Mathura News: जिला कारागार में महिला बंदियों ने शुरू किया कृष्ण माला निर्माण कार्य, हुआ उद्घाटन

Mathura News: जिला कारागार मथुरा में महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल के तहत कृष्ण माला निर्माण कार्य शुरू हुआ, अधिकारियों ने उद्घाटन कर पुनर्वास प्रयासों की सराहना की।

Amit Sharma
Published on: 11 Jun 2026 6:09 PM IST
Mathura News: जिला कारागार में महिला बंदियों ने शुरू किया कृष्ण माला निर्माण कार्य, हुआ उद्घाटन
X

Mathura News: मथुरा। जिला कारागार मथुरा में महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। खजनी वेलफेयर सोसाइटी द्वारा पिछले एक सप्ताह से महिला बंदियों को भगवान श्रीकृष्ण की माला बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद गुरुवार को महिला बैरक में माला निर्माण कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया गया।


कार्यक्रम का उद्घाटन जिला जज विकास कुमार, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर अपर जिला जज राम कुमार पांडेय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नितिन दीक्षित तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता सिंह भी मौजूद रहीं।

महिला बंदियों को एक और रोजगारपरक कौशल प्राप्त होगा

कारागार में पहले से ही हथकरघा इकाई संचालित है, जहां साड़ियां, तौलिए तथा भगवान श्रीकृष्ण की पोशाक और मुकुट तैयार किए जाते हैं। अब माला निर्माण कार्य शुरू होने से महिला बंदियों को एक और रोजगारपरक कौशल प्राप्त होगा।


इस दौरान जेल परिसर के बाहर बंदियों से मिलने आने वाले परिजनों की सहायता के लिए बनाई गई हेल्प डेस्क का भी उद्घाटन जिला जज ने किया। यह हेल्प डेस्क आगंतुकों को आवश्यक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराएगी।

अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती बंदियों का हालचाल भी जाना

उद्घाटन कार्यक्रम के बाद अधिकारियों ने जिला कारागार का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान पाकशाला, चिकित्सालय और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती बंदियों का हालचाल भी जाना। निरीक्षण में कारागार परिसर में साफ-सफाई और व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।


इस मौके पर जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग, चिकित्साधिकारी डॉ. उपेंद्र पाल सिंह सोलंकी, जेलर सुरेंद्र मोहन सिंह, डिप्टी जेलर दुर्गेश प्रताप सिंह, रविंद्र कुमार, हेमराज, मयंक त्रिपाठी सहित अन्य जेल कर्मी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने महिला बंदियों को दिए जा रहे कौशल प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास बंदियों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Amit Sharma
ABOUT THE AUTHOR

Amit Sharma

Next Story