसान?

भूकंप के दौरान सबसे अधिक नुकसान इमारत तक पहुंचने वाली कंपन ऊर्जा से होता है। यदि भवन को कुछ समय के लिए जमीन से अलग कर दिया जाए, तो झटकों का असर काफी कम हो सकता है।

इसी सिद्धांत को बेस आइसोलेशन (Base Isolation) कहा जाता है। हालांकि 'एयर डैनशिन का सिस्टम पारंपरिक बेस आइसोलेशन से अलग है। जहां सामान्य बेस आइसोलेशन में रबर और स्टील के विशेष उपकरण लगाए जाते हैं, वहीं यह तकनीक हवा के दबाव का इस्तेमाल करके इमारत को कुछ समय के लिए ऊपर उठा देती है।

क्या इसकी कुछ सीमाएं भी हैं?

कंपनी ने माना है कि यह तकनीक हर स्थिति में पूरी तरह प्रभावी नहीं है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह सिस्टम हल्के और मध्यम तीव्रता वाले भूकंप में बेहतर सुरक्षा दे सकता है, लेकिन बहुत शक्तिशाली भूकंप या अलग-अलग दिशाओं से आने वाली जटिल भूकंपीय तरंगों के दौरान इसकी क्षमता सीमित हो सकती है। इसी वजह से कंपनी लगातार इसके डिजाइन और प्रदर्शन में सुधार कर रही है।

दुनिया में भूकंपरोधी तकनीकों पर तेजी से हो रहा काम

जापान के अलावा अमेरिका, न्यूजीलैंड, चिली और ताइवान जैसे देशों में भी भूकंपरोधी निर्माण तकनीकों पर लगातार शोध हो रहा है। आधुनिक इमारतों में बेस आइसोलेटर, शॉक एब्जॉर्बर, स्टील डैम्पर और फ्लेक्सिबल स्ट्रक्चर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्मार्ट सेंसर और ऑटोमैटिक रिस्पॉन्स सिस्टम के साथ ऐसी तकनीकों को और अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सकता है।

जापान का यह फ्लोटिंग हाउस सिस्टम भविष्य के शहरों की झलक

तेजी से बढ़ते शहरीकरण और जलवायु संबंधी चुनौतियों के बीच सुरक्षित इमारतें भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत बनती जा रही हैं। जापान का यह फ्लोटिंग हाउस सिस्टम आधुनिक इंजीनियरिंग केवल मजबूत इमारतें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा आने पर उन्हें खुद प्रतिक्रिया देने योग्य भी बनाया जा सकता है। यह तकनीक अभी शुरुआती चरण में है। इसमें कई सुधार किए जाने बाकी हैं। लेकिन यदि भविष्य में यह बड़े पैमाने पर सफल साबित होती है, तो भूकंप प्रभावित देशों में लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा के लिए यह एक महत्वपूर्ण समाधान बन सकती है।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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