Amethi News: खेतों में अवैध इलेक्ट्रिक बाड़ लगाने वालों को होगी सात साल की सजा

Amethi News: अमेठी में खेतों के चारों ओर करंटयुक्त तार लगाने वालों पर बिजली विभाग ने सख्त चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति, पशु या वन्यजीव की मौत होने पर भूमि स्वामी को भारी जुर्माना और सात साल तक की जेल हो सकती है।

Surya Bhan Dwivedi
Published on: 20 Jun 2026 4:24 PM IST
Amethi News: खेतों में अवैध इलेक्ट्रिक बाड़ लगाने वालों को होगी सात साल की सजा
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Amethi News: उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद में खेतों के चारों ओर लगाए गए करंटयुक्त तारों की चपेट में आने से लगातार सामने आ रही मौत और हादसों की घटनाओं के बाद बिजली विभाग भी जाग गया है। बिजली विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि घरेलू या कृषि विद्युत कनेक्शन से खेतों की घेराबंदी में करंट दौड़ाना पूरी तरह अवैध है। ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति, पशु या वन्यजीव की मौत होने पर भूमि स्वामी को जहां भारी जुर्माना लगाया जायेगा।वही उन्हें सात साल तक जेल भी हो सकती है।

अधीक्षण अभियंता अमेठी अरुण कुमार सिंह शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि खेतों की सुरक्षा के नाम पर सीधे घरेलू बिजली ग्रिड से जुड़े उच्च वोल्टेज इलेक्ट्रिक बाड़ लगाना कानूनन अपराध है। यदि ऐसे बाड़ से किसी व्यक्ति या पशु को चोट लगने या उसकी मृत्यु होने पर संबंधित भूमि स्वामी को आपराधिक रूप से जिम्मेदार माना जाएगा।विभाग के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही से मृत्यु जैसे गंभीर अपराधों में मुकदमा दर्ज हो सकता है। वहीं विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 126 के तहत बिजली का अनधिकृत उपयोग मानते हुए विद्युत कनेक्शन काटने और भारी आर्थिक दंड का भी प्रावधान है।

उन्होंने आगे बताया कि यदि ऐसे विद्युत बाड़ की वजह से किसी वन्यजीव की मौत होती है तो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत 3 से 7 वर्ष तक की जेल और जुर्माने की कार्रवाई हो सकती है। बिजली विभाग ने किसानों और भूमि स्वामियों से कानून का पालन करने तथा किसी भी स्थिति में घरेलू बिजली लाइन से खेतों की घेराबंदी में करंट प्रवाहित न करने की अपील की है। आपको बता दें कि विगत चार दिनों एक बच्ची सहित तीन लोगों के मौत के मामले में खेतों में लगी बाड़ में करंट का मामला सामने आया था।जिसके बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है।

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