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UP News: ग्लास्गो के सितारों पर यूपी सरकार की धनवर्षा, अस्मिता को डेढ़ करोड़ तो गुलवीर को सवा करोड़
UP News: ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार के साथ राजपत्रित अधिकारी बनाने की तैयारी, सात अन्य खिलाड़ियों को भी पांच-पांच लाख रुपये मिलेंगे।
ग्लास्गो के सितारों पर यूपी सरकार की धनवर्षा, अस्मिता को डेढ़ करोड़ तो गुलवीर को सवा करोड़ (Photo- Social Media)
UP News: ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिए अब उपलब्धि के साथ बड़ा पुरस्कार भी इंतजार कर रहा है। प्रदेश सरकार पदक जीतने और खेलों में भाग लेने वाले नौ खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की तैयारी में है। सबसे बड़ा पुरस्कार जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाली अस्मिता डे को मिलेगा। उन्हें ₹1.50 करोड़ दिए जाएंगे। वहीं लंबी दूरी की दौड़ में दो पदक जीतने वाले अलीगढ़ के गुलवीर सिंह को कुल ₹1.25 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। पदक विजेताओं को सरकारी सेवा में राजपत्रित अधिकारी बनाए जाने की भी तैयारी है।
खेल विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से समय मिलने के बाद इन खिलाड़ियों के लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित करेगा। इसमें खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के साथ उनकी उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश सरकार का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा और सरकारी सेवा में अवसर देकर नई पीढ़ी को खेलों की ओर आकर्षित करना है।
(Photo- Social Media)
जूडो में स्वर्ण जीतने वाली अस्मिता को ₹1.50 करोड़
ग्लास्गो में भारत के लिए जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाली 23 वर्षीय अस्मिता डे इस सम्मान समारोह की प्रमुख खिलाड़ी होंगी। उत्तर प्रदेश पुलिस में गाजियाबाद में तैनात अस्मिता को स्वर्ण पदक के लिए प्रदेश सरकार की ओर से डेढ़ करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ सरकारी सेवा में उनकी उपलब्धि के अनुरूप पदोन्नति और राजपत्रित अधिकारी का दर्जा दिए जाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।अस्मिता की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जूडो जैसे खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा बेहद कठिन मानी जाती है। उनकी सफलता से उत्तर प्रदेश में जूडो और अन्य व्यक्तिगत खेलों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
दो दौड़, दो पदक और गुलवीर को ₹1.25 करोड़
अलीगढ़ के गुलवीर सिंह ने ग्लास्गो में एक नहीं बल्कि दो पदक जीतकर उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीता।प्रदेश की पुरस्कार नीति के अनुसार रजत पदक के लिए उन्हें ₹75 लाख और कांस्य पदक के लिए ₹50 लाख मिलेंगे। इस तरह गुलवीर को कुल ₹1.25 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
लंबी दूरी की दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक हासिल करना उनकी निरंतरता और शारीरिक क्षमता का प्रमाण है। इसलिए उनका प्रदर्शन केवल पदकों की संख्या के लिहाज से नहीं, भारतीय एथलेटिक्स के नजरिये से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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बाकी खिलाड़ियों को भी पांच-पांच लाख
ग्लास्गो में पदक से चूकने के बावजूद उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को सरकार खाली हाथ नहीं लौटाएगी। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सात खिलाड़ियों को पांच-पांच लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है।इनमें मेरठ की अंतरराष्ट्रीय पैदल चाल खिलाड़ी प्रियंका गोस्वामी, जौनपुर के भाला फेंक खिलाड़ी रोहित यादव, मेरठ की एथलीट पारुल चौधरी, अलीगढ़ की नीरू पाठक और आगरा के मुक्केबाज आदित्य प्रताप यादव सहित शासनादेश में शामिल अन्य खिलाड़ी हैं। इस तरह सरकार का संदेश है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना भी अपने आप में ऐसी उपलब्धि है जिसे आर्थिक प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
सिर्फ नकद पुरस्कार नहीं, सरकारी नौकरी भी बड़ा आकर्षण
उत्तर प्रदेश की खेल नीति का महत्वपूर्ण पक्ष अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सरकारी सेवा से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि खिलाड़ी के सक्रिय खेल जीवन के बाद उसके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा भी जरूरी है। इसी कारण बड़ी प्रतियोगिताओं के सफल खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार के साथ राजपत्रित पदों पर नियुक्ति का रास्ता दिया गया है। खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव के मुताबिक मुख्यमंत्री से समय मिलते ही सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा और शासनादेश के अनुरूप खिलाड़ियों को पुरस्कार दिए जाएंगे।
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2022 में यूपी को मिले थे आठ पदक
पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में भी उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा था। वर्ष 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने चार रजत और चार कांस्य सहित कुल आठ पदक हासिल किए थे। इसके अलावा सीमा पुनिया, सरिता रोमित सिंह, रोहित यादव, पूनम यादव, पूर्णिमा पांडेय और विश्वनाथ यादव जैसे खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में हिस्सा लिया था। ग्लास्गो संस्करण का स्वरूप हालांकि बर्मिंघम से काफी अलग रहा। बर्मिंघम में जहां 19 खेल शामिल थे, वहीं ग्लास्गो में इनकी संख्या घटाकर 10 कर दी गई। इससे कई ऐसे खेल बाहर हो गए जिनमें भारत और उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी परंपरागत रूप से पदक के दावेदार रहे हैं। इसलिए दोनों संस्करणों में पदकों की सीधी तुलना करना पूरी तस्वीर नहीं देता।
यूपी में खेल को करियर बनाने की कोशिश
प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों से अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार राशि, सरकारी नौकरी, प्रशिक्षण सुविधाओं और खेल ढांचे के विस्तार पर जोर दे रही है। इसके पीछे एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह भी है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ी आर्थिक असुरक्षा के कारण खेल छोड़ने के लिए मजबूर न हों। बड़े नकद पुरस्कार का असर केवल पदक जीतने वाले खिलाड़ी तक सीमित नहीं रहता। गांवों और छोटे शहरों में प्रशिक्षण ले रहे किशोर खिलाड़ियों तथा उनके परिवारों को भी यह भरोसा मिलता है कि खेल को गंभीर करियर के रूप में अपनाया जा सकता है।
अस्मिता डे और गुलवीर सिंह की सफलता इसी बदलाव की दो अलग तस्वीरें हैं। एक तरफ जूडो जैसे अपेक्षाकृत कम चर्चित खेल में अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण है, दूसरी तरफ 5,000 और 10,000 मीटर जैसी कठिन एथलेटिक्स स्पर्धाओं में दो पदक हैं।
अब सम्मान समारोह में अस्मिता को ₹1.50 करोड़, गुलवीर को ₹1.25 करोड़ और अन्य चयनित खिलाड़ियों को निर्धारित प्रोत्साहन राशि मिलने के साथ सरकार यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों की उपलब्धि केवल पदक तालिका में दर्ज होकर नहीं रह जाएगी, बल्कि उसे आर्थिक और प्रशासनिक सम्मान से भी जोड़ा जाएगा।


