प्राइवेट पार्ट में युवक ने घुसेड़ ली बोतल, जब फंसी जान तो भागा अस्पताल; डॉक्टरों के भी उड़ गये होश

Agra News: आगरा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक को अपनी असामान्य हरकत के कारण गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचना पड़ा।

Shishumanjali kharwar
Published on: 16 March 2026 9:41 AM IST
Agra News
X

Agra News

Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक को अपनी असामान्य हरकत के कारण गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचना पड़ा। जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय युवक ने अपने मलाशय में एक लीटर की प्लास्टिक पानी की बोतल डाल ली, जो करीब 36 घंटे तक उसके शरीर के अंदर फंसी रही। लंबे समय तक बोतल अंदर फंसे रहने के कारण उसे असहनीय दर्द होने लगा, जिसके बाद वह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा।

यह मामला आगरा के शाहगंज क्षेत्र का बताया जा रहा है। युवक को साकेत कॉलोनी स्थित नवदीप हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल पहुंचने के समय वह तेज दर्द के कारण बेहद परेशान था। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए तुरंत जांच की। एक्स-रे कराने पर पता चला कि उसके मलाशय में एक लीटर की प्लास्टिक बोतल फंसी हुई है। अस्पताल के निदेशक और वरिष्ठ सर्जन डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि मरीज की स्थिति को देखते हुए पहले उसकी सिग्मोइंडोस्कोपी जांच की गई। इस जांच में यह भी सामने आया कि मलाशय के अंदर घाव हो गए थे। बोतल फंसी होने के कारण युवक को शौच करने में भी गंभीर परेशानी हो रही थी और दर्द लगातार बढ़ता जा रहा था।

डॉक्टरों के अनुसार, युवक को एक प्रकार का मनोवैज्ञानिक यौन विकार बताया गया है, जिसे एनल इरोटिज्म कहा जाता है। इस स्थिति में कुछ लोगों को गुदा क्षेत्र में असामान्य उत्तेजना महसूस होती है और वे कभी-कभी बाहरी वस्तुओं का उपयोग कर बैठते हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकता है। मरीज की हालत को देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने तुरंत ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। वरिष्ठ सर्जन डॉ. सुनील शर्मा की अगुवाई में करीब एक घंटा दस मिनट तक सर्जरी चली, जिसके बाद सावधानीपूर्वक बोतल को बाहर निकाला गया। डॉक्टरों के अनुसार यह प्रक्रिया काफी जटिल थी, क्योंकि बोतल के कारण अंदरूनी हिस्से में चोट और सूजन हो चुकी थी।

डॉक्टरों ने बताया कि युवक शादीशुदा है और वह लंबे समय से इस तरह की समस्या से जूझ रहा था। ऑपरेशन के बाद उसे अस्पताल में चार दिन तक निगरानी में रखा गया ताकि किसी तरह की जटिलता न हो। इस दौरान डॉक्टरों ने उसका लगातार इलाज और देखभाल की।चार दिन के उपचार के बाद जब उसकी हालत में सुधार हुआ, तब रविवार को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल शारीरिक इलाज ही नहीं, बल्कि मानसिक परामर्श भी बेहद जरूरी होता है। इसलिए मरीज को काउंसलिंग की सलाह दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की खतरनाक स्थिति दोबारा न बने। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ऐसे मामलों में संक्रमण और यौन संचारित बीमारियों जैसे एचआईवी और हेपेटाइटिस का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए समय रहते इलाज और उचित परामर्श लेना बेहद जरूरी है।

Shishumanjali kharwar

Shishumanjali kharwar

Mail ID -Shishulko@gmail.com

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

Next Story