क्या चुनाव लड़ेंगे अतीक अहमद के बेटे? अहजम से मिलीं पल्लवी पटेल, सियासी चर्चाएं तेज

अतीक अहमद के बेटे अबान की मौत के बाद पल्लवी पटेल ने अहजम और परिवार से मुलाकात की। मुलाकात के बाद अतीक परिवार के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

Alakha Singh
Published on: 16 Aug 2026 4:18 PM IST (Updated on: 16 Aug 2026 5:04 PM IST)
क्या चुनाव लड़ेंगे अतीक अहमद के बेटे? अहजम से मिलीं पल्लवी पटेल, सियासी चर्चाएं तेज
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Atiq Ahmed's son Ahzam Pallvi Patel: माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद के परिवार को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद की सड़क हादसे में मौत के बाद परिवार से मिलने पहुंचीं सिराथू की विधायक और अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल की मुलाकात अब अतीक के बेटे अहजम से चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि पल्लवी पटेल ने साफ कहा है कि उनकी मुलाकात पूरी तरह मानवीय संवेदना के तहत थी और इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

पल्लवी पटेल ने अतीक परिवार से अपनी मुलाकात को पुराने पारिवारिक और राजनीतिक रिश्तों से जोड़ते हुए कहा कि जब उनके पिता और अपना दल के संस्थापक सोनेलाल पटेल मुश्किल दौर में थे, तब अतीक अहमद ने उनका साथ दिया था। ऐसे में परिवार में हुई बड़ी गमी के समय उनके घर पहुंचना उनका फर्ज था।

उमर और अहमद को देखने उमड़ी थी भीड़:

आपको बात दें के हटवा गाँव में अतीक के बेटे अबान के जनाजे में शामिल होने और जेल से पहुंचे दो भाइयों उमर और अहमद को देखने जिस कदर से भीड़ का जवामवड़ा हुआ था उससे इलाके में अतीक के परिवार की लोकप्रियता और दबदबे का अंदाजा लगाया जा सकता है। यही कारण है कि ओवैसी समेत कई पार्टियों की नजर होगी की अतीक अहमद के बेटों को चुनावी मैदान में उतारा जाए। ऐसी चर्चाएं भी यदा-कदा देखने को मिल रही हैं।

हटवा गांव पहुंचीं पल्लवी पटेल, अहजम से की मुलाकात

पल्लवी पटेल प्रयागराज के हटवा गांव पहुंचीं और अतीक अहमद की बहन के घर जाकर उनके बेटे अहजम, परिवार के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों से मुलाकात की। उन्होंने अबान की मौत पर शोक जताते हुए परिवार को ढांढस बंधाया। पल्लवी ने अतीक के भाई अशरफ के बच्चों से भी बातचीत की।

मुलाकात के बाद पल्लवी पटेल ने कहा कि परिवार पर दुख का पहाड़ टूटा है और ऐसे समय में उनके साथ खड़ा होना जरूरी है। उन्होंने इस मुलाकात को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखने की अपील की।

उनकी मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर हालांकि अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने इसे सिर्फ मानवीय संवेदना बताया, जबकि राजनीतिक हलकों में इसे अतीक परिवार और पूर्वांचल की राजनीति के पुराने समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

क्या अतीक के बेटे राजनीति में उतरेंगे?

यही वह सवाल है जिसने इस मुलाकात को राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया है। फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं है कि अहजम या अतीक परिवार का कोई सदस्य आगामी चुनाव में उतरने जा रहा है। पल्लवी पटेल की मुलाकात को चुनावी रणनीति या टिकट की कवायद से जोड़ने की कोई पुष्टि भी नहीं हुई है।

फिर भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में अतीक परिवार का नाम अपने आप में संवेदनशील और प्रभावशाली राजनीतिक संदर्भ रखता है। अतीक अहमद ने प्रयागराज की राजनीति में लंबे समय तक अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी और लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव भी जीते थे। उनकी हत्या और परिवार पर कानूनी कार्रवाई के बाद राजनीतिक तौर पर यह प्रभाव लगभग खत्म होता दिखाई दिया, लेकिन परिवार से जुड़ी हर बड़ी गतिविधि आज भी राजनीतिक बहस को जन्म देती है।

ऐसे में पल्लवी पटेल जैसी सक्रिय विपक्षी नेता का अतीक परिवार के घर पहुंचना स्वाभाविक रूप से राजनीतिक नजरों से भी देखा जा रहा है।

सोनेलाल पटेल-अतीक अहमद के रिश्ते का हवाला

पल्लवी पटेल ने इस मुलाकात के पीछे अपने पिता सोनेलाल पटेल और अतीक अहमद के पुराने रिश्तों का उल्लेख किया। रिपोर्टों के मुताबिक, अतीक अहमद का अपना दल से भी जुड़ाव रहा था और पल्लवी पटेल इसी पुराने राजनीतिक संबंध को मुलाकात का आधार बता रही हैं।

यानी पल्लवी पटेल के लिए यह सिर्फ एक शोक-संवेदना मुलाकात नहीं, बल्कि उनके मुताबिक पुराने संबंधों को निभाने का भी मामला है। लेकिन राजनीति में प्रतीकों और मुलाकातों के अपने मायने होते हैं। यही वजह है कि तस्वीरें सामने आते ही इस मुलाकात पर बहस शुरू हो गई।

अबान की मौत ने फिर सुर्खियों में ला दिया अतीक परिवार

अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की हाल में सड़क हादसे में मौत हो गई। वह जेल में बंद अपने बड़े भाई अली से मिलने जा रहा था, तभी झांसी के पास उसकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि अबान की जान चली गई। हादसे के बाद परिवार में शोक का माहौल है। दुर्घटना की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं।

अबान की मौत के बाद अतीक परिवार एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा में है। इसी बीच महाराष्ट्र सपा अध्यक्ष अबू आजमी ने भी अबान की मौत को लेकर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि अबान की मौत को लेकर लगाए गए राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

यूपी की राजनीति में क्यों महत्वपूर्ण है यह मुलाकात?

इस मुलाकात को समझने के लिए प्रयागराज और आसपास के इलाकों की राजनीति को देखना जरूरी है। पल्लवी पटेल खुद सिराथू से विधायक हैं और पिछड़ा वर्ग राजनीति में उनकी अपनी पहचान है। दूसरी ओर अतीक परिवार का प्रयागराज में एक लंबा राजनीतिक इतिहास रहा है।

इसलिए आने वाले समय में अगर अतीक परिवार का कोई सदस्य सार्वजनिक या राजनीतिक भूमिका में दिखाई देता है तो उस पर राजनीतिक दलों की नजर रहना तय है। लेकिन अभी अहजम के चुनाव लड़ने या किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की कोई पुष्टि नहीं है।

यानी फिलहाल पल्लवी पटेल की मुलाकात को चुनावी संकेत मानना जल्दबाजी होगी। हां, इतना जरूर है कि इस एक मुलाकात ने अतीक परिवार के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों का दरवाजा फिर खोल दिया है।

फिलहाल पल्लवी पटेल का संदेश साफ है: यह राजनीति नहीं, दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े होने की मुलाकात थी। लेकिन यूपी की सियासत में ऐसी मुलाकातें अक्सर सिर्फ मुलाकात बनकर नहीं रह जातीं।

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Alakha Singh

alakhsingh2025@hotmail.com

Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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