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Amethi News: अमेठी में सवा लाख श्रद्धालुओं के बीच पुलिस का जीरो एक्सीडेंट मॉडल सफल
Amethi News: अमेठी में सवा लाख श्रद्धालुओं के बीच सावन मेला शांतिपूर्ण संपन्न, 850 जवानों, ड्रोन और गोताखोरों ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था।
Amethi News: अमेठी में सावन माह में 18 प्रमुख शिव मंदिरों में करीब 1.25 लाख श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक और दर्शन किया। जबरजस्त भीड़ के बावजूद भी किसी श्रद्धालु की दुर्घटना में मौत या जनहानि नहीं हुई।जिले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के 850 पुलिसकर्मियों की तैनाती, चार ड्रोन कैमरों से निगरानी, 120 महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी, चार ट्रैफिक टीमें और एक कंपनी पीएसी तैनात रही। अमेठी पुलिस इसे जीरो इंसीडेंट, जीरो एक्सीडेंट अभियान की उपलब्धि बता रही है। आइए इस खास रिपोर्ट में जानते है आखिर कैसे जीरो एक्सीडेंट के साथ संपन्न हुआ सावन मेला।
पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि जिले में सावन का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ शांति पूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।जिले में 18 प्रमुख शिव मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। पूरे महीने में लगभग सवा लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने शिवालयों पर जलाभिषेक किया।शिव मंदिरों एवं प्रमुख मार्गों पर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया।
850 जवानों के साथ QRT और PAC ने संभाला मोर्चा।
श्रद्धालुओं के सुरक्षा व्यवस्था के लिए आठ सौ पच्चास पुलिस के जवान तैनात किए गए थे।यह पुलिस फोर्स प्रमुख मंदिरों और कावड़ियों के प्रमुख मार्गों पर तैनात की गई थी।ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।किसी भी अपरिहार्य स्थिति से निपटने के लिए एक कम्पनी पीएसी की व्यवस्था की गई थी।प्रत्येक थाने से एक क्यूआरटी टीम भी लगाई गई थी।ताकि आपात स्थित में काबू पाया जा सके।
महिला श्रद्धालुओं के 120 महिला सिपाही रही तैनात।
पुलिस अधीक्षक ने महिला श्रद्धालुओं के लिए लिए भी विशेष इंतजाम किया थे।महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 120 महिला सिपाही तैनात की गई थी।ताकि महिलाओं को जलाभिषेक और दर्शन करने में कोई दिक्कत न हो।इस दौरान छेड़छाड़, अशांति अथवा कानून-व्यवस्था से संबंधित कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई।
आसमान से ड्रोन कैमरों से हो रही थी निगरानी।
भीड़ नियंत्रण और उन पर नजर रखने के लिए पुलिस फोर्स के अतरिक्त आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया गया था।चार ड्रोन कैमरे लगाए गए थे।ताकि भीड़ पर मानिटरिंग के साथ साथ अराजकतत्वों की पहचान की जा सके। चौकस व्यवस्था के चलते चोरी स्नेचिंग वा अन्य कोई मामले सामने नहीं आए।
ट्रैफिक मैनेजमेंट का था विशेष इंतजाम।
ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए भी पुलिस अधीक्षक ने विशेष इंतजाम किया था।ताकि जाम से श्रद्धालुओं को दो चार न होना पड़े।जिसके लिए चार टीमें लगाई थी।टीमें लगातार गतिमान रहती थी।ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना न करना पड़े।जिससे कही भी श्रद्धालुओं के साथ कोई दुर्घटना का मामला सामने नहीं आया।
पड़ोसी जनपदों से स्थापित किया गया समन्वय।
जिले के सीमावर्ती इलाके में स्थित मंदिरों पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु पड़ोसी जनपद के पुलिस से बेहरतीन समन्वय स्थापित किया गया।रायबरेली,बाराबंकी, अयोध्या की जीआरपी,आरपीएफ से भी समन्वय स्थापित किया गया।
दण्डेश्वर धाम में गोताखोरों ने संभाला मोर्चा।
गोमती नदी के किनारे दण्डेश्वर धाम मंदिर पर आए हुए श्रद्धालुओं के स्नान करने के दौरान किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए तीस अतरिक्त गोताखोर की व्यवस्था पुलिस विभाग द्वारा की गई थी। 200 से अधिक वालेंटियर भी श्रद्धालुओं की सेवा और व्यवस्था में लगाए गए थे।
श्रद्धालुओं के ऊपर पहली बार हुई पुष्प वर्षा।
दण्डेश्वर धाम में पहली बार श्रद्धालुओं के ऊपर पुष्प वर्षा की गई।जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह कई गुना बढ़ गया।इसके अतिरिक्त सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं के सम्मान में पुष्प वर्षा कर स्वागत की व्यवस्था की गई थी। पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी स्वयं कई बार श्रद्धालुओं के ऊपर पुष्प वर्षा करते दिखाई दिए थे।


