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UP PCS to IAS promotion: उत्तर प्रदेश को मिलेंगे 35 नए IAS अफसर, UPSC और DPC की प्रक्रिया शुरू, जानें प्रमोशन का पूरा गणित
UP PCS to IAS promotion:उत्तर प्रदेश के 35 पीसीएस अधिकारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! वर्ष 2025 के लिए आईएएस संवर्ग की रिक्तियां आवंटित कर दी गई हैं।
UP PCS to IAS promotion: उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारे में एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है जहां प्रांतीय सिविल सेवा के अधिकारियों के लिए पदोन्नति के नए द्वार खुल गए हैं। केंद्र सरकार ने चयन वर्ष 2025 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश को भारतीय प्रशासनिक सेवा संवर्ग के लिए 35 रिक्तियां आवंटित की हैं। इस निर्णय के बाद राज्य के वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों में उत्साह का माहौल है क्योंकि लंबे समय से इस पदोन्नति का इंतजार किया जा रहा था। मुख्य रूप से वर्ष 2010 से 2012 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार किया जा रहा है जिससे प्रशासन की ऊपरी कतार में नए अनुभवी चेहरे शामिल होंगे।
पदोन्नति की यह प्रक्रिया केंद्र सरकार द्वारा राज्यों के लिए निर्धारित किए जाने वाले वार्षिक कोटे के तहत संचालित हो रही है। उत्तर प्रदेश प्रशासन में वर्तमान में 2010 बैच के 8 अधिकारी, 2011 बैच के 21 अधिकारी और 2012 बैच के 41 अधिकारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उपलब्ध रिक्तियों की संख्या 35 होने के कारण चयन का मुख्य आधार वरिष्ठता और उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड को बनाया गया है। नियुक्ति विभाग ने इस दिशा में सक्रियता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों से उनका पूरा विवरण और वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट यानी एसीआर तलब कर ली है ताकि चयन की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
यूपीएससी और डीपीसी की भूमिका
पदोन्नति की यह प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी और कड़े मानकों पर आधारित होती है जिसमें नियुक्ति विभाग प्रत्येक रिक्त पद के सापेक्ष तीन पात्र अधिकारियों का एक पैनल तैयार करता है। इन नामों की सूची संघ लोक सेवा आयोग को भेजी जाती है जहां आयोग अधिकारियों के सेवा इतिहास और सतर्कता जांच की गहन समीक्षा करता है। यदि किसी अधिकारी के विरुद्ध कोई विभागीय जांच लंबित होती है या सेवा रिकॉर्ड में कोई गंभीर त्रुटि पाई जाती है तो उन्हें चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाता है। सभी औपचारिकताओं की पूर्ति के बाद यूपीएससी द्वारा विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक बुलाई जाती है जिसमें राज्य के मुख्य सचिव और केंद्र के प्रतिनिधि अंतिम सूची पर मुहर लगाते हैं।
प्रशासनिक मजबूती और कार्यकुशलता में वृद्धि
इन 35 अधिकारियों के आईएएस संवर्ग में शामिल होने से उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को व्यापक अनुभव का लाभ मिलेगा। पीसीएस से पदोन्नत होकर आईएएस बनने वाले इन अधिकारियों के पास क्षेत्रीय स्तर पर कार्य करने का लंबा और व्यावहारिक अनुभव होता है जो सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होता है। वर्तमान में राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों और जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों की आवश्यकता महसूस की जा रही है जिसे इस पदोन्नति के माध्यम से भरा जा सकेगा। उम्मीद है कि आगामी कुछ महीनों में डीपीसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन अधिकारियों को नया कैडर आवंटित कर दिया जाएगा जिससे शासन की कार्यप्रणाली में और अधिक गति आएगी।


