TRENDING TAGS :
अब Tata Motors नहीं, ‘TATA.CARS’, क्यों बदला टाटा ने ब्रांड नाम?
TATA.CARS New Brand Identity: Tata Motors ने पैसेंजर कारों के लिए नई ग्लोबल ब्रांड पहचान लॉन्च की है। जानें Nexon, Punch, Harrier और Tata.ev पर क्या असर होगा।
TATA.CARS New Brand Identity
TATA.CARS New Brand Identity: अगर आप टाटा की कार चलाते हैं या आने वाले दिनों में Nexon, Punch, Harrier, Safari या Curvv खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो कंपनी द्वारा किया गया नया ऐलान आपको चौका सकता है, कि क्या दिग्गज ऑटोमेकर कंपनी Tata Motors क्या अब अपना नाम बदलकर TATA.CARS करने जा रही है? असल में कंपनी ने अपने पैसेंजर व्हीकल कारोबार के लिए एक नई कस्टमर-फेसिंग ग्लोबल ब्रांड पहचान TATA.CARS पेश की है। इसके साथ कंपनी ने नया ब्रांड प्रॉमिस 'Nothing's Too far'
भी जारी किया है।
क्यों लाई गई ‘टाटा.कार्स’ की नई पहचान?
टाटा मोटर्स की नई ब्रांड पहचान के पीछे एक खास वजह भी है। भारत में लोग लंबे समय से कंपनी की कारों को आम बोलचाल में ‘टाटा कार’ कहते रहे हैं। इसी परिचित नाम को कंपनी ने अब ग्राहक के सामने अपनी आधिकारिक ब्रांड पहचान का हिस्सा बनाया है। कंपनी का मानना है कि यह नाम लोगों के लिए पहले से जाना-पहचाना है और इससे टाटा की कारों के साथ ग्राहकों का जुड़ाव और मजबूत किया जा सकता है। नई पहचान के जरिए कंपनी अपने यात्री वाहन कारोबार को एक बड़े साझा ब्रांड के तहत पेश करना चाहती है। इसमें छोटी कारों से लेकर एसयूवी और इलेक्ट्रिक वाहनों तक की पूरी श्रृंखला शामिल होगी। इससे कंपनी की अलग-अलग कारों के बीच एक समान ब्रांड पहचान बनाने में मदद मिलेगी।
डिमर्जर के बाद क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
टाटा मोटर्स के यात्री वाहन और वाणिज्यिक वाहन कारोबार को अलग किए जाने के बाद यह बदलाव और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। यात्री वाहन कारोबार के लिए अलग पहचान बनने के साथ कंपनी अब ग्राहकों के बीच अपनी पहचान को और स्पष्ट तरीके से स्थापित करना चाहती है। ऐसे में ‘टाटा.कार्स’ को सिर्फ एक नया नाम नहीं, बल्कि यात्री वाहन कारोबार की नई पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।
कंपनी अब कार बेचने से लेकर खरीद के बाद मिलने वाली सेवाओं तक ग्राहक के पूरे अनुभव को एक समान बनाने पर जोर दे रही है। आने वाले समय में इसका असर कंपनी के विज्ञापनों, डिजिटल मंचों, शोरूम और सेवा केंद्रों की ब्रांडिंग में भी दिखाई दे सकता है।
क्या नेक्सन और पंच का नाम बदल जाएगा?
‘टाटा.कार्स’ नाम सामने आने के बाद टाटा की मौजूदा कारों के नाम को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। लेकिन यहां ग्राहकों के लिए राहत की बात है कि नेक्सन, पंच, हैरियर, सफारी और कर्व जैसे वाहनों के नाम नहीं बदले जाएंगे। नई ब्रांड पहचान का मतलब यह नहीं है कि मौजूदा कारों को नए नाम से बाजार में उतारा जाएगा।
यानी आगे भी टाटा नेक्सन को नेक्सन, पंच को पंच और हैरियर को हैरियर के नाम से ही जाना जाएगा। कंपनी ने अपनी लोकप्रिय कारों की पहचान को बरकरार रखा है। इसलिए जिन लोगों के पास पहले से टाटा की कार है या जो नई कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें इस नाम को लेकर किसी तरह की उलझन में पड़ने की जरूरत नहीं है।
टाटा का लोगो भी नहीं बदलेगा
नई ब्रांड पहचान के बावजूद कारों पर दिखाई देने वाला टाटा का मौजूदा लोगो भी पहले की तरह बना रहेगा। कंपनी ने अपने पहचान चिह्न में बदलाव की घोषणा नहीं की है। इसका मतलब है कि सड़क पर चल रही टाटा की कारों की पहचान पहले जैसी ही रहेगी।
‘टाटा.कार्स’ का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी के यात्री वाहन कारोबार को ग्राहकों के सामने एक नई और आधुनिक पहचान देने के लिए किया जाएगा। इसलिए इसका असर कार के डिजाइन या उसके नाम पर नहीं, बल्कि कंपनी की ब्रांडिंग पर ज्यादा दिखाई देगा।
टाटा.ईवी भी रहेगा नई व्यवस्था का हिस्सा
इलेक्ट्रिक वाहनों के ग्राहकों के लिए भी कंपनी की नई पहचान का मतलब किसी बड़े बदलाव से नहीं है। टाटा का इलेक्ट्रिक वाहन ब्रांड ‘टाटा.ईवी’ अपनी पहचान के साथ आगे भी जारी रहेगा। इसे खत्म नहीं किया जा रहा है, बल्कि नई ‘टाटा.कार्स’ व्यवस्था के भीतर रखा जाएगा।
टाटा मोटर्स पिछले कुछ समय से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में लगातार अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है। ऐसे में कंपनी चाहती है कि पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों की अलग-अलग पहचान होने के बावजूद ग्राहक उन्हें एक बड़े टाटा यात्री वाहन ब्रांड से जोड़कर देखें।
अब टाटा के शोरूम भी दिखेंगे नए अंदाज में
नई ब्रांड पहचान के साथ कंपनी ने अपने दृश्य रूप में भी बदलाव किया है। इसमें ‘एम्बिशन ब्लू’ नाम का नया रंग शामिल है। यह टाटा के पुराने नीले रंग का आधुनिक रूप है। इसके साथ कंपनी ने नए अक्षर डिजाइन, नई दृश्य शैली और नई ध्वनि पहचान भी तैयार की है।
आने वाले समय में टाटा की वेबसाइट, मोबाइल मंच, विज्ञापनों, शोरूम और सेवा केंद्रों में यह नया रूप दिखाई दे सकता है। इसका मकसद अलग-अलग जगहों पर ग्राहकों को एक जैसा और ज्यादा आधुनिक अनुभव देना है।
मौजूदा ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
अगर आपके पास पहले से टाटा की कार है तो इस बदलाव से आपकी कार पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। आपकी कार की वारंटी, सर्विस, स्पेयर पार्ट्स और वाहन से जुड़े जरूरी कागजात पहले की तरह ही मान्य रहेंगे। कंपनी की नई ग्राहक-केंद्रित पहचान का मतलब यह नहीं है कि मौजूदा ग्राहकों को किसी तरह की नई प्रक्रिया से गुजरना होगा।
आने वाले समय में बदलाव मुख्य रूप से कंपनी की ब्रांडिंग में दिखाई देगा। यानी ग्राहक को टाटा के शोरूम या सेवा केंद्र पर नया नाम और नया दृश्य रूप देखने को मिल सकता है, लेकिन उसकी कार और उससे जुड़ी सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।
‘Nothing's Too Far’ का क्या मतलब है?
नई पहचान के साथ कंपनी ने ‘नथिंग्स टू फार’ को अपना नया ब्रांड संदेश बनाया है। इसका आसान अर्थ है कि कोई भी मंजिल बहुत दूर नहीं है। कंपनी इस संदेश के जरिए अपनी कारों को लोगों की जरूरतों, सपनों, यात्राओं और आगे बढ़ने की सोच से जोड़ना चाहती है।
टाटा का मानना है कि आज कार सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाने का साधन नहीं रह गई है। यह परिवार, काम, यात्रा और व्यक्तिगत सपनों से भी जुड़ी हुई है। इसी सोच को कंपनी ने अपने नए ब्रांड संदेश के जरिए सामने रखने की कोशिश की है।
यानी टाटा मोटर्स का नाम नहीं बदला है। ‘टाटा.कार्स’ उसके यात्री वाहन कारोबार की नई ग्राहक-केंद्रित ब्रांड पहचान है। कंपनी की लोकप्रिय कारें अपने पुराने नामों के साथ ही बाजार में बिकती रहेंगी और टाटा का लोगो भी पहले की तरह बना रहेगा।
इसलिए ग्राहकों के लिए यह बदलाव किसी नई कार या नए वाहन नाम की शुरुआत नहीं है। असल बदलाव कंपनी की ब्रांडिंग और ग्राहक अनुभव में है। आने वाले महीनों में जब टाटा के शोरूम, विज्ञापनों और डिजिटल मंचों पर ‘टाटा.कार्स’ की नई पहचान खुलकर नजर आएगी, तब लोगों को इस बदलाव का असर और साफ तौर पर दिखाई देने लगेगा।


