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Aligarh News : एएमयू मेडिकल कॉलेज में फर्जी डॉक्टर बनकर घूम रहा युवक गिरफ्तार, मेडिकल सामान बरामद
Aligarh News : एएमयू मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर बनकर घूम रहा युवक पकड़ा गया, सुरक्षा कर्मियों ने मेडिकल सामान सहित दबोचा।
Aligarh AMU Fake Doctor News
Aligarh News: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया, जब डॉक्टर बनकर घूम रहे एक संदिग्ध युवक को सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ लिया। मामला सामने आने के बाद एएमयू प्रशासन ने इसे गंभीर मानते हुए थाना सिविल लाइन में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 मई 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग यानी ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी ब्लॉक में सुरक्षा कर्मियों की नजर एक संदिग्ध युवक पर पड़ी। युवक डॉक्टरों की तरह स्क्रब ड्रेस पहनकर अस्पताल परिसर में घूम रहा था। उसके गले में स्टेथोस्कोप भी लटका हुआ था, जिससे वह खुद को डॉक्टर के रूप में पेश कर रहा था। सुरक्षा कर्मियों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया।
पूछताछ में सामने आई युवक की पहचान
पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम मोहम्मद इस्लाम पुत्र जफीर उद्दीन निवासी खानपुर बांध, जनपद सम्भल बताया। जानकारी में यह भी सामने आया कि वह अलीगढ़ के रुस्कुलपुरी स्थित एक निजी अस्पताल में मरीजों को जेएनएमसीएच पहुंचाने का काम करता है।
बताया गया कि युवक डॉक्टरों जैसी वर्दी पहनकर अस्पताल में घूम रहा था और खुद को चिकित्सक के रूप में पेश कर रहा था। इस दौरान वह अस्पताल के मरीजों और उनके परिजनों के बीच आसानी से पहुंच बना रहा था।
तलाशी में मिला मेडिकल सामान
सुरक्षा कर्मियों द्वारा तलाशी लेने पर युवक के पास से कई तरह की चिकित्सकीय सामग्री बरामद हुई। उसके पास डॉक्टरों की वर्दी, स्टेथोस्कोप, मेडिकल जांच संबंधी इन्वेस्टिगेशन फॉर्म्स, सर्जिकल ब्लेड, सिरिंज, सुई, ब्लड और यूरिन सैंपल कलेक्शन वायल्स सहित अन्य मेडिकल सामान मिला।
प्रॉक्टर कार्यालय ने आशंका जताई है कि युवक अस्पताल परिसर में अवैध तरीके से प्रवेश कर भोले-भाले मरीजों को धोखे में लेकर उनसे अवैध वसूली कर रहा था। साथ ही फर्जी जांच फॉर्म जारी कर मरीजों के सैंपल एकत्रित करने और आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास भी किया जा रहा था।
मरीजों की सुरक्षा पर उठे सवाल
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी की गतिविधियों से मरीजों के जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया था। खासतौर पर महिला मरीजों के मामले में स्थिति और अधिक संवेदनशील मानी जा रही है।
प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से आशंका जताई गई है कि जांच और उपचार के बहाने महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने या अभद्रता जैसी घटनाएं भी हो सकती थीं। यही वजह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को बेहद गंभीर माना है।
कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग
एएमयू प्रॉक्टर कार्यालय ने थाना सिविल लाइन को भेजे गए प्रार्थना पत्र में आरोपी के खिलाफ चोरी, जालसाजी, प्रतिरूपण, धोखाधड़ी, आपराधिक अतिक्रमण समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
मामले के सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है। वहीं अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच भी इस घटना को लेकर चिंता देखी जा रही है।


