अलीगढ़ में प्राकृतिक खेती पर मंथन: केवीके छेरत कार्यशाला का समापन, किसानों को मिली नई दिशा

Aligarh News: अलीगढ़ के कृषि विज्ञान केंद्र छेरत में दो दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का समापन हुआ। वैज्ञानिकों ने जैविक खेती, उर्वरक उपयोग और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।

Lakshman Singh Raghav
Published on: 19 Jun 2026 11:09 PM IST
अलीगढ़ में प्राकृतिक खेती पर मंथन: केवीके छेरत कार्यशाला का समापन, किसानों को मिली नई दिशा
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Aligarh News: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कृषि विज्ञान केंद्र छेरत में आयोजित दो दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने पर मंथन किया।कार्यक्रम की शुरुआत लोक गायन से हुई। लोक गायक ललित कुमार ने केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को गीतों के माध्यम से रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया।

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली पूसा के वैज्ञानिक डॉ. ब्रजेश मिश्रा ने सूक्ष्म जीवों से तैयार जैव उर्वरकों के प्रयोग, मृदा एवं बीज उपचार की जानकारी किसानों को दीसब्जी अनुसंधान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. सबीना ने सब्जियों में पोषक तत्वों की उपयोगिता बताते हुए किसानों को घरों में सब्जी उत्पादन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वस्थ आहार में हरी पत्तेदार सब्जियों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।केवीके वैज्ञानिक डॉ. नेत्रपाल मलिक ने प्राकृतिक खेती और जैविक खेती की तकनीकों की जानकारी दी, वहीं डॉ. रनवीर सिंह ने रासायनिक खादों के दुष्प्रभाव बताते हुए जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया। प्रगतिशील किसान राधेश्याम शर्मा ने जैविक खाद बनाने की विधि और देशी गाय के गोबर से तैयार खाद के लाभ बताए।

अलीगढ जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अशोक कुमार सोनी ने किसानों को केसीसी, सीएम युवा योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन, गन्ना विकास, पंचायतीराज विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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Lakshman Singh Raghav

अलीगढ़ से जिला रिपोर्टर लक्ष्मन सिंह राघव

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