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Aligarh News: पुलिस की नई पहल, हर महीने धर्मगुरुओं संग बैठक से मजबूत होगा जनविश्वास
Aligarh News: अलीगढ़ पुलिस हर महीने धर्मगुरुओं संग बैठक कर समस्याएं सुनेगी, शांति-सौहार्द बनाए रखने और पुलिस-जनता के बीच विश्वास बढ़ाने पर जोर।
Aligarh News:-जनपद में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अलीगढ़ पुलिस ने धर्मगुरुओं को अपना सहयोगी बनाना शुरू कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के आदेश पर शनिवार को जनपद के सभी थानों में थाना प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं के साथ गोष्ठी आयोजित की।एसपी के निर्देश हैं।कि हर महीने के तीसरे रविवार को थाना स्तर पर धर्मगुरुओं के साथ बैठक की जाए। इसका उद्देश्य पीड़ितों के साथ बेहतर व्यवहार, समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाना है।
समस्याएं सुनीं, सुझाव भी लिए
गोष्ठी के दौरान सभी थाना प्रभारियों ने धर्मगुरुओं की बातों को गंभीरता से सुना। उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया गया। साथ ही थानों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए धर्मगुरुओं से जरूरी सुझाव भी मांगे गए।पुलिस अधिकारियों ने धर्मगुरुओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखें और कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। बैठक में सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां भी साझा की गईं।
विश्वास बढ़ाने की कवायद
अलीगढ एसएसपी नीरज कुमार जादौन का मानना है। कि धर्मगुरु समाज के सबसे प्रभावी लोग होते हैं। उनकी बात आम जनता तक जल्दी पहुंचती है। इसलिए पुलिस और जनता के बीच सेतु का काम धर्मगुरु कर सकते हैं। इसी सोच के साथ हर महीने नियमित बैठक कर फीडबैक लेने का फैसला किया गया है।बैठक में धर्मगुरुओं ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद से पुलिस और समाज के बीच की दूरी कम होगी और समस्याओं का समाधान समय पर हो सकेगा।पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई में आने वाले हर पीड़ित के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाएगा और शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता पर होगा।कुल मिलाकर अलीगढ़ पुलिस की यह पहल समुदाय पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
Aligarh News: खैर पुलिस का ‘जादू’! चोरी का असली माल गायब, पीड़ित को थमा दिए नकली जेवर"
Aligarh News: खैर थाना पुलिस की कार्यशैली पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चोरी का खुलासा करने के नाम पर पुलिस ने पीड़ित को नकली जेवर और आधी-अधूरी नकदी थमा दी। आरोप है। कि 70 हजार की असली नकदी और सोने-चांदी के असली आभूषण पुलिस ने गायब कर दिए।मामला गांव बिलखोरा निवासी गगन कुमार पुत्र रामवीर से जुड़ा है। पीड़ित ने सोमवार को तहसील समाधान दिवस में उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अपना सामान वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
17 जुलाई को हुई थी चोरी
गगन कुमार के मुताबिक 17 जुलाई 2026 की सुबह उनके घर का ताला टूटा मिला। अज्ञात चोर घर से 70 हजार रुपये नकद के साथ सोने-चांदी के कई असली आभूषण लेकर फरार हो गए थे। घटना की सूचना तुरंत डायल 112 और खैर कोतवाली को दी गई, लेकिन आरोप है। कि पुलिस ने कई चक्कर कटवाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की।थक-हार कर पीड़ित ने अलीगढ़ एसएसपी से शिकायत की, जिसके बाद जाकर चोरी का मुकदमा दर्ज हो सका।
‘बरामदगी’ के नाम पर हुआ खेल
पीड़ित का आरोप है। कि चोरी के कुछ दिन बाद खैर पुलिस ने उन्हें बुलाकर बताया कि चोरी का सामान बरामद हो गया है। लेकिन जब वे कोतवाली पहुंचे तो उन्हें सिर्फ 6 हजार रुपये नकद और कुछ जेवर दिए गए। बाकी सामान देने से पुलिस ने साफ मना कर दिया।
गगन का कहना है। कि शक होने पर उन्होंने बरामद जेवर को ज्वेलर्स से चेक कराया तो होश उड़ गए। ज्वेलर्स ने बताया कि पुलिस द्वारा दिया गया पूरा सामान आर्टिफिशियल और नकली है। असली सोना-चांदी का एक भी टुकड़ा उसमें नहीं था।
पीड़ित का आरोप: फर्जी खुलासा, असली माल गायब
शिकायती पत्र में गगन ने लिखा है। कि खैर पुलिस ने फर्जी चोरी का खुलासा करते हुए चांदी तक के सामान को नकली दिखाकर खानापूर्ति कर दी। उनका आरोप है। कि असली नकदी और जेवरात को पुलिस ने गायब कर दिया और उनके साथ छल किया गया।
पीड़ित ने उच्चाधिकारियों से मांग की है। कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो और उनका चोरी गया असली सामान व नकदी बरामद कराकर उन्हें वापस दिलाया जाए।
फिलहाल पीड़ित की शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच की बात कही जा रही है। अब देखना होगा कि खाकी पर लगे इन गंभीर आरोपों की जांच में क्या निकलकर सामने आता है।


