Smart Water Harvesting Jacket: रेगिस्तान से पहाड़ तक काम आएगी यह स्मार्ट जैकेट, हवा से निकालती है पीने का पानी

Smart Water Harvesting Jacket: अमेरिका के वैज्ञानिकों ने ऐसी स्मार्ट जैकेट विकसित की है जो हवा में मौजूद नमी को इकट्ठा कर पीने योग्य पानी में बदल सकती है।

Jyotsana Singh
Published on: 18 Jun 2026 3:29 PM IST
Smart Water Harvesting Jacket 2026 Smart jacket that extracts drinking water from air humidity
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Smart Water Harvesting Jacket 2026

Smart Water Harvesting Jacket: जरा सोचिए कि आप किसी लंबे और दुर्गम पहाड़ी ट्रैक पर हों या रेगिस्तान में सफर कर रहे हों या किसी ऐसी जगह फंस जाएं जहां पानी उपलब्ध न हो तो आपके लिए उस स्थिति से जूझना कितना मुश्किल भरा हो सकता है। ऐसे में आपकी यह अनोखी जैकेट हवा से पानी बनाकर आपकी प्यास बुझाने का काम कर सकती है। यह किसी साइंस फिक्शन फिल्म की कहानी नहीं बल्कि जल्द ही वास्तविकता बनने वाली तकनीक है। अमेरिका के टेक्सास विश्वविद्यालय के इंजीनियरों ने एक ऐसी स्मार्ट जैकेट विकसित की है जो वातावरण में मौजूद नमी को इकट्ठा करके उसे पीने योग्य स्वच्छ पानी में बदल सकती है। यह खोज भविष्य में जल संकट से निपटने और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की मदद करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

कैसे काम करती है यह स्मार्ट जैकेट?

इस विशेष जैकेट में ऐसे उन्नत फाइबर और कपड़े का इस्तेमाल किया गया है जो हवा में मौजूद नमी को तेजी से सोख लेते हैं। सामान्य कपड़ों की तरह यह केवल नमी को अवशोषित नहीं करती, बल्कि उसे एक विशेष संग्रहण प्रणाली तक पहुंचाती है। जैकेट में लगे मॉड्यूल्स को जरूरत पड़ने पर अलग किया जा सकता है। जब इन्हें एक फोल्ड होने वाले कलेक्टर में रखकर गर्म किया जाता है, तो इनमें जमा नमी पानी के रूप में बाहर निकल आती है। इसके बाद इस पानी को इकट्ठा करके पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

एक दिन में कितना पानी दे सकती है?

शोध के दौरान इस स्मार्ट जैकेट ने वातावरण की आर्द्रता के अनुसार प्रतिदिन लगभग 400 से 900 मिलीलीटर तक पानी तैयार किया। यह मात्रा करीब डेढ़ से चार कप पानी के बराबर है। वहीं यह किसी व्यक्ति की पूरे दिन की पानी की जरूरत पूरी नहीं कर सकती, लेकिन आपातकालीन स्थितियों, ट्रैकिंग, कैंपिंग और दूरदराज के इलाकों में यह बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इसकी कार्यक्षमता मौजूदा कई वायुमंडलीय जल संग्रह तकनीकों की तुलना में काफी बेहतर है।

इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत क्या है?

विशेषज्ञों के अनुसार असली चुनौती ऐसा पदार्थ बनाना नहीं थी जो हवा से पानी सोख सके। चुनौती थी उस नमी को तेजी से इकट्ठा करके उपयोगी मात्रा में पानी में बदलना। शोधकर्ताओं ने ऐसे विशेष फाइबर विकसित किए हैं जो वातावरण से नमी को तेजी से खींचकर स्टोरेज सिस्टम तक पहुंचाते हैं। यही तकनीकी नवाचार इसे अन्य प्रणालियों से अलग बनाता है। इस वजह से यह केवल प्रयोगशाला तक सीमित तकनीक नहीं रह गई, बल्कि वास्तविक जीवन में इस्तेमाल की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।

पानी की कमी से जूझती दुनिया के लिए उम्मीद

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों के अनुसार दुनिया की बड़ी आबादी सुरक्षित पेयजल की समस्या का सामना कर रही है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ती आबादी और भूजल स्तर में गिरावट के कारण आने वाले वर्षों में यह चुनौती और गंभीर हो सकती है। ऐसे में हवा से पानी निकालने वाली तकनीकें भविष्य के लिए महत्वपूर्ण समाधान बन सकती हैं। खासकर उन क्षेत्रों में जहां पानी के प्राकृतिक स्रोत सीमित हैं, वहां यह तकनीक लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकती है।

सिर्फ जैकेट तक सीमित नहीं रहेगा उपयोग

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में केवल कपड़ों तक सीमित नहीं रहेगी। इसे बैकपैक, टेंट, सैन्य उपकरणों, राहत एवं बचाव किट और आउटडोर उपयोग की अन्य वस्तुओं में भी शामिल किया जा सकता है। कैंपिंग के दौरान टेंट या बैग ही हवा से पानी इकट्ठा करने लगे तो इससे यात्रियों, पर्वतारोहियों और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को बड़ी मदद मिल सकती है।

एक अन्य डिवाइस ने भी बनाया रिकॉर्ड

इसी शोध टीम ने एक अलग वायुमंडलीय जल संग्रहण प्रणाली भी विकसित की है जिसने परीक्षणों में शानदार प्रदर्शन किया। न्यू मैक्सिको के शुष्क रेगिस्तानी इलाके और टेक्सास के आर्द्र वातावरण में किए गए परीक्षणों के दौरान इस डिवाइस ने प्रतिदिन करीब 1.3 लीटर स्वच्छ पानी एकत्र किया। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह अब तक विकसित सबसे प्रभावशाली वायुमंडलीय जल संग्रह प्रणालियों में से एक है। इसकी सफलता इस बात का संकेत है कि भविष्य में हवा ही पीने के पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकती है।

जल संकट से निपटने की ओर बढ़ता एक बड़ा कदम

जल संकट आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। ऐसे समय में हवा से पानी बनाने वाली यह स्मार्ट जैकेट केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं बल्कि भविष्य की जरूरतों का समाधान भी हो सकती है। अभी यह तकनीक शुरुआती चरण में है, लेकिन जिस गति से इसका विकास हो रहा है। वह दिन दूर नहीं जब लोग अपने कपड़ों और रोजमर्रा के उपकरणों की मदद से ही पीने का पानी जुटा सकेंगे।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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