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Amethi News: AK-203 बनी पूरी तरह देसी, अमेठी में तैयार हुई ‘शेर’; सितंबर में सेना करेगी कड़ा ट्रायल
Amethi News: अमेठी के कोरवा आयुध कारखाने में देश की पहली 100% स्वदेशी AK-203 ‘शेर’ तैयार हुई। टेस्ट-फायरिंग सफल रही। सितंबर 2026 में सेना को यूजर ट्रायल के लिए प्रोटोटाइप सौंपे जाएंगे।
AK-203 Indian Army (Image Credit-Social Media)
नई दिल्ली/लखनऊ। रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' मिशन को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) ने उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित कोरवा आयुध कारखाने (Korwa Ordnance Facility) में देश की पहली 100% स्वदेशी AK-203 असॉल्ट राइफल का सफलतापूर्वक निर्माण और परीक्षण (टेस्ट-फायर) पूरा कर लिया है। इस पूर्णतः स्वदेशी राइफल को 'शेर' (Sher) नाम दिया गया है।
100% भारतीय कलपुर्जों से निर्माण: आत्मनिर्भरता का बड़ा कदम
IRRPL के सीईओ और प्रबंध निदेशक मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा ने इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह केवल चुनिंदा हिस्सों का स्थानीयकरण (Localiation) नहीं है, बल्कि यह सिरे से अंत तक (End-to-End) वास्तविक और पूर्ण स्वदेशीकरण है।
हर पुर्जा भारत में निर्मित: राइफल में इस्तेमाल किया गया एक-एक कलपुर्जा (Component) और कच्चा माल (Input Material) पूरी तरह से भारतीय रक्षा उद्योगों और आपूर्ति श्रृंखला से हासिल किया गया है।
सफल परीक्षण: पहली 100% स्वदेशी AK-203 राइफल की बर्स्ट-फायरिंग (Burst Firing) सहित सभी जरूरी तकनीकी और परिचालन संबंधी फायरिंग सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं, और इसके शुरुआती नतीजे बेहद उत्साहजनक रहे हैं।
सितंबर 2026 में सेना को सौंपी जाएंगी प्रोटोटाइप राइफलें
मेजर जनरल शर्मा के अनुसार, कोरवा फैक्ट्री में अब पूर्णतः स्वदेशी प्रोटोटाइप्स की आवश्यक संख्या तैयार करने पर तेजी से काम चल रहा है।
आर्मी ट्रायल्स: इन 100% स्वदेशी राइफलों को विस्तृत और कड़े परीक्षणों (User Trials) के लिए सितंबर 2026 के दौरान भारतीय सेना (Indian Army) को सौंपा जाएगा।
परियोजना की पृष्ठभूमि: इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL)
संयुक्त उपक्रम (2019): वर्ष 2019 में भारत सरकार और रूस के बीच नई दिल्ली और मॉस्को के रक्षा समझौते के तहत कोरवा (अमेठी) में AK-203 असॉल्ट राइफलों के निर्माण के लिए IRRPL की स्थापना की गई थी।
INSAS राइफलों का विकल्प: 7.62×39 मिमी कैलिबर वाली यह अत्याधुनिक असॉल्ट राइफल भारतीय सेना में दशकों पुरानी इंसास (INSAS) राइफलों की जगह लेगी, जिससे अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिकों की मारक क्षमता, सटीकता और विश्वसनीयता में कई गुना सुधार होगा।


