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अतीक के समर्थकों ने दिखाया पहले जैसा रुतबा! लखनऊ से प्रयागराज तक काफिले की दबंगई पर केस दर्ज
Atiq Ahmed supporters: आबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने प्रयागराज पहुंचे उमर के काफिले पर गंभीर आरोप लगे हैं। नवाबगंज और हथिगवां टोल पर बैरियर तोड़ने व कर्मचारियों को कुचलने की कोशिश के मामलों में केस दर्ज हुआ है।
Atiq Ahmed Supporters: माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान अहमद के जनाजे में शामिल होने के लिए लखनऊ और झांसी से प्रयागराज पहुंचे काफिले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस ने काफिले में शामिल दो दर्जन से ज्यादा वाहनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि काफिले में शामिल लोगों ने टोल प्लाजा पर बैरियर तोड़े, कर्मचारियों से अभद्रता और गाली-गलौज की तथा उन्हें वाहन से कुचलने की कोशिश की।
आबान की मौत के बाद शनिवार को प्रयागराज में उसके अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक जुटे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बैरिकेडिंग करनी पड़ी और भीड़ बढ़ने पर हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।
लखनऊ से प्रयागराज तक दिखा काफिले का रेला
आबान अहमद की मौत के बाद उसके भाई उमर अहमद को लखनऊ जेल से पुलिस अभिरक्षा में प्रयागराज लाया गया था। वहीं झांसी जेल में बंद अली अहमद को भी अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मिली थी।
दोनों भाइयों की प्रिजन वैन के पीछे बड़ी संख्या में निजी और लग्जरी वाहन प्रयागराज पहुंचे। काफिले में उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली और मध्य प्रदेश नंबर की गाड़ियां भी शामिल थीं।
इसी काफिले को लेकर प्रतापगढ़ और प्रयागराज के दो टोल प्लाजा पर विवाद हुआ। दोनों मामलों में टोल प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
नवाबगंज टोल पर 28 से ज्यादा वाहनों पर केस
प्रयागराज के नवाबगंज टोल प्लाजा पर शनिवार दोपहर करीब 3:50 बजे उमर अहमद को लेकर जा रही प्रिजन वैन के पीछे बड़ी संख्या में निजी वाहन पहुंचे।
टोल शुल्क लेने के लिए बैरियर बंद किए जाने के बाद आरोप है कि काफिले में शामिल कुछ वाहन चालकों ने बैरियर तोड़ दिया। टोल कर्मचारियों के विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
टोल प्रबंधन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ वाहन चालकों ने तेज रफ्तार में वाहन चलाकर कर्मचारियों को कुचलने का प्रयास किया।
सहायक प्रबंधक जयप्रकाश यादव की तहरीर पर 28 से अधिक वाहनों के नंबरों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
प्रतापगढ़ में थार और स्कॉर्पियो पर केस
इससे पहले शनिवार दोपहर करीब 3:04 बजे प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र स्थित कोटिला अख्तियारी टोल प्लाजा पर भी विवाद हुआ।
पुलिस के मुताबिक, प्रिजन वैन के टोल पार करने के बाद पीछे से थार और स्कॉर्पियो पहुंची। टोल प्रबंधन का आरोप है कि इन वाहनों में सवार लोगों ने बैरियर तोड़ा और कर्मचारी को वाहन से कुचलने का प्रयास किया।
टोल मैनेजर मोहम्मद इसहाक की तहरीर पर दोनों वाहन चालकों और उनके साथियों के खिलाफ जानलेवा हमले समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रतापगढ़ के एसपी दीपक भूकर ने बताया कि टोल शुल्क नहीं देने के लिए बैरियर तोड़ने और कर्मचारी को वाहन से कुचलने के प्रयास के आरोप में केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कब्रिस्तान में भी जुटी हजारों की भीड़
प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में आबान को सुपुर्द-ए-खाक करने के दौरान भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। उमर और अली के पहुंचते ही भीड़ बढ़ने लगी।
स्थिति उस समय बिगड़ गई जब लोगों की भीड़ ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर जाने का प्रयास किया। पुलिस ने हालात नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।
करीब छह घंटे तक कब्रिस्तान और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
अतीक परिवार पर कार्रवाई के बावजूद समर्थकों की सक्रियता
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या, बेटे असद के एनकाउंटर और अब आबान की सड़क हादसे में मौत के बाद भी परिवार के आसपास समर्थकों की सक्रियता का मामला सामने आया है।
आबान की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार में जुटी भीड़ और प्रयागराज तक पहुंचे वाहनों के काफिले ने एक बार फिर अतीक परिवार के प्रभाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, पुलिस ने काफिले में शामिल लोगों पर लगे आरोपों के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है। टोल प्लाजा मामलों में सीसीटीवी फुटेज और वाहन नंबरों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
सड़क हादसे में हुई थी आबान की मौत
अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान अहमद की गुरुवार को झांसी में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट से पैरोल मिलने पर लखनऊ जेल में बंद उमर अहमद और झांसी जेल में बंद अली अहमद को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रयागराज लाया गया।
अंतिम संस्कार के बाद दोनों को वापस जेल भेज दिया गया।
अली झांसी जेल पहुंचा, उमर लखनऊ जेल में दाखिल
आबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद अली अहमद को कड़ी सुरक्षा के बीच झांसी रवाना किया गया। रविवार तड़के करीब 4:41 बजे अली को झांसी जेल में दाखिल कराया गया। वहीं, उमर अहमद को भी अंतिम संस्कार के बाद वापस लखनऊ जेल भेज दिया गया।
जेल अधिकारियों के मुताबिक, अली को करीब 35 सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा में प्रयागराज लाया गया था। अंतिम संस्कार में शामिल होने के तुरंत बाद उसे झांसी के लिए रवाना कर दिया गया।
अब टोल प्लाजा पर दर्ज मुकदमों में पुलिस जांच और कार्रवाई पर नजर है। खास तौर पर 28 से अधिक वाहनों की पहचान और सीसीटीवी फुटेज की जांच से यह साफ होगा कि काफिले में शामिल किन लोगों पर आरोप साबित होते हैं।


