TRENDING TAGS :
अखिलेश यादव से मिलीं तंजीम फातिमा, क्या आजम खान की पत्नी बनेंगी सपा की तीसरी राज्यसभा उम्मीदवार?
अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद सपा ने तंजीम फातिमा के नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है और तीसरे उम्मीदवार को लेकर अखिलेश यादव ने अभी सस्पेंस बनाए रखा है।
UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने बुधवार को अपने दो उम्मीदवारों के नाम साफ कर दिए हैं। पार्टी ने वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी को प्रत्याशी बनाया है। दोनों ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन भी दाखिल कर दिया। अब राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या सपा तीसरा उम्मीदवार भी उतारेगी और अगर ऐसा होता है तो वह कौन होगा।
इसी बीच आजम खान की पत्नी और पूर्व राज्यसभा सांसद तंजीम फातिमा का नाम भी संभावित तीसरे उम्मीदवार के तौर पर चर्चा में आने लगा है। माना जा रहा है कि क्रॉस वोटिंग का डर और संतुलन बिठाने के लिए सपा तंजीम को तीसरा उम्मीदवार बना सकती है।
क्या तंजीम फातिमा के नाम पर लगेगी मुहर?
तंजीम फातिमा पहले राज्यसभा सांसद रह चुकी हैं और आजम खान की पत्नी हैं। आजम खान परिवार का सपा की राजनीति में लंबे समय से अहम स्थान रहा है। ऐसे में अगर तंजीम फातिमा का नाम तीसरे उम्मीदवार के तौर पर सामने आता है तो यह आजम खान परिवार और सपा के बीच राजनीतिक रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगा।
हालांकि, अभी तक सपा ने तंजीम फातिमा के नाम की घोषणा नहीं की है और उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में उनकी अखिलेश यादव से नई मुलाकात की पुष्टि भी नहीं है। इसलिए फिलहाल यह सवाल खुला हुआ है कि सपा तीसरा उम्मीदवार उतारेगी या नहीं और अगर उतारेगी तो उसके लिए किस नाम पर भरोसा करेगी। फिलहाल सपा के दो नाम सामने आ चुके हैं, जबकि तीसरे उम्मीदवार को लेकर अखिलेश यादव ने सस्पेंस बरकरार रखा है।
सपा के दो उम्मीदवारों का नाम साफ
सपा ने राम गोपाल यादव को एक बार फिर राज्यसभा के लिए मैदान में उतारा है। उनके साथ धनराज परिमल नथवानी को दूसरा उम्मीदवार बनाया गया है। नथवानी का नाम पार्टी की ओर से सामने आना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों उम्मीदवारों ने बुधवार को अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया।
तीसरे उम्मीदवार के लिए क्या है गणित?
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। एक सीट जीतने के लिए करीब 37 विधायकों के वोट की जरूरत पड़ती है। सपा के पास अपने दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या है, लेकिन तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए उसे अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा।
यही वजह है कि तीसरे उम्मीदवार के नाम को लेकर सपा की रणनीति पर लगातार चर्चा हो रही है। अखिलेश यादव ने दावा किया है कि BJP गठबंधन के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ऐसे लोगों से कोई ऐसा वादा नहीं करना चाहती, जिसे बाद में पूरा न किया जा सके।


