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Aligarh News: माटीकला से रोजगार का रास्ता, युवाओं को मिली सरकारी योजनाओं की जानकारी
Aligarh News: अलीगढ़ के धनीपुर में आयोजित माटीकला जागरूकता कार्यक्रम में युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, विपणन और स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी गई।
माटीकला से रोजगार का रास्ता, युवाओं को मिली सरकारी योजनाओं की जानकारी (Photo- Newstrack)
Aligarh News: ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गुरुवार को विकासखंड धनीपुर के ग्राम सचिवालय पनैठी में उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की विपणन विकास सहायता एवं प्रचार-प्रसार योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय माटीकला जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्व मंत्री की माता श्रीमती रजनी दिलेर एवं ब्लॉक प्रमुख पूजा दिवाकर ने फीता काटकर किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं से पारंपरिक माटीकला को आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं के साथ जोड़कर स्वरोजगार अपनाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि रजनी दिलेर ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनेक लाभार्थीपरक योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं का लाभ लेकर आज कई युवा गांव में ही अपना रोजगार स्थापित कर रहे हैं। और दूसरे लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने युवाओं और महिलाओं से सफल लाभार्थियों के अनुभवों से सीख लेकर सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
ब्लॉक प्रमुख पूजा दिवाकर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पारंपरिक माटीकला को आधुनिक बाजार से जोड़ने का लगातार प्रयास कर रही है। सरकार की योजनाओं से कारीगरों और युवाओं को आर्थिक मजबूती मिल रही है और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार ही आत्मनिर्भर भारत की सबसे मजबूत नींव है।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी संजीदा बेगम ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि माटीकला बोर्ड के माध्यम से कारीगरों और नवयुवक-युवतियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ रही है और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
कार्यक्रम में इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अजय वर्धन आचार्य ने युवाओं को स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कोर्सों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और आधुनिक प्रशिक्षण से युवा अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
लाभार्थी राहुल प्रजापति ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने खादी ग्रामोद्योग विभाग की सहायता से पांच लाख रुपये का ऋण लेकर माटीकला का व्यवसाय शुरू किया। आज उनका उद्यम सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और उनके यहां 10 से 15 युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है। उनकी सफलता की कहानी ने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं को काफी प्रेरित किया।
कार्यक्रम में माटीकला उत्पादों के नवाचार, गुणवत्ता संवर्धन, आधुनिक तकनीक और विभागीय योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही सेंट्रल ग्लास एंड सिरेमिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, खुर्जा के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक ने माटीकला उद्योग में रोजगार और व्यवसाय की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से इस क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।
जागरूकता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, कारीगर और युवा मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक माटीकला को नई तकनीक और सरकारी सहायता के माध्यम से रोजगार का सशक्त माध्यम बनाना रहा।


