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Aligarh News: खैर में सड़क नहीं, मुसीबत का समंदर! विकास की खुली पोल, गड्ढों में पलट रहे ई-रिक्शा
Aligarh News: अलीगढ़ के खैर गोमत चौराहे पर जलभराव और गहरे गड्ढों से राहगीर परेशान हैं। सड़क पर ई-रिक्शा पलटने और सवारियों के घायल होने का खतरा बना हुआ है।
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Aligarh News: उत्तर प्रदेश सरकार भले ही गड्ढामुक्त सड़कों और स्मार्ट सिटी का दावा कर रही हो, लेकिन अलीगढ़ जनपद की खैर तहसील के गोमत चौराहे स्थित नोहझील-बाजना रोड पर हकीकत इसके ठीक उलट नजर आ रही है। यहां सड़क नहीं, बल्कि जानलेवा गड्ढे और जलभराव का सैलाब दिखाई दे रहा है। बारिश ने जहां सरकारी दावों की पोल खोल दी है, वहीं ओवरलोड वाहनों ने सड़क को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे जगह-जगह तालाब जैसी स्थिति बन गई है।
कॉलोनी काट दी, नाली और जल निकासी का कोई इंतजाम नहीं
स्थानीय लोगों के मुताबिक, गोमत चौराहे के आसपास पिछले कुछ समय में कई निजी कॉलोनियां विकसित की गई हैं। आरोप है कि कॉलोनाइजरों ने प्लॉट बेचकर मुनाफा तो कमा लिया, लेकिन पानी की निकासी के लिए नाली या कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन, कॉलोनियों का गंदा पानी और बारिश का पानी सीधे पक्की सड़क पर बह रहा है।तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि सड़क पर घुटनों तक पानी भरा हुआ है। आने-जाने वाले राहगीरों के कपड़े गंदे हो रहे हैं, बाइक सवार फिसल रहे हैं और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
गड्ढों में पलट रहे ई-रिक्शा, धक्का मारकर निकाले जा रहे वाहन
सबसे ज्यादा परेशानी ई-रिक्शा चालकों और उनमें सवार यात्रियों को हो रही है। जलभराव के कारण पानी के नीचे मौजूद गहरे गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन ई-रिक्शा इन गड्ढों में फंसकर पलट जाते हैं। इससे ई-रिक्शा में सवार महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग चोटिल हो रहे हैं।एक तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि एक युवक कीचड़ और पानी में उतरकर पलटे हुए ई-रिक्शा को धक्का देकर बाहर निकालने का प्रयास कर रहा है, जबकि दूसरा ई-रिक्शा भी उसी जलभराव में फंसा हुआ है।स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि एक ई-रिक्शा फंसने पर दूसरे ई-रिक्शा चालक को मदद के लिए आगे आना पड़ता है। वाहन को धक्का देकर निकालना यहां रोज का नजारा बन चुका है।
ओवरलोड वाहनों ने बढ़ाई मुसीबत
थोड़ी दूरी पर ही नोहझील-बाजना रोड से ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगातार गुजरती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जर्जर सड़क पर भारी वाहनों के दबाव के कारण गड्ढे लगातार गहरे होते जा रहे हैं।सड़क कई स्थानों पर पूरी तरह उखड़ चुकी है और जगह-जगह पानी के बड़े-बड़े गड्ढे तालाब का रूप ले चुके हैं। ऐसे में वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों के लिए भी हादसे का खतरा बना हुआ है।
प्रशासन और नेताओं की चुप्पी से जनता में आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मुख्य मार्ग से प्रशासनिक अधिकारी और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के नेता भी गुजरते हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़क की बदहाली पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि न तो नगर पंचायत खैर और न ही पीडब्ल्यूडी विभाग सड़क की समस्या को गंभीरता से ले रहा है। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द जल निकासी और सड़क मरम्मत का काम शुरू नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, जलभराव के कारण बरसात के मौसम में मच्छरों और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि खैर के गोमत चौराहे की इस बदहाल सड़क की सुध आखिर कौन लेगा? आम जनता कब तक कीचड़, जलभराव और गड्ढों के बीच जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर रहेगी?स्थानीय लोगों को अब उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान करेंगे और सड़क की मरम्मत के साथ-साथ जल निकासी की उचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।


