हाई सिक्योरिटी के बीच कब्रिस्तान पहुंचे अतीक के बेटे, भाई अबान के जनाजे में हुए शामिल, छलके परिजनों के आंसू

Atiq Ahmed Son Aban Funeral Row: सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद को अंतिम विदाई देने के लिए उमर और अली प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंचे।

Harsh Srivastava
Published on: 8 Aug 2026 6:23 PM IST (Updated on: 8 Aug 2026 6:24 PM IST)
हाई सिक्योरिटी के बीच कब्रिस्तान पहुंचे अतीक के बेटे, भाई अबान के जनाजे में हुए शामिल, छलके परिजनों के आंसू
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Atiq Ahmed Son Aban Funeral Row: सड़क दुर्घटना में अकाल मृत्यु का शिकार बने अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद को अंतिम विदाई देने के लिए उसके दो बड़े भाई प्रयागराज पहुंच गए हैं। अदालत से सशर्त पैरोल मिलने के बाद लखनऊ और झांसी की जेलों में बंद उमर और अली को भारी पुलिस बल की निगरानी में कसारी-मसारी कब्रिस्तान लाया गया। पुलिस की गाड़ियां सीधे कब्रिस्तान परिसर के भीतर तक गईं, जहां दोनों बेटों को अपने छोटे भाई के सुपुर्द-ए-खाक की अंतिम रस्मों में शामिल कराया जा रहा है।

कड़ी सुरक्षा के बीच कब्रिस्तान पहुंचे उमर और अली

झांसी और लखनऊ जेल प्रशासन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए अतीक के दोनों बड़े बेटों को प्रयागराज पहुंचाया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कसारी-मसारी कब्रिस्तान और उसके आसपास के इलाकों को छावनी में बदल दिया गया। उमर और अली को अलग-अलग पुलिस वाहनों में रखकर बेहद चाक-चौबंद सुरक्षा इंतजामों के बीच सीधे कब्रिस्तान के अंदर ले जाया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

भीषण सड़क हादसे ने छीन ली अबान की जिंदगी

यह पूरा दुखद हादसा उस वक्त हुआ जब अबान अहमद अपने दोस्तों के साथ तेज रफ्तार क्रेटा कार में सवार होकर सफर कर रहा था। झांसी-कानपुर हाईवे पर अचानक अनियंत्रित होकर गाड़ी डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और अबान तथा उसके साथी सोनू की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। कार सवार 3 अन्य साथी गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सुपुर्द-ए-खाक की प्रक्रिया शुरू, भारी पुलिस बल तैनात

हादसे के बाद पोस्टमार्टम पूरा कराकर अबान के पार्थिव शरीर को देर रात प्रयागराज स्थित परिजनों के पास लाया गया था। अतीक अहमद के परिवार के बाकी सदस्य और नजदीकी रिश्तेदार कसारी-मसारी कब्रिस्तान में मौजूद हैं। लखनऊ से उमर के पहुंचते ही अबान के जनाजे और दफन करने की धार्मिक रस्में तेजी से शुरू कर दी गईं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अंतिम संस्कार की रस्में पूरी होते ही दोनों भाइयों को वापस जेल रवाना कर दिया जाएगा।

कसारी-मसारी कब्रिस्तान में पसरा सन्नाटा

अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे की अचानक हुई मौत से पूरे कुनबे और रिश्तेदारों में गहरा शोक व्याप्त है। अंतिम विदाई के इस भावुक क्षण में रिश्तेदार, करीबी परिचित और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में कब्रिस्तान परिसर में एकत्र हुए हैं। अपने छोटे भाई को खोने के गम में उमर और अली भी काफी भावुक नजर आए। सुरक्षा कारणों से आम लोगों की आवाजाही पर कड़ी पाबंदी लगाई गई है, ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बनी रहे।

Harsh Srivastava
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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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