TRENDING TAGS :
खतरे में करोड़ों एंड्रॉयड यूजर्स! Qualcomm Snapdragon चिपसेट में बड़ी खामी, सरकार ने जारी किया हाई अलर्ट
SmartPhone Security Alert: भारत में इस्तेमाल हो रहे करोड़ों एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बड़ी चेतावनी सामने आई है। भारत सरकार की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने Qualcomm Snapdragon प्रोसेसर में कई गंभीर सुरक्षा खामियों का खुलासा किया है।
SmartPhone Security Alert
SmartPhone Security Alert: भारत में इस्तेमाल हो रहे करोड़ों एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बड़ी चेतावनी सामने आई है। भारत सरकार की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने Qualcomm Snapdragon प्रोसेसर में कई गंभीर सुरक्षा खामियों का खुलासा किया है। एजेंसी के मुताबिक इन कमजोरियों का फायदा उठाकर साइबर अपराधी किसी भी स्मार्टफोन में सेंध लगा सकते हैं और यूजर्स का निजी डेटा चुरा सकते हैं। यही वजह है कि सरकार ने सभी एंड्रॉयड यूजर्स को तुरंत अपने फोन अपडेट करने की सलाह दी है।
दरअसल, यह खतरा सिर्फ महंगे फ्लैगशिप स्मार्टफोन तक सीमित नहीं है बल्कि बजट और मिड-रेंज फोन भी इसकी चपेट में हैं। ऐसे में करोड़ों भारतीय यूजर्स के लिए यह अलर्ट बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किन प्रोसेसर में मिली खतरनाक खामी
CERT-In की ताजा एडवाइजरी के अनुसार Qualcomm के कई लोकप्रिय Snapdragon प्रोसेसर इस सिक्योरिटी फ्लॉ से प्रभावित पाए गए हैं। इसमें Snapdragon 8 Gen सीरीज, Snapdragon 7 सीरीज, Snapdragon 6 सीरीज, Snapdragon 4 Gen सीरीज और Snapdragon 888 जैसे प्रोसेसर शामिल हैं। ये चिपसेट भारत में बिकने वाले बड़ी संख्या में स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल किए जाते हैं।
एजेंसी ने बताया कि इन कमजोरियों के जरिए हैकर्स रिमोट कोड एग्जीक्यूशन, मेमोरी करप्शन, डिनायल ऑफ सर्विस और प्रिविलेज एस्केलेशन जैसे खतरनाक साइबर अटैक को अंजाम दे सकते हैं। आसान शब्दों में समझें तो कोई हैकर आपके फोन के सिस्टम तक पहुंच बनाकर उसे कंट्रोल भी कर सकता है।
यूजर्स को कितना बड़ा नुकसान हो सकता है
इस सिक्योरिटी खामी का असर सिर्फ फोन हैंग होने या ऐप क्रैश होने तक सीमित नहीं है। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर कोई डिवाइस इस हमले का शिकार होता है तो हैकर यूजर की निजी जानकारी तक पहुंच बना सकता है। इसमें बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड, फोटो, डॉक्यूमेंट, ईमेल और अन्य संवेदनशील डेटा शामिल हो सकता है।
कुछ मामलों में पूरा सिस्टम भी प्रभावित हो सकता है, जिससे फोन की परफॉर्मेंस खराब होने लगती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मेमोरी करप्शन, बफर ओवरफ्लो, कमजोर इनपुट वैलिडेशन और ऑथराइजेशन संबंधी खामियों की वजह से यह खतरा पैदा हुआ है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यह समस्या सिर्फ स्मार्टफोन तक सीमित नहीं है। टैबलेट, नेटवर्किंग डिवाइस, वायरलेस प्रोडक्ट्स, ऑटोमोटिव सिस्टम और इंटरनेट ऑफ थिंग्स यानी IoT डिवाइस भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।
खुद को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत करें ये काम
सरकारी एजेंसी ने सभी यूजर्स और संगठनों को सलाह दी है कि वे अपने डिवाइस में उपलब्ध लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट तुरंत इंस्टॉल करें। स्मार्टफोन कंपनियां धीरे-धीरे सिक्योरिटी पैच जारी कर रही हैं, इसलिए फोन की सेटिंग्स में जाकर सॉफ्टवेयर अपडेट जरूर चेक करें।
इसके अलावा किसी भी अनजान वेबसाइट या थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म से ऐप डाउनलोड करने से बचना चाहिए। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि पुराने स्मार्टफोन सबसे ज्यादा जोखिम में होते हैं क्योंकि उन्हें लंबे समय तक सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलते।
यदि आपके फोन में अचानक स्लोनेस, ऐप्स का बार-बार बंद होना, बैटरी तेजी से खत्म होना या अनजान एक्टिविटी दिखाई दे रही है तो तुरंत डिवाइस की जांच करानी चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही आपके निजी डेटा और बैंकिंग सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।


