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सिंगर अंकित बालियान के हत्यारों पर बड़ा एक्शन, एनकाउंटर में ढेर हुए दो शूटर
Ankit Balyan Murder Case: शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में यूपी पुलिस की बड़ी कार्रवाई। एनकाउंटर में दो कथित शूटर सुमित और मोहित ढेर, बाकी आरोपियों और पूरी साजिश की तलाश जारी।
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Ankit Balyan Murder Case: उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान (Ankit Balyan) की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। अंकित बालियान की हत्या के बाद से यूपी पुलिस और एसटीएफ (UP STF) लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। अब पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कथित शूटरों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। मारे गए आरोपियों की पहचान सुमित और मोहित के तौर पर हुई है।
इस एनकाउंटर के बाद अंकित बालियान हत्याकांड की जांच अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में भी लगातार जुटी हुई है और हत्याकांड के पीछे की पूरी साजिश तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
हत्या के लिए पहुंचे थे चार शूटर
पुलिस की अब तक की पड़ताल के मुताबिक, हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या को अंजाम देने के लिए कुल चार शूटर पहुंचे थे। इनमें से दो कथित शूटर सुमित और मोहित अब पुलिस एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस हत्याकांड में सिर्फ चार शूटर ही शामिल नहीं थे। चार शूटरों के अलावा दो अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है, जो रेकी और दूसरी तरह की मदद में शामिल थे। यानी अब तक की पुलिस जांच में अंकित बालियान हत्याकांड से जुड़े कुल छह लोगों की भूमिका सामने आ चुकी है।
पुलिस अब बाकी बचे आरोपियों और हत्याकांड में मदद करने वाले लोगों की तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि इन आरोपियों तक पहुंचने के बाद हत्या के पीछे की पूरी साजिश से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।
CCTV से हुई थी चारों शूटरों की पहचान
अंकित बालियान की हत्या के बाद यूपी पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों (CCTV) की फुटेज खंगाली थी। पुलिस ने इन फुटेज के आधार पर वारदात को अंजाम देने वाले चारों शूटरों की पहचान कर ली थी।
जांच में सामने आया था कि गोली चलाने वाले शूटर हरियाणा (Haryana) के हिसार (Hisar) और रोहतक (Rohtak) के रहने वाले हैं। आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई थी। इसमें पता चला कि एक आरोपी पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका था।
वहीं, बाकी तीन आरोपियों के खिलाफ छोटे-मोटे अपराधों से जुड़ी जानकारी सामने आई थी। आरोपियों की पहचान होने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी थी और अलग-अलग जगहों पर दबिश शुरू की गई थी।
घरों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर दबिश
चारों शूटरों की पहचान सामने आने के बाद हरियाणा पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों के घरों और उनके रिश्तेदारों के ठिकानों पर दबिश दी थी।
परिवार के लोगों और करीबियों से पूछताछ शुरू हुई तो आरोपी सतर्क हो गए। इसके बाद शूटरों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और फरार हो गए। मोबाइल बंद होने के बाद पुलिस के लिए उनकी लोकेशन ट्रैक करना और चुनौतीपूर्ण हो गया।
इसके बाद यूपी एसटीएफ ने भी आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी। यूपी पुलिस और एसटीएफ लगातार अलग-अलग ठिकानों पर जानकारी जुटा रही थी और फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी।
कॉल डिटेल और व्हाट्सऐप हिस्ट्री भी खंगाली गई
अंकित बालियान हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने कई पहलुओं पर पड़ताल की। पुलिस ने अंकित बालियान की कॉल डिटेल (Call Detail) भी खंगाली और उनकी व्हाट्सऐप मैसेजिंग हिस्ट्री (WhatsApp Messaging History) की भी जांच की गई।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही थी कि हत्या के पीछे कौन लोग शामिल थे और वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों को किस तरह की मदद मिली थी। जांच एजेंसियां हत्याकांड में शामिल मददगारों और साजिश से जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही थीं।
पुलिस की जांच का फोकस सिर्फ गोली चलाने वाले शूटरों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन लोगों पर भी था जिन्होंने रेकी की, दूसरी तरह से मदद की या हत्याकांड की साजिश में किसी तरह की भूमिका निभाई।
हत्यारों की तलाश में लगाई गई थीं 8 टीमें
अंकित बालियान हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर टीमों को लगाया था। मेरठ जोन (Meerut Zone) के सात जिलों के पुलिस अधिकारियों की कुल आठ टीमें इस मामले के खुलासे और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थीं।
इन टीमों ने यूपी के साथ-साथ हरियाणा और दिल्ली (Delhi) में भी लगातार दबिश दी। पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही थी और संदिग्ध ठिकानों पर कार्रवाई की जा रही थी।
इससे पहले मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर (ADG Bhanu Bhaskar) भी शामली पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे तक बैठक की थी और हत्याकांड की जांच की समीक्षा की थी।
एडीजी ने पहले ही दिए थे संकेत
शामली पहुंचकर अधिकारियों के साथ बैठक करने के दौरान मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने जांच की स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने कहा था कि पुलिस आरोपियों और वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों के बेहद करीब पहुंच चुकी है।
इसके बाद पुलिस और एसटीएफ ने आरोपियों की तलाश और तेज कर दी थी। अब दो कथित शूटरों सुमित और मोहित के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद इस हत्याकांड की जांच आगे बढ़ गई है।
एनकाउंटर के बाद बाकी आरोपियों पर फोकस
अंकित बालियान हत्याकांड में दो कथित शूटरों के एनकाउंटर के बाद अब पुलिस का पूरा फोकस बाकी बचे आरोपियों और हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों पर है। पुलिस की जांच में अब तक कुल छह लोगों की भूमिका सामने आई है, जिनमें चार शूटर और रेकी व दूसरी मदद में शामिल दो अन्य लोग शामिल हैं।
चार में से दो शूटरों का एनकाउंटर हो चुका है, जबकि बाकी आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश किसने रची और वारदात को अंजाम देने के लिए शूटरों को किस तरह की मदद मिली।
दो कथित शूटरों के मारे जाने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि पुलिस जल्द ही बाकी आरोपियों तक भी पहुंच सकती है। इसके साथ ही अंकित बालियान हत्याकांड के पीछे की पूरी साजिश और इसमें शामिल लोगों से जुड़े अहम राज भी सामने आ सकते हैं।


