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Akhilesh Yadav on Ghazipur Violence: गाजीपुर हिंसा पर अखिलेश ने दागे 5 सवाल, सियासत में मचा कोहराम
Akhilesh Yadav: गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में हुई घटना को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।
Akhilesh Yadav on Ghazipur Violence
Akhilesh Yadav on Ghazipur Violence: गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में हुई घटना को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि वह 29 अप्रैल को गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला और कई सवाल खड़े किए।
अखिलेश यादव ने कहा कि “बयान बदलने से सच्चाई नहीं बदलती” और आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार पीड़ितों पर दबाव बनाकर सच छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इस मामले में पांच अहम सवाल उठाए एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों हुई, पीड़ित पक्ष के बयान क्यों बदले गए, परिवार को परेशान क्यों किया जा रहा है, पुलिस पर पथराव करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई किसने रोकी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल क्यों उठ रहे हैं।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि गांव के लोगों को पूरी सच्चाई पता है और किसी भी रिपोर्ट से वास्तविकता को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में बयान बदलवाए जा रहे हैं, जिससे समाज में भ्रम और आक्रोश फैल रहा है। अखिलेश ने कहा कि इस घटना से खासकर पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय में नाराजगी बढ़ी है। उन्होंने इस मामले की तुलना हाथरस केस से करते हुए कहा कि दोनों घटनाओं में समानता है। उनके अनुसार, दोनों मामलों में पीड़ित परिवार कमजोर वर्ग से हैं और आरोपियों का प्रभाव ज्यादा है। उन्होंने इसे सामाजिक भेदभाव से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
गौरतलब है कि 15 अप्रैल को कटारिया गांव की निवासी रीता विश्वकर्मा का शव गंगा नदी में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करते हुए आरोपी हरिओम पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 22 अप्रैल को सपा का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचा था, जहां ग्रामीणों और सपा कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हो गया। इस दौरान पथराव की घटना में पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा समेत कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में सदर विधायक जैकिशन साहू, जंगीपुर विधायक वीरेंद्र यादव और सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव सहित 46 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अब तक दस लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।


