Scorpio-N vs Innova Crysta: BMC ने 6 महीने में क्यों बदली SUV?

Scorpio-N vs Innova Crysta: BMC के अधिकारियों ने आराम को लेकर Scorpio-N पर सवाल उठाए। जानें क्यों Innova Crysta को ज्यादा आरामदायक माना जा रहा है।

Jyotsana Singh
Published on: 22 Aug 2026 9:00 AM IST
Scorpio-N vs Innova Crysta: Why Did BMC Switch Cars in Just 6 Months?
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Scorpio-N vs Innova Crysta: Why Did BMC Switch Cars in Just 6 Months?

Scorpio-N vs Innova Crysta: मुंबई की सड़कों पर चलने वाली गाड़ियों को लेकर बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) का एक फैसला इन दिनों चर्चा में है। वजह सड़क, ट्रैफिक या ईंधन की कीमत नहीं, बल्कि गाड़ी की सीट पर बैठने के बाद होने वाला कमर दर्द है। BMC के कुछ प्रमुख पदाधिकारियों ने कथित तौर पर महिंद्रा स्कॉर्पियो-N को लंबे सफर और आधिकारिक दौरों के लिए पर्याप्त आरामदायक नहीं बताया है। इसके बाद करीब छह महीने पहले खरीदी गई स्कॉर्पियो-N की जगह टोयोटा इनोवा क्रिस्टा लेने का प्रस्ताव सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, BMC करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से छह नई इनोवा क्रिस्टा खरीदने की तैयारी में है। जिन पदाधिकारियों के लिए यह प्रस्ताव है, उनमें हाउस लीडर, विपक्ष के नेता और विभिन्न वैधानिक समितियों के अध्यक्ष शामिल हैं। यह मामला एक प्रस्ताव से जुड़ा है और BMC की ओर से इसे लेकर आधिकारिक तौर पर सभी दावों की पुष्टि सामने नहीं आई है।

स्कॉर्पियो-N में आखिर दिक्कत क्या है?

यहां सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि स्कॉर्पियो-N खराब कार है या इनोवा ज्यादा अच्छी। असल फर्क दोनों गाड़ियों के डिजाइन और इस्तेमाल के उद्देश्य में है।

स्कॉर्पियो-N एक बॉडी-ऑन-फ्रेम, ऊंची और मजबूत SUV है। इसकी ऊंचाई 1,857 मिमी है, जबकि इनोवा क्रिस्टा की ऊंचाई करीब 1,795 मिमी है। दोनों में लैडर-फ्रेम चेसिस का इस्तेमाल होता है, लेकिन उनकी ट्यूनिंग और सड़क पर व्यवहार अलग है। स्कॉर्पियो-N की ऊंची बॉडी और SUV सेटअप का फायदा खराब सड़कों और उबड़-खाबड़ रास्तों पर मिलता है। लेकिन इसका एक असर यह भी है कि मोड़, गड्ढे या अचानक दिशा बदलने पर बॉडी मूवमेंट ज्यादा महसूस हो सकता है। ऑटोमोबाइल की भाषा में इसे बॉडी रोल और बॉडी टॉस से समझा जा सकता है। Team-BHP की समीक्षा में भी स्कॉर्पियो-N के लो-स्पीड राइड को कुछ हद तक जिगली बताया गया था और तेज मोड़ पर इसकी ऊंचाई के कारण बॉडी रोल महसूस होने की बात कही गई थी।

सस्पेंशन की ट्यूनिंग भी बड़ा कारण

गाड़ी का आराम सिर्फ सीट की गद्दी से तय नहीं होता। इसमें सस्पेंशन की ट्यूनिंग, टायर, व्हील साइज, बॉडी की ऊंचाई और चेसिस का व्यवहार अहम भूमिका निभाते हैं।

स्कॉर्पियो-N में आगे डबल विशबोन और पीछे मल्टी-लिंक सस्पेंशन दिया गया है। इसका सेटअप खराब रास्तों को संभालने और मजबूत ड्राइविंग के लिए बनाया गया है। कम स्पीड पर छोटे गड्ढों और सड़क के जोड़ से आने वाली हलचल यात्रियों तक महसूस हो सकती है।

यही कारण है कि रोजाना लंबे समय तक पिछली सीट पर बैठने वाले व्यक्ति को ऐसी हलचल ज्यादा परेशान कर सकती है। खासकर मुंबई जैसे शहर में, जहां ट्रैफिक, स्पीड ब्रेकर, टूटे हिस्से और बार-बार ब्रेक लगाने की स्थिति आम है।

इनोवा क्रिस्टा क्यों मानी जाती है आरामदायक?

टोयोटा इनोवा क्रिस्टा का पूरा डिजाइन एक आरामदायक MPV और लॉन्ग-डिस्टेंस क्रूजर जैसा है। इसका केबिन यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और इसकी दूसरी पंक्ति लंबे सफर में आराम के लिए काफी लोकप्रिय रही है। Scorpio-N और Innova Crysta की तुलना में भी ऑटो एक्सपर्ट्स ने दोनों के स्वभाव में अंतर बताया है। जहां स्कॉर्पियो-N को ज्यादा ड्राइविंग एंगेजमेंट और SUV वाला अनुभव मिलता है, वहीं इनोवा ज्यादा शांत और आरामदायक क्रूजिंग पर केंद्रित नजर आती है।

इनोवा क्रिस्टा की लंबाई भी 4,735 मिमी है, जबकि स्कॉर्पियो-N 4,662 मिमी लंबी है। दोनों का व्हीलबेस 2,750 मिमी है, लेकिन इनोवा का डिजाइन यात्रियों के लिए ज्यादा पारंपरिक MPV पैकेज देता है।

Scorpio-N को लेकर सकारात्मक पहलू

BMC विवाद के साथ ही ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्कॉर्पियो-N को असुविधाजनक या खराब कार कहना सही नहीं होगा। इसकी राइड क्वालिटी को लेकर कई समीक्षाओं में खराब रास्तों पर इसके अच्छे प्रदर्शन की तारीफ भी हुई है। हाईवे पर इसकी राइड ज्यादा स्थिर और बेहतर महसूस हो सकती है।

दरअसल, दोनों गाड़ियों की प्राथमिकता अलग है। स्कॉर्पियो-N में SUV की मजबूती, ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस और खराब रास्तों से निपटने की क्षमता महत्वपूर्ण है। दूसरी तरफ इनोवा क्रिस्टा का सबसे बड़ा फोकस यात्रियों को आरामदायक तरीके से लंबी दूरी तय कराना है।

BMC का मामला क्यों बना चर्चा का विषय?

विवाद इसलिए ज्यादा बड़ा है क्योंकि BMC ने कुछ ही महीने पहले स्कॉर्पियो-N खरीदी थी। अब छह गाड़ियों को बदलकर इनोवा क्रिस्टा लेने की योजना पर करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। ऐसे में सवाल सिर्फ कार के आराम का नहीं, बल्कि सरकारी पैसे के इस्तेमाल और खरीद प्रक्रिया का भी है। यानी BMC का मामला एक नजीर बन गया है कि, महंगी, मजबूत और बड़ी SUV होना जरूरी नहीं कि वह पिछली सीट पर लंबे सफर के लिए सबसे आरामदायक कार भी हो। ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक गाड़ी खरीदते समय सिर्फ इंजन, फीचर्स और सड़क पर रौब नहीं, बल्कि सस्पेंशन, सीटिंग पोजीशन, बॉडी मूवमेंट और इस्तेमाल का तरीका यानी गाड़ी का इस्तेमाल किस लिहाज से प्रमुखता से किया जाना चाहिए इन पॉइंट्स को भी खासतौर पर देखना चाहिए।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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