अमित शाह के बयान से भड़की BSP, रामजी गौतम बोले- ‘तथ्यों के बिना बात करना पद को शोभा नहीं देता’

अमित शाह के ‘अपराध की इंडस्ट्री’ वाले बयान पर BSP सांसद रामजी गौतम ने पलटवार किया। उन्होंने मायावती सरकार के कानून-व्यवस्था, शिक्षा और विकास कार्य गिनाए।

Alakha Singh
Published on: 27 Sept 2026 3:37 PM IST (Updated on: 27 Sept 2026 3:39 PM IST)
अमित शाह के बयान से भड़की BSP, रामजी गौतम बोले- ‘तथ्यों के बिना बात करना पद को शोभा नहीं देता’
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Amit Shah BSP controversy: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से सपा-बसपा शासनकाल को लेकर दिए गए बयान पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) भड़क गई है। बसपा के पूर्व सांसद रामजी गौतम ने पलटवार किया है। बसपा के राज्यसभा सांसद और केंद्रीय कोऑर्डिनेटर रामजी गौतम ने अमित शाह के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मायावती सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं और भाजपा सरकार पर कई सवाल उठाए।

अमित शाह ने नोएडा में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के उद्घाटन के दौरान कहा था कि सपा-बसपा शासन में प्रदेश में ‘अपराध की इंडस्ट्री’ चलती थी और ‘कट्टा-तमंचा का कुटीर उद्योग’ लगा था। उन्होंने कहा कि आज कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर बन गया है। शाह ने योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था में सुधार का भी दावा किया।

रामजी गौतम ने अमित शाह को दिया जवाब

रामजी गौतम ने अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गृह मंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को किसी भी सरकार के बारे में तथ्यों के साथ बात करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मायावती के चार कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में गुंडाराज, माफिया राज और डकैतों के प्रभाव को खत्म किया गया तथा ‘गुंडा टैक्स’ जैसी वसूली पर रोक लगाई गई।

गौतम ने कहा कि बसपा सरकार के दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर अमन-चैन कायम करने का काम किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि गरीब परिवारों को जमीन का मालिकाना हक देने और भूमिहीनों को जमीन के पट्टे देने जैसी योजनाओं पर काम हुआ।

हालांकि, ये रामजी गौतम और बसपा की ओर से किए गए राजनीतिक दावे हैं। इनके सभी आंकड़ों और तुलनात्मक दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती।

भाजपा सरकार पर पेपर लीक को लेकर हमला

रामजी गौतम ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक का मुद्दा उठाया। उन्होंने 2017 के बाद कई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक या परीक्षा रद्द होने की घटनाओं का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस भर्ती, UPTET, लेखपाल भर्ती और RO/ARO समेत कई परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। गौतम ने इसे ‘पेपर लीक उद्योग’ बताते हुए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

2024 में यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द की गई थी और बाद में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। इसी तरह RO/ARO प्रारंभिक परीक्षा 2024 को लेकर भी पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा प्रक्रिया विवादों में रही।

26 हजार स्कूल बंद होने का दावा

बसपा नेता ने उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों की संख्या घटने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद 26 हजार से ज्यादा सरकारी प्राथमिक और जूनियर स्कूल बंद किए गए हैं और इससे गरीब तथा ग्रामीण परिवारों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है।

यह आंकड़ा राजनीतिक बहस का विषय रहा है। अगस्त 2026 में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया था कि 2017 में प्रदेश में 1,13,938 प्राथमिक स्कूल थे, जो 2026 में घटकर 87,552 रह गए। उनके अनुसार 26,386 स्कूलों की संख्या कम हुई।

वहीं, उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि सरकार ने स्कूल बंद नहीं किए हैं और प्रदेश में 1,32,773 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं।

इसलिए स्कूलों की संख्या को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावों के बीच ‘स्कूल बंद’ और ‘स्कूलों का विलय/पुनर्गठन’ के अंतर को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

मायावती सरकार के शिक्षा मॉडल का जिक्र

रामजी गौतम ने 2007 से 2012 के बीच मायावती सरकार के दौरान शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान करीब 5 हजार प्राथमिक और जूनियर स्कूल खोले गए।

गौतम के मुताबिक, मायावती सरकार में 572 राजकीय हाई स्कूल और माध्यमिक विद्यालय, 100 से अधिक डिग्री कॉलेज, इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों के साथ विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई।

उन्होंने कहा कि इन संस्थानों को खासतौर पर ग्रामीण और दलित-पिछड़े बहुल क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित किया गया था। उन्होंने गरीब परिवारों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए बसपा सरकार द्वारा कोचिंग संस्थान स्थापित किए जाने का भी दावा किया।

‘2007 से पहले भय का माहौल था, उसे खत्म किया’

रामजी गौतम ने कहा कि 2007 से पहले उत्तर प्रदेश में अपराध और डकैतों के प्रभाव को लेकर भय का माहौल था, लेकिन मायावती सरकार ने इसे बदलने का काम किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में हत्या, बलात्कार और जमीन पर कब्जे जैसी घटनाओं को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। साथ ही उन्होंने प्रदेश में जातीय तनाव और सामाजिक असमानता को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

नकली दवाओं के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

बसपा नेता ने उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार को लेकर भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि नकली दवाओं के कारण बच्चों की मौत के मामले सामने आए हैं और सरकार को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

गौतम ने कहा कि यदि भाजपा सरकार पिछली सरकारों के शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है तो उसे अपने कार्यकाल के दौरान पेपर लीक, शिक्षा और नकली दवाओं जैसे मुद्दों पर भी जवाब देना चाहिए।

2027 से पहले बढ़ रही सियासी बयानबाजी

अमित शाह के बयान और रामजी गौतम की प्रतिक्रिया को उत्तर प्रदेश की आगामी विधानसभा चुनावी राजनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। भाजपा जहां योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल को कानून-व्यवस्था, निवेश और औद्योगिक विकास से जोड़कर पेश कर रही है, वहीं बसपा अपने शासनकाल की कानून-व्यवस्था और सामाजिक कल्याण योजनाओं को सामने रख रही है।

अमित शाह ने अपने बयान में सपा-बसपा शासन को अपराध से जोड़ते हुए मौजूदा सरकार में डिफेंस और औद्योगिक विकास को रेखांकित किया। इसके जवाब में बसपा ने मायावती सरकार के शिक्षा, कानून-व्यवस्था और गरीबों से जुड़े कार्यों को मुद्दा बनाया है।

आने वाले समय में यूपी की राजनीति में दोनों पक्षों के शासनकाल के रिकॉर्ड, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, रोजगार और विकास से जुड़े आंकड़े चुनावी बहस का प्रमुख हिस्सा बन सकते हैं।

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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