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UP 2027: चुनाव से पहले बागियों का 'टेस्ट' लेंगे अखिलेश यादव, सपा का प्लान तैयार
Akhilesh Yadav Strategy: अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए समाजवादी पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। पार्टी नेतृत्व संभावित प्रत्याशियों और संगठन के भीतर के समीकरणों का आकलन कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव असंतुष्ट नेताओं और विधायकों के रुख पर भी नजर बनाए हुए हैं, जिसके चलते कई मौजूदा विधायकों के टिकट पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
Akhilesh Yadav Strategy: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने अभी से अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। पार्टी खुलकर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान भले ही न कर रही हो, लेकिन अंदरखाने संभावित चेहरों को हरी झंडी दी जाने लगी है। असल में इसके पीछे सपा की एक सोची-समझी रणनीति काम कर रही है। पार्टी नेतृत्व यह परखना चाहता है कि किसी चेहरे को इशारा करने के बाद उस इलाके में कोई बगावत या असंतोष तो नहीं पनप रहा। अगर कोई नाराजगी उभरती भी है, तो चुनाव से काफी पहले उसे आसानी से सुलझाया जा सकेगा।
इसके अलावा, प्रत्याशियों को जनता के बीच अपनी पैठ बनाने और संगठन को मजबूत करने का भरपूर वक्त मिल जाएगा। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता की मानें तो ठीक ऐसी ही तरकीब सपा ने 2012 के चुनावों में भी अपनाई थी, जिसके नतीजे बेहद फायदेमंद साबित हुए थे।
150 सीटों का खाका और पूर्वांचल पर फोकस
मौजूदा स्थिति यह है कि समाजवादी पार्टी करीब 150 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम लगभग तय कर चुकी है। माना जा रहा है कि जुलाई के अंत तक इन नामों की औपचारिक घोषणा भी कर दी जाएगी। पूर्वांचल और अवध के अहम जिलों जैसे अंबेडकरनगर, आजमगढ़, गाजीपुर, मऊ, अयोध्या, बस्ती, बलिया और वाराणसी में ज्यादातर सीटों पर तस्वीर साफ कर दी गई है। इसके अलावा, सपा की पैनी नजर दूसरे दलों के उन नेताओं पर भी टिकी है जो हवा का रुख देखकर पाला बदल सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से भाजपा, राष्ट्रीय लोकदल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के कई संभावित चेहरे शामिल हैं।
मौजूदा विधायकों पर भरोसा, कुछ का कटेगा टिकट
टिकट बंटवारे को लेकर जो बातें छनकर सामने आ रही हैं, उनके मुताबिक पार्टी अपने मौजूदा विधायकों पर ही सबसे ज्यादा भरोसा जताने के मूड में है। कुछेक विधायकों का टिकट जरूर काटा जा सकता है, लेकिन ज्यादातर को दोबारा चुनावी मैदान में उतारा जाएगा। पार्टी आलाकमान अब तक करीब 40 जिलों की 150 से ज्यादा सीटों का संगठन के साथ बैठकर पूरा फीडबैक ले चुका है। जल्द ही इस मंथन का दूसरा दौर शुरू होने वाला है और जुलाई के पहले हफ्ते तक उम्मीदवारों की छंटनी का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अखिलेश का सख्त निर्देश और गठबंधन की सुगबुगाहट
इन तैयारियों के बीच पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक कड़ा निर्देश भी काफी चर्चा बटोर रहा है। उन्होंने एकदम साफ कर दिया है कि अगर संगठन के किसी भी पदाधिकारी को चुनाव लड़ने की इच्छा है, तो उसे सबसे पहले अपने वर्तमान पद से इस्तीफा देना होगा। दूसरी तरफ, इंडिया गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव का रुख बेहद सकारात्मक बना हुआ है। कांग्रेस के साथ तालमेल को लेकर बातचीत चल रही है और अगर दोनों पार्टियां साथ लड़ती हैं, तो किन सीटों पर अदला-बदली होगी, इस पर मंथन जारी है। कुल मिलाकर सपा ने 2027 के लिए अभी से कमर कस ली है ताकि ऐन वक्त पर किसी भी तरह की अंदरूनी कलह या सियासी चुनौती से बचा जा सके।


