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Agra News: आगरा में सामूहिक विवाह योजना का बड़ा फर्जीवाड़ा! 1000 महिलाओं की पहले ही हो चुकी थी शादी
Agra News: आगरा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 1201 आवेदन आए, लेकिन सत्यापन में करीब 1000 महिलाओं की शादी पहले ही हो चुकी थी। दोबारा सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए किए गए सभी आवेदन जांच के बाद खारिज कर दिए गए।
Agra Samuhik Vivah Yojna (Image Credit-Social Media)
Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से जुड़ा हैरान करने वाला मामला सामने आया है। योजना के तहत दोबारा शादी कर सरकारी लाभ लेने की कोशिश के करीब 1000 मामले सामने आए हैं। जांच में पता चला कि इन महिलाओं की शादी पहले ही हो चुकी थी, इसके बावजूद उन्होंने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए आवेदन कर दिया।
ब्लॉक स्तर पर हुए सत्यापन के बाद इन सभी आवेदनों को फर्जी मानते हुए खारिज कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, अब योजना का लाभ सिर्फ उन महिलाओं को दिया जाएगा जो निर्धारित नियमों के तहत पात्र हैं।
1522 जोड़ों की शादी का रखा गया है लक्ष्य
आगरा जिले में इस वित्तीय वर्ष मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 1522 जोड़ों का विवाह कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अप्रैल 2026 से आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। योजना के तहत बड़ी संख्या में आवेदन भी पहुंचे। कुल 1201 युवतियों ने सामूहिक विवाह समारोह में शादी के लिए आवेदन किया। लेकिन जब इन आवेदनों का ब्लॉक स्तर पर सत्यापन कराया गया तो अधिकारियों के सामने चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई।
1201 में 1000 आवेदन निकले अपात्र
सत्यापन के दौरान पता चला कि आवेदन करने वाली करीब 1000 महिलाओं की शादी पहले ही हो चुकी थी। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें कई ऐसी महिलाएं थीं जिनकी शादी चार से आठ महीने पहले ही हो चुकी थी। कुछ मामलों में शादी को एक साल से भी कम समय हुआ था। इसके बावजूद इन महिलाओं ने सरकारी योजना के तहत दोबारा विवाह के लिए आवेदन कर दिया। जांच के बाद सभी ऐसे आवेदनों को निरस्त कर दिया गया।
बाह, अछनेरा और जैतपुर में सबसे ज्यादा मामले
जिला समाज कल्याण अधिकारी नगेंद्रपाल सिंह ने बताया कि सत्यापन के बाद 1000 आवेदन खारिज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा अपात्र आवेदन बाह, अछनेरा और जैतपुर विकासखंड से सामने आए हैं। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पहले से विवाहित महिलाओं ने सामूहिक विवाह योजना के लिए आवेदन किया था। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के बाद अब जिले में सिर्फ 201 पात्र युवतियां बची हैं। यह संख्या निर्धारित 1522 के लक्ष्य की तुलना में काफी कम है।
क्या है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना?
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों की बेटियों के विवाह में सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है।
दी गई जानकारी के अनुसार, योजना के तहत सहायता का बंटवारा इस तरह है:
- 64 हजार रुपये वधू के खाते में दिए जाते हैं।
- 15 हजार रुपये विवाह आयोजन पर खर्च किए जाते हैं।
- 21 हजार रुपये विवाह से संबंधित सामान के लिए दिए जाते हैं।
इस तरह सरकार की ओर से कुल 1 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान बताया गया है।
आगरा में सामने आया यह मामला सरकारी योजनाओं में सत्यापन की अहमियत को भी सामने लाता है। एक तरफ बड़ी संख्या में अपात्र आवेदन सामने आए हैं, वहीं दूसरी तरफ जिले में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में पात्र युवतियों की संख्या काफी कम रह गई है।


