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यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल...देर रात 40 IAS अफसरों का तबादला, दुर्गा शक्ति नागपाल बनीं कमिश्नर
UP IAS Transfer: प्रदेश सरकार ने देर रात एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 40 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया।
UP IAS Transfer
UP IAS Transfer: प्रदेश सरकार ने देर रात एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस व्यापक बदलाव में कई जिलों के जिलाधिकारियों को भी बदला गया है। सरकार के इस कदम को प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तेज बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। लंबे समय बाद हुए इस बड़े स्तर के ट्रांसफर से प्रदेश के कई जिलों में नई कार्यशैली और नीतिगत बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
जारी आदेश के अनुसार, उन्नाव के डीएम गौरांग राठी को झांसी का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। वहीं ऊर्जा विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात इंद्रजीत सिंह को सुल्तानपुर का डीएम नियुक्त किया गया है। सुल्तानपुर के डीएम कुमार हर्ष को अब बुलंदशहर भेजा गया है। विशेष सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक अन्नपूर्णा गर्ग को श्रावस्ती की जिम्मेदारी सौंपी गई है। झांसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आलोक यादव को शामली का डीएम बनाया गया है, जबकि शामली के डीएम अरविंद कुमार चौहान को सहारनपुर का नया डीएम नियुक्त किया गया है।
इसी क्रम में हापुड़ पिलखुआ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नितिन गौड़ को अमरोहा का जिलाधिकारी बनाया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग के विशेष सचिव अभिषेक गोयल को हमीरपुर का डीएम नियुक्त किया गया है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की निदेशक सरनीत कौर ब्रोका को रायबरेली का डीएम बनाया गया है। अमरोहा की डीएम निधि गुप्ता वत्स को फतेहपुर भेजा गया है, जबकि हमीरपुर के डीएम घनश्याम मीणा को उन्नाव का जिलाधिकारी बनाया गया है। मैनपुरी के डीएम अंजनी कुमार सिंह को लखीमपुर खीरी का नया डीएम बनाया गया है। वहीं औरैया के डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को मैनपुरी स्थानांतरित किया गया है। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव बृजेश कुमार को औरैया का डीएम नियुक्त किया गया है। सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल को आगरा की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि आगरा के डीएम अरविंद मल्लप्पा बांगरी को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव बनाया गया है।
ऊर्जा और प्रशासनिक विभागों में भी अहम बदलाव किए गए हैं। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, आगरा के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। बुलंदशहर की डीएम श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, आगरा का नया प्रबंध निदेशक बनाया गया है। प्रतीक्षारत आईएएस अधिकारी आशुतोष निरंजन को परिवहन आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि किंजल सिंह को माध्यमिक शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है। लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को देवीपाटन मंडल का कमिश्नर बनाया गया है। देवीपाटन मंडल के कमिश्नर शशि भूषण लाल सुशील को प्रमुख सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग में नियुक्त किया गया है। वहीं आलोक कुमार द्वितीय को अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
फतेहपुर के जिलाधिकारी रविंदर सिंह को ऊर्जा विभाग में विशेष सचिव एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, निदेशक यूपीनेडा और उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एंड ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। झांसी के जिलाधिकारी मृदुल चौधरी को विशेष सचिव पर्यटन और निदेशक पर्यटन की जिम्मेदारी दी गई है। श्रावस्ती के डीएम अश्वनी कुमार पांडे को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का निदेशक बनाया गया है। रायबरेली की डीएम हर्षिता माथुर को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग का निदेशक तथा राज्य पोषण मिशन का निदेशक नियुक्त किया गया है। वहीं उच्च शिक्षा विभाग की विशेष सचिव और डॉ. राममनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ की कुलसचिव अनीता वर्मा सिंह को विशेष सचिव खाद्य एवं रसद विभाग और नियंत्रक विधिक बाट माप बनाया गया है।
इसके अलावा कई अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के पदों में भी बदलाव किए गए हैं। अमेठी के सीडीओ सचिन कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद में अपर निदेशक बनाया गया है। हाथरस के एडीएम वित्त एवं राजस्व बसंत अग्रवाल को कर्मचारी राज्य बीमा योजना (श्रम चिकित्सा सेवाएं) का निदेशक नियुक्त किया गया है। सौम्या पांडे को उनके वर्तमान प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। झांसी के मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद को अपर श्रमायुक्त कानपुर नगर बनाया गया है। हापुड़ के सीडीओ हिमांशु गौतम को झांसी विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
बहराइच के सीडीओ मुकेश चंद्र को हापुड़ पिलखुआ विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बदायूं के सीडीओ केशव कुमार को डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय का कुलसचिव बनाया गया है। इसके साथ ही कई संयुक्त मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के पद पर नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने, बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से किया गया है।


