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Aligarh News: अलीगढ़ में फसल क्षति का सर्वे तेज, डीएम ने दिए पात्र किसानों को राहत दिलाने के निर्देश
Aligarh News: अलीगढ़ में अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे तेज कर दिया गया है। डीएम अविनाश कुमार ने पात्र किसानों को नियमानुसार राहत दिलाने और कोई भी पात्र किसान न छूटने के निर्देश दिए हैं।
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Aligarh News: जिले में लगातार हो रही अतिवृष्टि और बारिश से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इसको लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने साफ निर्देश दिए हैं कि फसल क्षति का सर्वेक्षण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे। अलीगढ़ में 28 सितंबर 2026 को सूचना विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि शासन के निर्देशों के क्रम में जिले में बारिश से प्रभावित फसलों का स्थलीय सर्वेक्षण तेज कर दिया गया है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।
अलीगढ़ डीएम अविनाश कुमार के निर्देश पर सभी तहसीलों में राजस्व विभाग की टीमें लेखपालों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर फसल क्षति का आकलन कर रही हैं। सर्वे के दौरान प्रभावित किसान का नाम, बोई गई फसल, प्रभावित रकबा और फसल को हुई वास्तविक क्षति का पूरा विवरण संकलित किया जा रहा है। वास्तविक स्थिति के पारदर्शी आकलन के लिए स्थानीय किसानों और जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। अलीगढ़ जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को नियमानुसार समय पर राहत मिले। इसी उद्देश्य से फसल क्षति के सर्वे, आकलन और सत्यापन की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में निरंतर भ्रमण करते हुए सर्वे कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए और प्राप्त विवरणों का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जाए।
सर्वेक्षण और सत्यापन के बाद पात्र किसानों का विवरण राहत पोर्टल पर फीड कराया जाएगा। शासन द्वारा निर्धारित राज्य आपदा मोचन निधि के मानकों के अनुसार पात्र किसानों को कृषि निवेश अनुदान के रूप में राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा सर्वे और राहत कार्यों की निरंतर समीक्षा की जा रही है। डीएम अविनाश कुमार ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और वास्तविक स्थलीय स्थिति के आधार पर होनी चाहिए, ताकि राहत का लाभ सही पात्र तक पहुंच सके। प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि सर्वे के दौरान राजस्व टीमों को सही जानकारी दें और सहयोग करें। यदि किसी किसान के खेत का सर्वे नहीं हो पाया है, तो वह संबंधित लेखपाल या तहसील प्रशासन को इसकी सूचना दे सकता है।


