अतीक के बेटे अबान के जनाजे में बेकाबू हुई भीड़, उमर-अली को देखने के लिए टूट पड़े लोग, पुलिस बैरिकेडिंग टूटी

Aban Ahmad Funeral Chaos: प्रयागराज के कसारी-मसारी में अतीक अहमद के बेटे अबान अहमद के जनाजे में हजारों की भीड़ उमड़ने से हालात बेकाबू हो गए। उमर और अली को देखने के लिए लोगों की भीड़ पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गई।

Harsh Srivastava
Published on: 8 Aug 2026 6:44 PM IST (Updated on: 8 Aug 2026 6:45 PM IST)
अतीक के बेटे अबान के जनाजे में बेकाबू हुई भीड़, उमर-अली को देखने के लिए टूट पड़े लोग, पुलिस बैरिकेडिंग टूटी
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Aban Ahmad Funeral Chaos: प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में शनिवार को उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद के जनाजे में हजारों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। भीड़ का दबाव अचानक इतना अधिक बढ़ गया कि स्थिति संभालना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया। जनाजे की ओर बढ़ने की कोशिश में बेकाबू भीड़ ने सुरक्षा के लिए लगाई गई पुलिस बैरिकेडिंग को भी तोड़ दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों ने तुरंत सख्त कदम उठाए और कब्रिस्तान के मुख्य गेट पर आम लोगों का प्रवेश रोक दिया। इसी दौरान लखनऊ जेल से उमर को लेकर पहुंची पुलिस टीम पर नजर पड़ते ही लोग उसे देखने के लिए अचानक टूट पड़े।

4 साल बाद पैरोल पर निकले दोनों भाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली विशेष राहत के बाद अलग-अलग जेलों में बंद अतीक के दोनों बड़े बेटों, उमर और अली को 4 साल के लंबे अंतराल के बाद पैरोल मिली है। दोनों को उनके छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल कराने के लिए कड़ी पुलिस सुरक्षा में प्रयागराज लाया गया। झांसी जेल से अली को लाने के लिए 400 किलोमीटर के रास्ते पर 30 पुलिसकर्मियों का भारी अमला तैनात किया गया था। अली का चेहरा मीडिया या आम लोगों को नजर न आए, इसके लिए पुलिस वैन पर गहरे पर्दे लगाए गए थे। दूसरी ओर, लखनऊ जेल में बंद उमर को भी 20 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में प्रयागराज पहुंचाया गया।

पिता अतीक और भाई असद के पास ही दफनाया जाएगा अबान

अबान अहमद के पार्थिव शरीर को कसारी-मसारी के उसी पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारी है, जहां उसका पूरा परिवार दफन है। इसी कब्रिस्तान में उसके पिता अतीक अहमद, दादा फिरोज अहमद, चाचा अशरफ और बड़े भाई असद की कब्रें मौजूद हैं। सुरक्षा के लिए कब्रिस्तान के आसपास बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है और आने-जाने वाले हर शख्स की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जा रही है। इस बीच अतीक का परिवार चाहता था कि अबान के शव को कुछ देर के लिए कसारी-मसारी स्थित पुराने मकान पर ले जाया जाए, लेकिन पुलिस प्रशासन सुरक्षा कारणों से सीधे कब्रिस्तान जाने के पक्ष में रहा।

मस्जिद में 1 घंटे तक परिजनों से मिलने की मिली इजाजत

अदालत की हिदायतों के अनुसार, उमर और अली की उनके भाई अहजम और बुआ परवीन कुरैशी से 1 घंटे के लिए मुलाकात कराई जाएगी। इसके लिए कब्रिस्तान के समीप एक मस्जिद में स्थान तय किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान दोनों भाइयों को मीडिया से किसी भी प्रकार की बातचीत करने या जुलूस निकालने से सख्त मना किया गया है। मुलाकात और अंतिम संस्कार की धार्मिक रस्में पूरी होते ही पुलिस टीम दोनों भाइयों को तुरंत वापस अपनी-अपनी जेलों के लिए लेकर रवाना हो जाएगी।

शाइस्ता परवीन के आने की उड़ी अफवाह

जनाजे के दौरान उमेश पाल हत्याकांड में नामजद और फरार चल रही अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं चलती रहीं। जब अबान का शव हटवा गांव पहुंचा, तो यह बात तेजी से फैल गई कि शाइस्ता अपने छोटे बेटे का अंतिम रूप देखने छुपकर वहां आई थी। हालांकि, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत बयान जारी कर ऐसी सभी खबरों को खारिज कर दिया और इन्हें निराधार अफवाह बताया। पूरे इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल लगातार गश्त कर रहा है।

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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