अतीक के बेटे आबान आज होंगे सुपुर्द-ए-खाक, जनाजे में शामिल होंगे उमर-अली, HC से मिली पैरोल

Atiq Ahmed Son Abaan Funeral: माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद को आज सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़े भाई उमर और अली को जनाजे में शामिल होने के लिए सशर्त पैरोल दी है।

Harsh Srivastava
Published on: 7 Aug 2026 4:22 PM IST
अतीक के बेटे आबान आज होंगे सुपुर्द-ए-खाक, जनाजे में शामिल होंगे उमर-अली, HC से मिली पैरोल
X

Atiq Ahmed Son Abaan Funeral: झांसी-कानपुर हाईवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे और 5वें नंबर के बेटे आबान अहमद की मौत के बाद एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। अतीक के 2 बड़े बेटों, मोहम्मद उमर और अली अहमद को अपने छोटे भाई के जनाजे (अंतिम संस्कार) में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की दोहरी पीठ ने सशर्त पैरोल की अनुमति दे दी है। वर्तमान समय में उमर लखनऊ जेल में बंद हैं, जबकि अली झांसी जिला जेल में सलाखों के पीछे हैं। कोर्ट ने पैरोल की मंजूरी देते समय सख्त निर्देश दिया है कि दोनों भाई इस दौरान मीडिया के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत या बयानबाजी नहीं करेंगे।

बुआ के घर रखा गया पार्थिव शरीर

भीषण दुर्घटना के बाद आबान के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनकी बुआ के आवास पर रखा गया है। यहां भोर से ही करीबी रिश्तेदार, स्थानीय ग्रामीण और समर्थक अतीक के छोटे बेटे का अंतिम दर्शन करने पहुंच रहे हैं। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सुरक्षा के लिहाज से पूरे गांव और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल और प्रांतीय सशस्त्र पुलिस (PAC) की तैनाती की गई है।

मित्र सोनू को हटवा में दी जाएगी सुपुर्द-ए-खाक की विदाई

इसी सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले आबान के करीबी दोस्त सोनू का अंतिम संस्कार दोपहर में जुम्मे की नमाज संपन्न होने के बाद हटवा गांव के स्थानीय कब्रिस्तान में किया जाएगा। इस घटना से जहां अतीक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है, वहीं सोनू के गांव में भी मातम छाया हुआ है। ग्रामीण शांतिपूर्ण तरीके से दोनों युवकों को अंतिम विदाई देने की तैयारियों में जुटे हैं।

कसारी मसारी में अतीक की कब्र के ठीक बगल में खोदी गई मज़ार

दिवंगत आबान का अंतिम संस्कार अतीक अहमद के ऐतिहासिक पैतृक कब्रिस्तान कसारी मसारी में किया जाएगा। यह वही कब्रिस्तान है जहां पूर्व सांसद अतीक अहमद, उनके पिता हाजी फिरोज अहमद, मां, छोटे भाई अशरफ और एनकाउंटर में मारे गए बेटे असद को दफनाया गया है। परिजनों और कारीगरों ने अतीक अहमद की मज़ार के ठीक बगल में ही आबान के लिए भी कब्र खोदकर तैयार की है।

उच्च न्यायालय से पैरोल का आदेश जारी होने के बाद जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस की टीमें जरूरी कानूनी व प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटी हैं। सुरक्षा घेरे में उमर और अली को लाया जाएगा। सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी होते ही देर शाम कसारी मसारी कब्रिस्तान में आबान को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

Harsh Srivastava
ABOUT THE AUTHOR

Harsh Srivastava

Former Content Writer Mail ID - newstrack@gmail.comharshsri764@gmail.com

Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

Next Story