TRENDING TAGS :
शिक्षक दिवस पर अखिलेश यादव का ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान, बोले- बंद स्कूल खुलेगा तो PDA पढ़ेगा
शिक्षक दिवस पर सपा ने यूपी के बंद प्राथमिक विद्यालयों को लेकर ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान शुरू किया। अखिलेश यादव का संदेश- ‘बंद स्कूल खुलेगा, तो PDA पढ़ेगा।’
Teacher's Day 2026 Akhilesh Yadav: शिक्षक दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में ‘पाठशाला पुकारे’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। सपा के मुताबिक यह कार्यक्रम प्रदेश के उन करीब 26 हजार प्राथमिक विद्यालयों में आयोजित किया जा रहा है, जिन्हें पार्टी के दावे के अनुसार भाजपा सरकार के कार्यकाल में बंद किया गया है। अभियान का मुख्य संदेश है—‘बंद स्कूल खुलेगा, तो PDA पढ़ेगा।’
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शिक्षक दिवस पर इस अभियान के जरिए सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा। पार्टी का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा को राजनीतिक और सामाजिक प्राथमिकता के केंद्र में लाना है।
‘शिक्षा से आएगी सामाजिक-राजनीतिक चेतना’
सपा के अनुसार शिक्षा केवल रोजगार हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज के शोषित, वंचित, गरीब और पीड़ित वर्गों में सामाजिक एवं राजनीतिक चेतना पैदा करने का सबसे महत्वपूर्ण जरिया है।
पार्टी का कहना है कि शिक्षा के जरिए समाज में जागरूकता बढ़ेगी और भेदभाव तथा सामाजिक असमानता को चुनौती मिलेगी। इसी सोच के साथ ‘पाठशाला पुकारे’ कार्यक्रम को सरकारी स्कूलों को दोबारा खोलने और शिक्षा को मजबूत करने के अभियान के तौर पर पेश किया गया है।
‘बराबरी और सामाजिक न्याय’ का संदेश
समाजवादी पार्टी ने कहा कि शिक्षा के विस्तार से समाज में बराबरी और समता की भावना मजबूत होगी। पार्टी के मुताबिक इससे प्रभुत्ववादी सोच और वर्चस्व को चुनौती मिलेगी तथा सामाजिक न्याय पर आधारित व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सपा ने इस अभियान को अपने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीतिक-सामाजिक विमर्श से भी जोड़ा है। पार्टी का संदेश है कि जब बंद पड़े विद्यालय दोबारा खुलेंगे और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी, तभी समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का वास्तविक अवसर मिलेगा।
शिक्षक दिवस पर सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल
‘पाठशाला पुकारे’ कार्यक्रम के जरिए समाजवादी पार्टी ने सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज करने की कोशिश की है। पार्टी का कहना है कि सरकारी स्कूलों को बंद करने के बजाय उनमें संसाधन, शिक्षक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
अखिलेश यादव की पार्टी ने शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षा को लेकर अपना राजनीतिक एजेंडा स्पष्ट करते हुए कहा कि स्कूल बचेंगे, बच्चे पढ़ेंगे और शिक्षा मजबूत होगी, तभी सामाजिक बराबरी और न्याय का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।


