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Purani Car Ko Smart Kaise Banaye: नई कार खरीदने की जरूरत नहीं! इस ट्रिक से पुरानी कार में भी मिलेंगे हाईटेक फीचर्स
Purani Car Ko Smart Kaise Banaye: नई कार खरीदे बिना स्मार्टफोन और कुछ सस्ते एक्सेसरीज की मदद से अपनी पुरानी कार में स्मार्ट फीचर्स जोड़ें। जानें आसान तरीका।
Purani Car Ko Smart Banane Ki Aasan Tips
Purani Car Ko Smart Banane Ki Aasan Tips: भारतीय ऑटो बाजार अब एडवांस टेक्नोलॉजी की तरह तेजी से कदम बढ़ाता जा रहा है। यही वजह है कि अब लो बजट सेगमेंट में भी एडवांस फीचर्स मौजूद रहते हैं। खासतौर से नई कारों में मिलने वाले बड़े टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम अब लोगों की पहली पसंद बन चुके हैं। लेकिन आज भी भारत की सड़कों पर लाखों ऐसी कारें दौड़ रही हैं जिनमें फैक्ट्री फिटेड टचस्क्रीन नहीं है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए नई कार खरीदने या महंगा सिस्टम लगवाने की जरूरत नहीं पड़ती। आपका स्मार्टफोन ही कार के अंदर नेविगेशन, म्यूजिक, कॉलिंग और वॉयस कमांड जैसी कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा सकता है। कुछ आसान एक्सेसरीज और सही सेटअप के जरिए पुरानी कार को भी स्मार्ट बनाया जा सकता है।
स्मार्टफोन बन सकता है आपकी कार का स्मार्ट कंट्रोल सेंटर
पिछले कुछ वर्षों में स्मार्टफोन की तकनीक काफी एडवांस हुई है। आज लगभग हर स्मार्टफोन में जीपीएस, वॉयस असिस्टेंट, इंटरनेट कनेक्टिविटी और हाई-क्वालिटी ऑडियो सपोर्ट मिलता है। यही वजह है कि कई लोग अलग से इंफोटेनमेंट सिस्टम लगाने की बजाय अपने स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं।
कार में स्मार्टफोन का सही इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले एक मजबूत मोबाइल होल्डर लगाना जरूरी है। इससे फोन ड्राइविंग के दौरान सुरक्षित तरीके से सामने दिखाई देता रहता है और बार-बार हाथ में लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
रियल टाइम नेविगेशन का मिलेगा फायदा
अगर आपकी कार में टचस्क्रीन नहीं है तो भी आप Google Maps, Apple Maps या अन्य नेविगेशन ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन ऐप्स की मदद से लाइव ट्रैफिक अपडेट, वैकल्पिक रास्ते, टोल की जानकारी और अनुमानित यात्रा समय जैसी सुविधाएं मिलती हैं।
सबसे खास बात यह है कि स्मार्टफोन पर मिलने वाला नेविगेशन कई पुराने इनबिल्ट सिस्टम की तुलना में ज्यादा अपडेटेड और सटीक होता है। इंटरनेट कनेक्शन होने पर मैप लगातार अपडेट होते रहते हैं।
कार के स्पीकर पर सुनें पसंदीदा गाने
स्मार्टफोन को कार के ऑडियो सिस्टम से जोड़कर उसे म्यूजिक हब की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि कार में ब्लूटूथ सुविधा मौजूद है तो कनेक्शन बेहद आसान हो जाता है। पुरानी कारों में ब्लूटूथ नहीं होने पर AUX केबल या FM ट्रांसमीटर का उपयोग किया जा सकता है। इसके बाद Spotify, YouTube Music, JioSaavn, Gaana और अन्य म्यूजिक ऐप्स से पसंदीदा गाने, पॉडकास्ट या ऑडियोबुक सुनी जा सकती हैं।
हैंड्स-फ्री कॉलिंग से बढ़ती है सुरक्षा
ड्राइविंग के दौरान फोन हाथ में लेकर बात करना न सिर्फ खतरनाक है बल्कि कई जगह नियमों का उल्लंघन भी माना जाता है। स्मार्टफोन को कार के ऑडियो सिस्टम से कनेक्ट करके हैंड्स-फ्री कॉलिंग की जा सकती है। इसके अलावा Google Assistant और Siri जैसे वॉयस असिस्टेंट की मदद से केवल आवाज देकर कॉल लगाना, मैसेज सुनना या किसी संपर्क को ढूंढना आसान हो जाता है। इससे ड्राइवर का ध्यान सड़क पर बना रहता है।
कम खर्च में स्मार्ट कार जैसा अनुभव
एक अच्छा मोबाइल होल्डर, चार्जिंग के लिए USB एडॉप्टर और जरूरत पड़ने पर FM ट्रांसमीटर जैसे उपकरण बहुत कम कीमत में उपलब्ध हैं। इनकी मदद से बिना किसी बड़े खर्च के कार में आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठाया जा सकता है। कई विशेषज्ञ भी मानते हैं कि जिन लोगों की कार में टचस्क्रीन नहीं है, उनके लिए स्मार्टफोन आधारित सेटअप सबसे किफायती और व्यावहारिक विकल्प है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
स्मार्टफोन को इंफोटेनमेंट सिस्टम की तरह इस्तेमाल करते समय फोन को हमेशा सुरक्षित होल्डर में लगाएं। ड्राइविंग के दौरान स्क्रीन पर बार-बार नजर डालने या फोन हाथ में लेने से बचें। लंबी यात्रा में बैटरी तेजी से खर्च हो सकती है, इसलिए चार्जर का उपयोग करना बेहतर रहता है।
कम खर्च में पुरानी कार को स्मार्ट बनाने का यह तरीका आज तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और लाखों वाहन मालिक अपनी पुरानी कार में इसे अपनाकर एक स्मार्ट कार की तरह बेहतर ड्राइविंग अनुभव हासिल कर रहे हैं।


