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Auraiya News : औरैया में उद्योग विकास पर जोर, बिजली और भूखंड आवंटन मुद्दों पर चर्चा
Auraiya News : औरैया में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बैठक, बिजली आपूर्ति, निवेश और औद्योगिक भूखंड आवंटन पर चर्चा
Auraiya Focuses on Industrial Growth
Auraiya News : औरैया में जिलाधिकारी बृजेश कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उद्योग बंधु एवं एमओयू क्रियान्वयन तंत्र समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में उद्योगों को बढ़ावा देने, निवेश प्रस्तावों की प्रगति, विद्युत आपूर्ति की समस्याओं और औद्योगिक क्षेत्रों में रिक्त भूखंडों के आवंटन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद को 1500 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य दिया गया है।
इसके सापेक्ष अब तक 115 एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हो चुकी है, जिनमें से 2248.1 करोड़ रुपये की लागत वाले 68 एमओयू धरातल पर स्थापित होकर उत्पादन भी शुरू कर चुके हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में उद्योगों के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।बैठक में उद्योग बंधुओं ने विद्युत आपूर्ति के अनिश्चित रोस्टर को लेकर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि बार-बार बदलते बिजली कटौती शेड्यूल के कारण उद्योग संचालन प्रभावित हो रहा है। इस पर अधिशासी अभियंता विद्युत ने बताया कि रोस्टर मांग और परिस्थितियों के अनुसार बदलता रहता है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि उद्योगों को बिजली रोस्टर की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए और यदि किसी प्रकार का परिवर्तन हो तो उसकी सूचना तत्काल दी जाए, ताकि उद्योग संचालक अपनी कार्य योजना समय रहते बना सकें।
इसके अलावा उद्योग बंधुओं ने विकास खंड बिधूना और अछल्दा क्षेत्र में मिनी इंडस्ट्रियल एरिया के अंतर्गत रिक्त भूखंडों के आवंटन की मांग भी उठाई। जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को निर्देशित किया कि दोनों क्षेत्रों का निरीक्षण कर जल्द से जल्द रिक्त भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी कराई जाए। उन्होंने कहा कि इससे नए उद्योग स्थापित होंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।बैठक में श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने साप्ताहिक बंदी नियमों में हुए बदलावों की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी व्यापारी और उद्योग बंधुओं को इन परिवर्तनों से अवगत कराया जाए तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाए।


