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बदल जाएगी UP की सत्ता! चुनाव पर आया नया सर्वे, BJP-SP-कांग्रेस-BSP को लेकर क्या कहते हैं आंकड़े?
UP Election Survey 2026: News Leader-Matrize के सर्वे में 403 विधानसभा सीटों पर BJP गठबंधन को 267 और SP गठबंधन को 132 सीटों का अनुमान दिया गया है। BSP को 2 सीटें मिलने का अनुमान है। ये चुनाव परिणाम नहीं, बल्कि सर्वे के आंकड़े हैं।
UP Election Survey 2026
UP Election Survey 2026: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में अभी वक्त है, लेकिन सियासी तापमान अभी से बढ़ने लगा है। BJP सत्ता बरकरार रखने की रणनीति पर काम कर रही है तो अखिलेश यादव PDA के जरिए समाजवादी पार्टी का दायरा बढ़ाने में जुटे हैं। कांग्रेस गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है और मायावती भी BSP के संगठन को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश कर रही हैं।
इसी चुनावी हलचल के बीच उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों को लेकर News Leader और Matrize का एक नया प्री-पोल सर्वे सामने आया है।सर्वे में BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन और SP के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच सीटों का बड़ा अंतर दिखाया गया है। लेकिन कहानी सिर्फ 267 बनाम 132 की नहीं है।सर्वे के अंदर पश्चिमी UP, अवध, पूर्वांचल और बुंदेलखंड के आंकड़े भी दिए गए हैं। साथ ही BJP, SP, कांग्रेस और BSP को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आए हैंतो सवाल है सर्वे में किस पार्टी को कितनी सीटें दी गई हैं? BJP और SP के बीच वोट शेयर का अंतर कितना बताया गया है? कांग्रेस कहां खड़ी दिखाई गई है? और BSP के लिए आंकड़े क्या कहते हैं? सबसे पहले पूरे प्रदेश का गणित समझते हैं।
403 सीटों में किसे कितनी? सर्वे का सबसे बड़ा आंकड़ा
News Leader और Matrize के सर्वे को लेकर प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन को 267 सीटों का अनुमान दिया गया है।SP के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए 132 सीटों का अनुमान है। BSP को 2 सीटें और अन्य के खाते में भी 2 सीटें जाने का अनुमान सर्वे में दिया गया है।
यानी सर्वे के आंकड़े इस प्रकार हैं
BJP+ - 267 सीटें
SP+ - 132 सीटें
BSP - 2 सीटें
अन्य - 2 सीटें
लेकिन यहां सबसे जरूरी बात यह है कि ये चुनाव परिणाम नहीं हैं। यह सितंबर 2026 में सामने आया एक प्री-पोल सर्वे है। मतदान तक राजनीतिक परिस्थितियां, उम्मीदवार, गठबंधन और मतदाताओं की प्राथमिकताएं बदल सकती हैं।
BJP अकेले कहां खड़ी है?
सर्वे ने गठबंधन के साथ BJP का अलग अनुमान भी दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक BJP अकेले 246 सीटों तक पहुंच सकती है। बाकी सीटें उसके सहयोगी दलों के खाते में दिखाई गई हैं।अपना दल (सोनेलाल) को 9, RLD को 3 और निषाद पार्टी को 4 सीटों का अनुमान रिपोर्ट में दिया गया है। NDA के अन्य सहयोगियों को भी कुछ सीटों में शामिल किया गया है।यह आंकड़ा इसलिए ध्यान खींचता है क्योंकि उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुमत के लिए 202 सीटें चाहिए।लेकिन फिर वही सावधानी 246 सीटें BJP की मौजूदा संख्या नहीं बल्कि इस विशेष सर्वे का अनुमान हैं।
अखिलेश की SP को कितनी सीटें?
अब दूसरी तरफ आते हैं। सर्वे में SP के नेतृत्व वाले गठबंधन को कुल 132 सीटें दी गई हैं। इनमें समाजवादी पार्टी अकेले 125 सीटों पर दिखाई गई है।कांग्रेस के लिए 7 सीटों का अनुमान दिया गया है।यहां 2022 से तुलना दिलचस्प है।चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 2022 के विधानसभा चुनाव में BJP ने 255 सीटें और SP ने 111 सीटें जीती थीं। BJP का वोट शेयर 41.29% और SP का 32.06% था।यानी इस सर्वे में SP को 2022 की अपनी 111 सीटों के मुकाबले कुछ बढ़त दिखाई गई है, लेकिन गठबंधन स्तर पर BJP+ से काफी पीछे रखा गया है।
सबसे दिलचस्प आंकड़ा वोट में सिर्फ 6 प्रतिशत का अंतर?
सीटों से हटकर वोट शेयर देखें तो कहानी कुछ अलग नजर आती है। सर्वे में BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन को लगभग 44 फीसदी वोट मिलने का अनुमान दिया गया है।SP के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए करीब 38% वोट का अनुमान है। यानी दोनों गठबंधनों के बीच करीब 6 प्रतिशत अंक का अंतर बताया गया है। यहीं UP की चुनावी राजनीति का एक महत्वपूर्ण पहलू समझना जरूरी है।वोट शेयर और सीट शेयर एक ही चीज नहीं होते। किसी पार्टी के वोट पूरे प्रदेश में किस तरह फैले हुए हैं और किन सीटों पर मुकाबला कितना करीबी है, इससे समान वोट शेयर पर भी सीटों की संख्या में बड़ा अंतर आ सकता है।इसलिए 44 फीसदी बनाम 38 प्रतिशत के आंकड़े को सीधे 267 बनाम 132 में बदलने का कोई सार्वभौमिक फॉर्मूला नहीं है।
पश्चिमी UP में क्या कहता है सर्वे?
उत्तर प्रदेश की राजनीति में पश्चिमी क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण है। किसान राजनीति, जाट-मुस्लिम समीकरण, दलित वोट और RLD की मौजूदगी इसे अलग बनाती है।News Leader-Matrize सर्वे में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 136 सीटों में BJP गठबंधन के लिए 93 सीटें और SP गठबंधन के लिए 43 सीटें अनुमानित की गई हैं।अगर यह क्षेत्र चुनाव तक इसी तरह का रुझान दिखाता है तो RLD और BJP के बीच गठबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।उस चुनाव में उत्तर प्रदेश में SP ने 37 और कांग्रेस ने 6 लोकसभा सीटें जीती थीं, जबकि BJP 33 सीटों पर रह गई थी। इसीलिए विधानसभा चुनाव में पश्चिमी UP समेत दूसरे क्षेत्रों में 2024 का विपक्षी प्रदर्शन दोहराया जा सकेगा या नहीं यह आने वाले महीनों का बड़ा राजनीतिक प्रश्न होगा।
अवध में BJP+ 77, SP+ 40?
अब अवध पर आते हैं। सर्वे में अवध की 118 विधानसभा सीटों में BJP गठबंधन के लिए 77 सीटों का अनुमान है।SP गठबंधन को 40 सीटें और BSP को एक सीट दी गई है।अवध का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि इसमें लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, उन्नाव और आसपास के कई राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिले आते हैं।रायबरेली में सर्वे BJP को एक और SP गठबंधन को पांच सीटें देता है। लखनऊ की नौ विधानसभा सीटों को BJP गठबंधन के खाते में अनुमानित किया गया है।ये constituency-level projections हैं और इनमें अनिश्चितता राज्य-स्तरीय अनुमान से भी अधिक हो सकती है।
बुंदेलखंड में 19 में 17 का अनुमान
सर्वे में सबसे एकतरफा तस्वीर बुंदेलखंड की दिखाई गई है। यहां कुल 19 सीटों में BJP गठबंधन को 17 और SP गठबंधन को सिर्फ 2 सीटों का अनुमान दिया गया है।बुंदेलखंड की सीटें संख्या में पश्चिमी UP, अवध या पूर्वांचल के मुकाबले कम हैं, लेकिन अगर किसी गठबंधन को यहां बड़ा अंतर मिलता है तो उसका असर प्रदेश के कुल आंकड़े पर साफ दिखाई देता है।
पूर्वांचल का क्या हाल?
अब आते हैं उस इलाके पर जहां UP की राजनीति के कई बड़े चेहरे और जातीय समीकरण एक साथ दिखाई देते हैं पूर्वांचल। सर्वे के मुताबिक पूर्वांचल की 130 सीटों में BJP गठबंधन के लिए 80 सीटों का अनुमान है। SP गठबंधन को 47, BSP को एक और अन्य को दो सीटें दी गई हैं।पूर्वांचल का मुकाबला इसलिए खास होगा क्योंकि यहां यादव-मुस्लिम आधार के अलावा कुर्मी, राजभर, निषाद, मौर्य-कुशवाहा-सैनी और दलित समुदायों के अलग-अलग राजनीतिक समीकरण प्रभाव डालते हैं। इसी क्षेत्र में BJP के कई सहयोगी दलों की अपनी राजनीतिक जमीन भी है।
कांग्रेस के लिए सिर्फ 7 सीटें, 150 सीटों की चर्चा के बीच बड़ा सवाल
सर्वे का एक आंकड़ा कांग्रेस के लिहाज से खास तौर पर ध्यान खींचता है। हाल में UP कांग्रेस की तरफ से विधानसभा चुनाव में 150 से कम सीटों पर नहीं लड़ने जैसी सार्वजनिक मांग सामने आई है। लेकिन News Leader-Matrize सर्वे में कांग्रेस के लिए सिर्फ 7 सीटों का अनुमान दिया गया है।यहां दो अलग चीजों को मिलाना नहीं चाहिए। 150 सीटों की मांग गठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग की राजनीतिक बातचीत है, जबकि 7 सीटें एक सर्वे का चुनावी अनुमान। फिर भी दोनों आंकड़ों का एक साथ सामने आना SP-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की बहस को दिलचस्प जरूर बनाता है। 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने UP में 17 सीटों पर चुनाव लड़कर छह सीटें जीती थीं।इसलिए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस कितनी सीटें मांगेगी और आखिर में कितनी सीटों पर समझौता होगा, यह 2027 से पहले INDIA खेमे के सबसे महत्वपूर्ण सवालों में रहेगा।
BSP के लिए सिर्फ 2 सीटें, लेकिन कहानी इतनी सीधी नहीं
मायावती की BSP को सर्वे में सिर्फ दो विधानसभा सीटें दी गई हैं। यह आंकड़ा पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण तस्वीर पेश करता है। लेकिन BSP को लेकर इस सर्वे के वोट शेयर आंकड़े पर विशेष सावधानी जरूरी है। The Week की रिपोर्ट BSP का वोट शेयर केवल 0.8 प्रतिशत बताती है, जबकि “others” को 10 फीसदी दिया गया है।यह आंकड़ा असामान्य दिखता है और उपलब्ध रिपोर्ट में इसकी विस्तृत methodology या underlying tables नहीं दी गई हैं। इसलिए इसे बिना मूल सर्वे डेटा की पुष्टि के BSP की वास्तविक मौजूदा ताकत का निश्चित माप मानना उचित नहीं होगा।खासकर इसलिए क्योंकि विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीदवार, स्थानीय सामाजिक समीकरण और वोटों के क्षेत्रीय वितरण पर भी निर्भर करेगा।
2022 से कितना बदलता दिख रहा गणित?
अब सबसे महत्वपूर्ण तुलना। 2022 विधानसभा चुनाव में BJP ने 255 सीटें जीती थीं और उसका वोट शेयर 41.29% था। SP ने 111 सीटें और 32.06% वोट हासिल किए थे।नए सर्वे में BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन को 267 और SP गठबंधन को 132 सीटों का अनुमान दिया गया है।इसलिए इसे केवल “BJP आगे-SP पीछे” के रूप में पढ़ना अधूरा होगा।SP के लिए सर्वे 2022 के मुकाबले अधिक सीटें दिखा रहा है, जबकि दूसरी तरफ BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन को बहुमत के 202 के आंकड़े से काफी ऊपर रखता है।यानी सर्वे की तस्वीर में दोनों बातें एक साथ मौजूद हैं SP की सीट संख्या में संभावित सुधार और NDA की स्पष्ट सीट बढ़त। लेकिन एक सर्वे से 2027 का फैसला क्यों नहीं किया जा सकता?
यही इस पूरी कहानी का सबसे जरूरी हिस्सा है। यह सर्वे सितंबर 2026 के राजनीतिक माहौल की एक तस्वीर है। विधानसभा चुनाव तक उम्मीदवारों का चयन, गठबंधन का स्वरूप, टिकट बंटवारा, स्थानीय असंतोष, प्रचार के मुद्दे और मतदान के समय का राजनीतिक माहौल बदल सकता है।दूसरी बात, इस सर्वे पर उपलब्ध प्रमुख मीडिया रिपोर्टों में sample size, sampling method, fieldwork dates और margin of error जैसी जरूरी methodological details स्पष्ट नहीं हैं। और तीसरी बात दूसरे हालिया सर्वे इससे अलग तस्वीर भी दिखा रहे हैं।उदाहरण के लिए सितंबर में प्रकाशित Spick Media Network के एक अलग सर्वे में 2,20,983 respondents के आधार पर NDA को 193 सीटें और INDIA गठबंधन को 156 सीटें अनुमानित की गई थीं। उस सर्वे में NDA का समर्थन 40% और SP-कांग्रेस गठबंधन का 35% बताया गया था।
यानी अलग-अलग surveys के अनुमान में बड़ा अंतर है।यही कारण है कि किसी एक opinion poll को भविष्यवाणी की तरह पढ़ने के बजाय उस समय के मतदाता रुझान के एक संकेत के रूप में देखना ज्यादा उचित है।फिलहाल News Leader-Matrize के आंकड़ों की सबसे बड़ी कहानी 267 बनाम 132 जरूर है।लेकिन 2027 की असली कहानी EVM खुलने पर ही सामने आएगी। उससे पहले सबसे दिलचस्प सवाल यही रहेगा कि आने वाले महीनों में BJP इस सर्वे में दिखाई गई बढ़त को बनाए रखने की कोशिश कैसे करती है, SP 6 प्रतिशत अंक के बताए गए वोट अंतर को कम करने के लिए क्या रणनीति अपनाती है, कांग्रेस सीट बंटवारे में कितनी जगह हासिल करती है और BSP अपने पुराने सामाजिक आधार को कितना सक्रिय कर पाती है।


