Phone Battery Safety: चार्जिंग पर फोन चलाने से बैटरी खराब होती है? जानिए फोन फटने के खतरे का सच

Phone Battery Safety: क्या फोन चार्ज करते समय इस्तेमाल करने से बैटरी खराब होती है या फोन फट सकता है?

Neel Mani Lal
Published on: 13 Oct 2026 7:01 PM IST
Using Phone While Charging|Phone Charging Safety|Latest Hindi News|Samachar Hindi Newstrack
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Phone Battery Safety: मोबाइल की बैटरी कम होते ही हम चार्जर लगाते हैं और फिर उसी फोन पर वीडियो देखने लगते हैं, चैट करते हैं या गेम खेलने लगते हैं। कई लोग तो फोन को चार्जिंग पर लगाए बिना अपना काम ही नहीं कर पाते। लेकिन इसके साथ एक डर भी जुड़ा है कि चार्जिंग के दौरान फोन चलाने से बैटरी खराब हो जाती है या फोन फट सकता है। क्या वाकई ऐसा होता है? क्या फोन चार्ज होते समय उसका इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिए?

इसका सीधा जवाब है कि चार्जिंग के दौरान फोन चलाना आम तौर पर सुरक्षित है, लेकिन फोन का बहुत गर्म होना खतरे की घंटी हो सकता है।

चार्जिंग के समय फोन के अंदर क्या होता है?

आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में लिथियम-आयन बैटरी होती है। इसमें बिजली की मदद से रासायनिक ऊर्जा जमा होती है, जिसे फोन बाद में जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करता है। चार्जिंग के दौरान बैटरी में ऊर्जा जमा होती है, जबकि फोन चलाने पर स्क्रीन, प्रोसेसर, कैमरा, नेटवर्क और दूसरे हिस्से बिजली खर्च करते हैं।

जब फोन चार्जिंग पर लगा होता है और आप उसका इस्तेमाल करते हैं, तो एक तरफ बैटरी में ऊर्जा जमा हो रही होती है और दूसरी तरफ फोन बिजली खर्च कर रहा होता है। चार्जर से मिलने वाली बिजली का कुछ हिस्सा फोन चलाने में इस्तेमाल होता है और बाकी बैटरी को चार्ज करने में मदद करता है। इसी वजह से फोन चलाते रहने पर बैटरी धीरे चार्ज हो सकती है। अगर आप बहुत ज्यादा बिजली खर्च करने वाला काम कर रहे हैं, तो चार्जिंग की रफ्तार और कम हो सकती है।

फोन गर्म क्यों होता है?

फोन चार्ज करते समय थोड़ा गर्म होना सामान्य हो सकता है। बैटरी में ऊर्जा जमा करने की प्रक्रिया में कुछ गर्मी पैदा होती है। इसके अलावा फोन चलाने पर उसका प्रोसेसर, स्क्रीन और नेटवर्क भी गर्मी पैदा करते हैं। जब ये दोनों काम एक साथ होते हैं, तो फोन का तापमान बढ़ सकता है।

मिसाल के तौर पर, अगर आप चार्जिंग के दौरान संदेश पढ़ रहे हैं या कुछ देर इंटरनेट चला रहे हैं, तो फोन पर बहुत ज्यादा दबाव नहीं पड़ता। लेकिन अगर आप भारी ग्राफिक्स वाला गेम खेल रहे हैं, लंबे समय तक वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं या तेज धूप में रास्ता देखने के लिए फोन पर नक्शा चला रहे हैं, तो प्रोसेसर और दूसरे हिस्सों को ज्यादा काम करना पड़ता है। ऐसे में चार्जिंग से पैदा होने वाली गर्मी भी जुड़ जाती है।

तेज चार्जिंग और बिना तार वाले चार्जर से भी कुछ परिस्थितियों में फोन ज्यादा गर्म हो सकता है। गर्म मौसम, फोन पर मोटा कवर, कमजोर नेटवर्क और एक साथ कई ऐप चलाना भी तापमान बढ़ा सकते हैं। सैमसंग की सलाह है कि अगर फोन गर्म हो रहा हो, तो इस्तेमाल रोककर उसे ठंडा होने देना चाहिए।

क्या चार्जिंग के दौरान फोन चलाने से बैटरी जल्दी खराब होती है?

इस सवाल का जवाब समझने के लिए गर्मी और बैटरी की उम्र के बीच संबंध जानना जरूरी है। फोन की बैटरी समय के साथ अपनी क्षमता खोती है। यानी नया फोन एक बार चार्ज होने पर जितनी देर चलता था, कुछ साल बाद उतनी देर नहीं चल पाता। यह बैटरी के रासायनिक बदलावों और इस्तेमाल के साथ होने वाली सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।

लेकिन लगातार ज्यादा गर्मी बैटरी की उम्र घटने की रफ्तार बढ़ा सकती है। अगर चार्जिंग के दौरान फोन बार-बार बहुत गर्म होता है, तो लंबे समय में उसकी बैटरी की क्षमता पर असर पड़ सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि चार्जिंग पर फोन उठाते ही बैटरी खराब होने लगती है। कभी-कभार सामान्य इस्तेमाल और घंटों तक फोन को गर्म रखते हुए भारी काम करने में फर्क है।

एप्पल का कहना है कि बहुत गर्म वातावरण में आईफोन इस्तेमाल करने से बैटरी की उम्र स्थायी रूप से कम हो सकती है। फोन का तापमान ज्यादा होने पर वह चार्जिंग की रफ्तार घटा भी सकता है या कुछ समय के लिए चार्जिंग रोक सकता है। ये सुरक्षा उपाय बैटरी को नुकसान से बचाने के लिए होते हैं।

इसलिए बैटरी को लंबे समय तक अच्छी हालत में रखना है, तो केवल यह नियम बनाने की जरूरत नहीं कि चार्जिंग के दौरान फोन छूना ही नहीं है। ज्यादा जरूरी है कि उसे बार-बार बहुत गर्म होने से बचाया जाए, सही चार्जर इस्तेमाल किया जाए और चार्जिंग के समय भारी काम करने से परहेज किया जाए।

क्या फोन फट सकता है या आग लग सकती है?

सामान्य स्थिति में सही फोन और सही चार्जर के साथ चार्जिंग करते समय फोन चलाने से उसके फटने का खतरा नहीं माना जाता। लेकिन किसी भी लिथियम-आयन बैटरी में खराबी, शारीरिक नुकसान या गलत इस्तेमाल के कारण आग लगने का जोखिम हो सकता है। इसलिए यह कहना भी सही नहीं होगा कि फोन कभी फट ही नहीं सकता।

बैटरी बहुत ज्यादा गर्म हो जाए, उसके भीतर खराबी आ जाए या उसमें बिजली का असामान्य प्रवाह होने लगे, तो गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। कुछ मामलों में बैटरी के भीतर ऐसी रासायनिक प्रक्रिया शुरू हो सकती है जिसमें तापमान तेजी से बढ़ता जाता है। इसे तापीय अनियंत्रण यानी थर्मल रनअवे कहा जाता है। ऐसी स्थिति में बैटरी से धुआं निकल सकता है, उसमें आग लग सकती है या वह फट सकती है। यह सामान्य चार्जिंग का नतीजा नहीं, बल्कि बैटरी की खराबी या असुरक्षित परिस्थितियों से जुड़ा जोखिम है।

खतरा तब बढ़ सकता है जब फोन या बैटरी पहले से खराब हो, चार्जिंग तार कटा या टूटा हो, चार्जर घटिया गुणवत्ता का हो या फोन को गर्मी बाहर निकलने की जगह न मिल रही हो। तकिए के नीचे या मोटे कंबल में फोन रखकर चार्ज करना भी सही नहीं है। ऐसी जगह गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और फोन का तापमान बढ़ सकता है।

अगर फोन की बैटरी फूल गई है, फोन से अजीब गंध आ रही है, धुआं निकल रहा है या वह असामान्य रूप से गर्म हो रहा है, तो उसे इस्तेमाल करना और चार्ज करना बंद कर दें। ऐसी बैटरी को खुद खोलने या ठीक करने की कोशिश न करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर अधिकृत मरम्मत केंद्र से मदद लें।

क्या चार्जिंग के दौरान फोन पर बात करना भी खतरनाक है?

सामान्य परिस्थितियों में चार्जिंग पर लगे फोन से बात करना अपने आप में खतरनाक नहीं है। अगर फोन सही है, चार्जर और तार ठीक हैं और फोन असामान्य रूप से गर्म नहीं हो रहा, तो थोड़ी देर बात करने से बैटरी फटने जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका नहीं होती।

फिर भी लंबी बातचीत के दौरान फोन का इस्तेमाल जारी रहता है। स्क्रीन, नेटवर्क और दूसरे हिस्से काम करते हैं, जिससे गर्मी बढ़ सकती है। अगर फोन पहले से गर्म है, तो बातचीत रोककर उसे ठंडा होने देना बेहतर है। खराब तार, ढीला चार्जिंग कनेक्शन या क्षतिग्रस्त चार्जर होने पर जोखिम अलग तरह का होता है, क्योंकि इससे बिजली का झटका लगने या आग लगने की आशंका हो सकती है।

इसलिए फोन पर बात करते समय सिर्फ यह न देखें कि चार्जर लगा है या नहीं। यह भी ध्यान दें कि फोन और चार्जर सामान्य तापमान पर हैं या नहीं। अगर तार या चार्जर में टूट-फूट दिखाई दे, तो उसका इस्तेमाल जारी न रखें।

चार्जिंग के दौरान गेम खेलना ज्यादा नुकसानदेह क्यों हो सकता है?

फोन पर भारी गेम चलाने के दौरान उसका प्रोसेसर और ग्राफिक्स से जुड़ा हिस्सा लगातार काम करते हैं। स्क्रीन भी लंबे समय तक चालू रहती है। इससे बिजली की खपत और गर्मी, दोनों बढ़ सकते हैं। चार्जिंग के दौरान यही काम करने पर फोन को एक साथ बिजली खर्च भी करनी पड़ती है और बैटरी में ऊर्जा भी जमा करनी होती है।

अगर फोन बार-बार बहुत गर्म हो रहा है, तो बैटरी की उम्र पर असर पड़ सकता है। फोन अपनी सुरक्षा के लिए गेम की गति कम कर सकता है, स्क्रीन की चमक घटा सकता है या चार्जिंग धीमी कर सकता है। कुछ फोन तापमान ज्यादा होने पर चार्जिंग अस्थायी रूप से रोक भी देते हैं। इसलिए चार्जिंग के दौरान कभी-कभार गेम खेलना और रोज कई घंटे तक भारी गेम चलाना अलग-अलग बातें हैं।

अगर आप लंबे समय तक गेम खेलते हैं, तो बेहतर है कि फोन को पहले पर्याप्त चार्ज कर लें और खेलते समय चार्जर हटाकर रखें। अगर ऐसा संभव नहीं है, तो गेम के दौरान फोन का तापमान देखते रहें और जरूरत से ज्यादा गर्म होने पर उसे आराम दें। फोन को ठंडा करने के लिए फ्रिज में रखना या उस पर बर्फ लगाना सही तरीका नहीं है। तापमान में अचानक बदलाव और नमी से भी नुकसान हो सकता है।

फोन चार्ज करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

फोन को ऐसी जगह चार्ज करें जहां हवा आती-जाती रहे। उसे तकिए, कंबल या गद्दे के नीचे न रखें। फोन और चार्जर को सीधी धूप या बहुत गर्म जगह से दूर रखें। अगर चार्जिंग के दौरान फोन बार-बार गर्म हो जाता है, तो उसका कवर हटाकर देखें और भारी गेम या वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे काम रोक दें।

फोन के निर्माता की सलाह के मुताबिक सही और सुरक्षित चार्जर तथा तार इस्तेमाल करें। हर तीसरे पक्ष का चार्जर खराब नहीं होता, लेकिन वह फोन के अनुकूल और मान्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना चाहिए। तार का बाहरी हिस्सा फट गया हो, चार्जर टूट गया हो या प्लग असामान्य रूप से गर्म हो रहा हो, तो उसे बदलना बेहतर है। फोन के चार्जिंग वाले हिस्से में नमी होने पर चार्जर न लगाएं।

अगर फोन सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाए, तो चार्जर हटाएं, ऐप बंद करें और फोन को किसी ठंडी, हवादार जगह पर रख दें। उसे सीधे फ्रिज या फ्रीजर में न रखें। अगर फोन बंद होने के बाद भी बहुत गर्म रहता है, बैटरी फूल गई है या चार्जिंग के दौरान बार-बार तापमान की चेतावनी आती है, तो तकनीकी जांच कराना सही रहेगा।

क्या फोन को रात भर चार्जिंग पर छोड़ना चाहिए?

आधुनिक फोन में बैटरी को जरूरत से ज्यादा चार्ज होने से बचाने के लिए नियंत्रण व्यवस्था होती है। बैटरी भरने के बाद फोन बिजली लेने का तरीका बदलता है और कई फोन बैटरी की उम्र बचाने के लिए चार्जिंग की गति भी नियंत्रित करते हैं। इसलिए रात भर चार्जिंग पर छोड़ने का मतलब यह नहीं है कि फोन लगातार पहले जैसी रफ्तार से बिजली खींचता रहेगा।

फिर भी चार्जिंग की जगह और उपकरणों की हालत अहम है। फोन को बिस्तर पर, तकिए के नीचे या ऐसी जगह रखकर चार्ज न करें जहां गर्मी जमा हो। बेहतर है कि उसे सख्त और हवादार सतह पर रखें और निर्माता की बैटरी-सुरक्षा सुविधाएं चालू रखें। अगर फोन रात में असामान्य रूप से गर्म होता है, तो इसे नजरअंदाज न करें।

बैटरी को हर बार शून्य से 100 प्रतिशत तक ले जाना भी जरूरी नहीं है। एप्पल के अनुसार, जरूरत के मुताबिक बीच-बीच में चार्ज करना बैटरी को नुकसान नहीं पहुंचाता। कुछ फोन में बैटरी को लंबे समय तक अच्छी हालत में रखने के लिए अनुकूलित चार्जिंग या चार्ज की अधिकतम सीमा तय करने का विकल्प भी होता है।

फोन चार्ज करते समय इस्तेमाल करें या नहीं?

फोन चार्जिंग पर लगा हो, तो जरूरत पड़ने पर उसे इस्तेमाल करने से डरने की जरूरत नहीं है। संदेश पढ़ना, थोड़ी देर बात करना या हल्का इंटरनेट चलाना आम तौर पर सुरक्षित है। लेकिन चार्जिंग के दौरान लंबे समय तक भारी गेम खेलना, लगातार वीडियो रिकॉर्ड करना या बहुत गर्म माहौल में फोन चलाना उसकी गर्मी बढ़ा सकता है। बार-बार बहुत गर्म होने से बैटरी की उम्र घट सकती है और खराब बैटरी या खराब चार्जिंग उपकरण होने पर सुरक्षा का जोखिम भी बढ़ सकता है।

इसलिए असली नियम यह नहीं है कि चार्जिंग के दौरान फोन को बिल्कुल छूना नहीं चाहिए। सही बात यह है कि फोन और चार्जर अच्छी हालत में हों, गर्मी बाहर निकलने की जगह हो और फोन असामान्य रूप से गर्म होने पर उसका इस्तेमाल रोक दिया जाए। फोन चलाने से ज्यादा चिंता की बात उसका जरूरत से ज्यादा गर्म होना है। इस फर्क को समझ लेने से बेवजह के डर से भी बचा जा सकता है और बैटरी की उम्र तथा अपनी सुरक्षा का ध्यान भी रखा जा सकता है।

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