Smart Glass Technology in Cars: न पर्दे की जरूरत, न सनशेड की टेंशन! एक बटन से बदल जाएगा कार के कांच का रंग

Smart Glass Technology से कार के कांच की पारदर्शिता और शेडिंग एक बटन से बदली जा सकती है। जानें Volvo EX90, Mercedes-Benz Magic Sky Control और Vision V की खासियतें।

Jyotsana Singh
Published on: 22 Oct 2026 8:17 AM IST (Updated on: 22 Oct 2026 8:19 AM IST)
Smart Glass Technology in Cars: Change Glass Tint with One Button|LATEST HINDI NEWS|NEWS TRACK HINDI
X

Smart Glass Technology in Cars: Change Glass Tint with One Button|LATEST HINDI NEWS|NEWS TRACK HINDI


Smart Glass Technology: कारों की दुनिया में अब सिर्फ सनरूफ, बड़ी टचस्क्रीन और एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम ही चर्चा में नहीं हैं। लग्जरी कार निर्माता ऐसी तकनीक पर भी काम कर रहे हैं, जिसमें एक बटन दबाते ही कांच का रंग, पारदर्शिता या प्राइवेसी का स्तर बदला जा सकता है। इसे Smart Glass Technology कहा जाता है। इसकी मदद से तेज धूप में कांच को गहरा किया जा सकता है, जबकि जरूरत पड़ने पर बाहर का नजारा देखने के लिए इसे ज्यादा पारदर्शी रखा जा सकता है। Volvo EX90 से लेकर Mercedes-Benz की स्मार्ट ग्लास वाली कॉन्सेप्ट कारों तक, यह तकनीक कार के केबिन को अधिक आरामदायक बनाने की दिशा में अहम कदम है।

क्या है Smart Glass Technology और कैसे करती है काम?

स्मार्ट ग्लास सामान्य कांच की तरह सिर्फ बाहर का नजारा दिखाने तक सीमित नहीं है। इसमें विशेष इलेक्ट्रॉनिक या प्रकाश-संवेदनशील परतों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनकी मदद से कांच की पारदर्शिता, शेडिंग या प्राइवेसी को नियंत्रित किया जा सकता है। तकनीक के प्रकार के अनुसार यह बदलाव बटन दबाने, बिजली का वोल्टेज बदलने या अन्य नियंत्रणों से हो सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यात्रियों को धूप से बचने के लिए हमेशा अलग से पर्दे या सनशेड का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता। स्मार्ट ग्लास की हर तकनीक एक जैसी नहीं होती। कुछ सिस्टम मुख्य रूप से धूप और चमक कम करते हैं, जबकि कुछ कांच को अपारदर्शी बनाकर प्राइवेसी बढ़ाने में मदद करते हैं।

Volvo EX90 में मिलती है इलेक्ट्रोक्रोमिक पैनोरमिक रूफ

Volvo EX90 इस तकनीक का एक प्रमुख उदाहरण है। इस इलेक्ट्रिक एसयूवी में उपलब्ध इलेक्ट्रोक्रोमिक पैनोरमिक रूफ की मदद से कांच की पारदर्शिता को जरूरत के मुताबिक बदला जा सकता है। ड्राइवर या यात्री अधिक रोशनी के लिए इसे पारदर्शी और तेज धूप में चमक कम करने के लिए टिंटेड मोड में कर सकते हैं। इलेक्ट्रोक्रोमिक तकनीक में बिजली के प्रभाव से कांच की विशेष परत के प्रकाश संबंधी गुण बदलते हैं। इससे केबिन में आने वाली रोशनी को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। रूफ में इस्तेमाल की गई इन्फ्रारेड सुरक्षा व्यवस्था भी धूप से आने वाली गर्मी को कम करने में सहायक हो सकती है।

इस तरह की सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी है, जिन्हें पैनोरमिक रूफ से खुला और प्रीमियम अनुभव पसंद है, लेकिन वे हर समय तेज धूप और चमक नहीं चाहते। हालांकि, इस फीचर की उपलब्धता कार के वेरिएंट और बाजार के अनुसार अलग हो सकती है।

Mercedes-Benz की Magic Sky Control तकनीक

Mercedes-Benz भी अपनी कुछ लग्जरी कारों में Magic Sky Control जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर चुकी है। इस सिस्टम में पैनोरमिक रूफ के कांच की शेडिंग इलेक्ट्रॉनिक तरीके से बदली जा सकती है। जरूरत के अनुसार यात्री ज्यादा रोशनी या गहरा शेड चुन सकते हैं।

इसका मकसद सिर्फ कार को आधुनिक लुक देना नहीं है, बल्कि केबिन में आराम बढ़ाना भी है। खास तौर पर गर्म मौसम में तेज रोशनी और सीधे पड़ने वाली धूप से होने वाली परेशानी कम करने में ऐसी तकनीक मददगार हो सकती है। हालांकि, Magic Sky Control हर Mercedes-Benz कार में उपलब्ध नहीं है और इसकी मौजूदगी मॉडल व बाजार पर निर्भर करती है।

Mercedes-Benz Vision V में साइड विंडो तक स्मार्ट ग्लास का इस्तेमाल

स्मार्ट ग्लास का भविष्य सिर्फ कार की छत तक सीमित नहीं दिख रहा। Mercedes-Benz Vision V कॉन्सेप्ट लग्जरी वैन में कंपनी ने बड़े ग्लास पैनल और केबिन की प्राइवेसी को खास महत्व दिया है। इस कॉन्सेप्ट में SPD और PDLC जैसी तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाएं सामने आई हैं। SPD यानी Suspended Particle Device तकनीक बिजली के प्रभाव से कांच से गुजरने वाली रोशनी को नियंत्रित कर सकती है। वहीं, PDLC यानी Polymer Dispersed Liquid Crystal तकनीक का इस्तेमाल कांच को पारदर्शी या धुंधला बनाने के लिए किया जा सकता है। दोनों का उद्देश्य अलग-अलग हो सकता है, इसलिए इन्हें एक ही तकनीक नहीं समझना चाहिए। Vision V के तकनीकी प्रदर्शन में बड़े ग्लास हिस्सों पर स्मार्ट ग्लास समाधान का इस्तेमाल दिखाया गया है। इससे भविष्य की लग्जरी कारों और वैन में यात्रियों के लिए अधिक निजी और आरामदायक केबिन बनाने की संभावनाएं सामने आती हैं। हालांकि, Vision V एक कॉन्सेप्ट मॉडल है। इसके सभी फीचर्स को फिलहाल बिक्री के लिए उपलब्ध कारों की सुविधा नहीं माना जाना चाहिए।

SPD और PDLC तकनीक में क्या है अंतर?

स्मार्ट ग्लास की दुनिया में SPD और PDLC दो अहम तकनीकें हैं। SPD तकनीक कांच से गुजरने वाली रोशनी को नियंत्रित करने में मदद करती है। इसे धूप की तीव्रता के अनुसार शेडिंग बदलने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। दूसरी ओर, PDLC तकनीक कांच को पारदर्शी से धुंधला बनाने में उपयोगी है, जिससे केबिन के भीतर प्राइवेसी बढ़ाई जा सकती है। Mercedes-Benz Vision V में इन दोनों तकनीकों को मिलाकर इस्तेमाल किया गया है। तकनीकी साझेदार Gauzy के अनुसार, इस कॉन्सेप्ट वाहन के लगभग 75 प्रतिशत ग्लास हिस्से में यह संयुक्त तकनीक लगाई गई थी। इसमें साइड विंडो और केबिन के बीच की पार्टीशन भी शामिल हैं।

क्या भारत में भी बढ़ेगा स्मार्ट ग्लास का इस्तेमाल?

भारत जैसे गर्म मौसम वाले बाजार में स्मार्ट ग्लास तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। तेज धूप, बढ़ता तापमान और कार के केबिन को ठंडा रखने की जरूरत इसे प्रीमियम वाहनों के लिए आकर्षक सुविधा बनाती है। इलेक्ट्रिक कारों में भी ऐसी तकनीक का महत्व हो सकता है, क्योंकि केबिन में गर्मी कम करने से एयर कंडीशनिंग की जरूरत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। वहीं, स्मार्ट ग्लास अभी हर कार में मिलने वाली सामान्य सुविधा नहीं है। इसकी लागत, तकनीकी जटिलता और मॉडल के अनुसार उपलब्धता इसके विस्तार को प्रभावित कर सकती है। साथ ही, कांच को टिंटेड या धुंधला करने वाली तकनीक और सुरक्षा के लिए जरूरी दृश्यता अलग-अलग बातें हैं। ड्राइविंग के दौरान विंडशील्ड और अन्य खिड़कियों से स्पष्ट दृश्यता बनाए रखना जरूरी है। कुल मिलाकर, Smart Glass Technology कारों में आराम, प्राइवेसी और आधुनिक डिजाइन को नया रूप दे रही है। फिलहाल इसका इस्तेमाल चुनिंदा लग्जरी कारों और कॉन्सेप्ट वाहनों में देखने को मिलता है, लेकिन भविष्य में इसके ज्यादा हिस्सों में इस्तेमाल की संभावनाएं बढ़ रही हैं। आने वाले समय में कार का कांच सिर्फ बाहर देखने का माध्यम नहीं, बल्कि रोशनी और प्राइवेसी को नियंत्रित करने वाला एक स्मार्ट फीचर बनने की तैयारी कर रहा है।

Jyotsana Singh
ABOUT THE AUTHOR

Jyotsana Singh

Content Writer Mail ID - jyotsana.b.singh@gmail.comjyotsana.b.singh@gmail.com

Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

Next Story