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Siri AI: अब ऐप खोलने की जरूरत नहीं? Siri AI से बोलकर होंगे काम, जानें कैसे
Siri AI: Apple का नया Siri 3 लाख से ज्यादा ऐप्स के साथ काम करता है। जानें कैसे बोलकर फोटो एडिट, रिमाइंडर, ईमेल और दूसरे काम कराए जा सकते हैं।
Siri AI: Do More Without Opening Apps, From Messages to Photos and Emails
Siri AI: अगर आपको किसी फोटो को एडिट करके शेयर करना है, किसी मैसेज से रिमाइंडर बनाना है या किसी पुराने ईमेल में जरूरी जानकारी तलाशनी होती है तो इन छोटे-छोटे कामों के लिए अलग-अलग ऐप खोलने और कई स्क्रीन पर जाने की जरूरत पड़ती है। वहीं अब आप बिना किसी जहमत के सिर्फ Siri को अपना ये सारा काम बता कर करवा सकते हैं। Apple अब अपने वॉयस असिस्टेंट को इसी दिशा में ले जाने की तैयारी कर रहा है।
कंपनी का नया Siri AI सिर्फ यूजर की आवाज सुनकर जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह यूजर की बात का मतलब समझकर ऐप्स के अंदर मौजूद जानकारी और फीचर्स का इस्तेमाल करने में सक्षम होगा। Apple के मुताबिक, यह सिस्टम 3 लाख से ज्यादा ऐप्स के साथ काम करने की क्षमता रखता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि Siri हर ऐप का हर काम अपने आप कर सकेगा।
पुराने Siri से कितना अलग होगा नया AI
अब तक Siri का इस्तेमाल मुख्य रूप से अलार्म लगाने, कॉल करने, मौसम पूछने, मैसेज भेजने या सामान्य सवालों के जवाब पाने के लिए किया जाता रहा है। नए Siri AI का दायरा इससे काफी बड़ा होगा। इसे इस तरह तैयार किया जा रहा है कि यूजर को हर काम के लिए कोई खास कमांड याद रखने की जरूरत न पड़े।
यूजर सामान्य बातचीत की तरह अपनी जरूरत बता सकेगा और Siri उसका मतलब समझकर आगे की कार्रवाई कर सकेगा। Apple Intelligence की मदद से Siri स्क्रीन पर मौजूद जानकारी और यूजर के पर्सनल कॉन्टेक्स्ट को भी समझने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अब ऐप खोलने की जरूरत कम हो सकती है
इस बदलाव का सबसे बड़ा असर iPhone के रोजमर्रा के इस्तेमाल में दिखाई दे सकता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी दोस्त ने मैसेज में किसी रेस्टोरेंट का नाम भेजा है तो यूजर Siri से उसके बारे में जानकारी लेने को कह सकता है। इसी तरह किसी मैसेज से रिमाइंडर बनाना, फोटो से जुड़ा काम करना या किसी जानकारी को दूसरे ऐप में इस्तेमाल करना भी आसान हो सकता है।
यानी यूजर को यह तय करने की जरूरत कम होगी कि कौन सा काम किस ऐप में जाकर करना है। Siri यूजर के निर्देश को समझकर संबंधित फीचर तक पहुंचने में मदद कर सकता है।
3 लाख ऐप्स से जुड़ने का क्या है मतलब
यहां 3 लाख ऐप्स वाली बात को समझना जरूरी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि Siri इन सभी ऐप्स के हर फीचर को सीधे नियंत्रित कर सकेगा। किसी ऐप को Siri और Apple Intelligence के साथ गहराई से जोड़ने के लिए डेवलपर्स को Apple के App Intents और संबंधित तकनीक का इस्तेमाल करना होगा।
App Intents के जरिए डेवलपर अपने ऐप के खास कंटेंट और एक्शन को Apple के सिस्टम के लिए उपलब्ध करा सकते हैं। इसके बाद Siri और Apple Intelligence उन फीचर्स को पहचानकर यूजर के निर्देश के मुताबिक इस्तेमाल करने में मदद कर सकते हैं। जैसे-जैसे ज्यादा डेवलपर अपने ऐप्स को इस सिस्टम से जोड़ेंगे, Siri की उपयोगिता भी बढ़ती जाएगी।
एक ऐप की जानकारी दूसरे ऐप में भी काम आएगी
Siri AI का एक अहम बदलाव क्रॉस-ऐप काम करने की क्षमता है। इसका मतलब है कि यूजर को एक काम पूरा करने के लिए बार-बार ऐप बदलने की जरूरत कम हो सकती है। Apple Intelligence अलग-अलग ऐप्स के उपलब्ध डेटा और एक्शन को समझकर उन्हें एक ही काम में इस्तेमाल करने में मदद कर सकता है।
मसलन, किसी मैसेज में मिली जानकारी को लेकर रिमाइंडर बनाना हो या किसी फोटो से जुड़ा काम करना हो, Siri संबंधित ऐप के फीचर तक पहुंचने में मदद कर सकता है। इससे iPhone केवल अलग-अलग ऐप्स का संग्रह नहीं, बल्कि एक ऐसा सिस्टम बन सकता है जहां यूजर अपना काम बताए और AI उसके लिए जरूरी ऐप्स का इस्तेमाल करे।
मैसेजेस, म्यूजिक और रिमाइंडर्स जैसे ऐप्स में भी बदलाव
Apple का लक्ष्य अपने खुद के ऐप्स में भी Siri को ज्यादा उपयोगी बनाना है। Messages, Music और Reminders जैसे ऐप्स में यूजर के निर्देश के आधार पर एक्शन लेने की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। इससे सामान्य कामों के लिए ऐप खोलकर अलग-अलग विकल्प तलाशने की जरूरत कम हो सकती है।
खास बात यह है कि Siri का इस्तेमाल सिर्फ जानकारी खोजने तक सीमित नहीं रहेगा। AI के जरिए यूजर किसी काम को पूरा कराने के लिए भी Siri का सहारा ले सकेगा। यही बदलाव इसे पुराने वॉयस असिस्टेंट से अलग बनाता है।
प्राइवेसी को लेकर Apple का क्या कहना है
Siri को ज्यादा पर्सनल बनाने के साथ प्राइवेसी भी बड़ा मुद्दा है, क्योंकि AI को यूजर की निजी जानकारी और ऐप्स में मौजूद डेटा के साथ काम करना होगा। Apple का कहना है कि Apple Intelligence को प्राइवेसी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कंपनी कई AI प्रोसेसिंग कामों को डिवाइस पर करने और जरूरत पड़ने पर Private Cloud Compute का इस्तेमाल करने की बात करती है।
फिलहाल नए Siri AI फीचर्स की उपलब्धता डिवाइस, भाषा और क्षेत्र के हिसाब से अलग हो सकती है। Apple धीरे-धीरे इन क्षमताओं को यूजर्स तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
iPhone इस्तेमाल करने का तरीका क्यों बदल सकता है
अगर ज्यादा से ज्यादा ऐप्स Siri AI के साथ गहराई से जुड़ते हैं, तो iPhone इस्तेमाल करने का तरीका काफी बदल सकता है। अभी यूजर पहले ऐप चुनता है और फिर उसमें काम करता है। AI आधारित सिस्टम में इसका उल्टा हो सकता है। यानी यूजर पहले अपना काम बताएगा और Siri जरूरत के हिसाब से सही ऐप और फीचर तक पहुंचने में मदद करेगा।
यही वजह है कि Siri का यह बदलाव सिर्फ एक नए वॉयस असिस्टेंट का अपडेट नहीं माना जा रहा। Apple इसे iPhone के साथ बातचीत करने का नया तरीका बनाने की दिशा में ले जा रहा है, जहां ऐप्स के बीच जाने के बजाय यूजर सीधे AI से अपना काम बता सकेगा।


