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Aligarh News: चीनी मिल-कासिमपुर रोड पर 5 फीट गड्ढे, ग्रामीणों में दहशत
Aligarh News: अलीगढ़ की चीनी मिल-कासिमपुर रोड पर गहरे गड्ढों और जलभराव से ग्रामीणों में दहशत, हादसों का खतरा बढ़ा।
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Aligarh News: उत्तर प्रदेश सरकार के गड्ढामुक्त सड़क अभियान के दावे अलीगढ़ के जवां थाना क्षेत्र में चीनी मिल से कासिमपुर तक जाने वाली सड़क पर दम तोड़ रहे हैं। सड़क पर 4 से 5 फीट तक के गहरे गड्ढे हैं, जिसमें पानी भरा है और हर मोड़ पर हादसे का डर बना हुआ है। इसी बदहाल सड़क को लेकर दो स्थानीय ग्रामीणों ने कैमरे पर अपना गुस्सा और दर्द बयां किया है, जो सिस्टम की पोल खोलने के लिए काफी है।
पहला दर्द- सिंह चौहान, गांव साता का
सिंह चौहान ने बताया कि ये उनका लोकल एरिया है। चीनी मिल से कासिमपुर स्टेशन तक यही एक रास्ता है। बच्चों को स्कूल छोड़ने जाना हो, बैंक जाना हो, इसी कीचड़ भरी सड़क से गुजरना पड़ता है।उन्होंने आरोप लगाया कि इस सड़क की बर्बादी की असली वजह पीछे बना एक निजी सीमेंट प्लांट है। प्लांट से रोजाना करीब 1000 ओवरलोड ट्रक निकलते हैं। फैक्ट्री में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है, ट्रक सड़क पर ही नो-पार्किंग में खड़े कर दिए जाते हैं। टर्निंग पर ट्रक खड़े होने से रोज जाम और एक्सीडेंट होते हैं।
सिंह ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा, "फैक्ट्री वालों की चौकी-थाने तक पहुंच है। अगर हम जन आंदोलन करें तो पुलिस आकर हमें ही हाउस अरेस्ट कर लेती है। ट्रक वाले गुंडई करते हैं। और कहते हैं कि हम बदमाश हैं। पिछले एक साल में इस सड़क पर 3 लोगों की मौत हो चुकी है। हमारे बच्चे रोज मर रहे हैं, कोई सुनने वाला नहीं।"
दूसरा दर्द- रविराज, कासिमपुर देहात का
दूसरे ग्रामीण रविराज ने बताया कि वह रोज टेंपो और बाइक से इसी रास्ते से गुजरता है। 4-5 महीने से सड़क टूटी पड़ी है। गड्ढों में सिर्फ पत्थर डालकर खानापूर्ति कर दी गई है, जिससे बाइक फिसल रही है।
रविराज ने कहा, "मैं कई बार ट्रक वालों को समझाता हूं, भाई गाड़ी साइड में लगाओ, हादसा हो जाएगा। वो दादागिरी करते हैं, मानते ही नहीं। नो-पार्किंग में ट्रक लगा देते हैं, चाहे गाड़ी पलटे या गिरे, उन्हें मतलब नहीं।"
दोनों ग्रामीणों ने नवागत मंडलायुक्त से गुहार लगाई है। कि इस सड़क को तुरंत बनवाया जाए, फैक्ट्री के ट्रकों के लिए अलग रूट और पार्किंग जोन बनाया जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस चीख के बाद प्रशासन जागता है। या अगली मौत का इंतजार करता है।


