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Auraiya News: मेडिकल कॉलेज को मिला दूसरा देहदान, पूर्व सैन्य अधिकारी ने पेश की प्रेरणादायक मिसाल
Auraiya News: औरैया मेडिकल कॉलेज को एक वर्ष में दूसरा देहदान प्राप्त हुआ। सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी मेजर दिनेश चंद्र गुप्ता ने देहदान कर समाज के सामने मानवता और प्रेरणा की मिसाल पेश की।
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Auraiya News: औरैया के स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज को एक वर्ष के भीतर दूसरा देहदान प्राप्त हुआ है। कानपुर से संचालित ‘युग दधीचि देहदान अभियान’ के माध्यम से यह देहदान किया गया। 80 वर्षीय सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी मेजर दिनेश चंद्र गुप्ता ने जीवनकाल में ही देहदान का संकल्प लिया था और निधन के बाद उनके परिवार ने उस संकल्प को पूरा कर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया। मेडिकल शिक्षा और शोध कार्यों के लिए यह देहदान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कॉलेज प्रशासन ने देहदानी परिवार और अभियान से जुड़े लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
जानकारी के अनुसार, कानपुर के गीता विहार, यशोदा नगर निवासी मेजर दिनेश चंद्र गुप्ता का निधन 19 मई की शाम करीब छह बजे कानपुर के एक निजी अस्पताल में हुआ था। उन्होंने फरवरी 2008 में देहदान का संकल्प लिया था। निधन के बाद उनके पुत्र प्रवीन गुप्ता ने ‘युग दधीचि देहदान अभियान’ के प्रमुख मनोज सेंगर को सूचना देकर उनके पिता की अंतिम इच्छा पूरी करने का आग्रह किया।
अभियान की महासचिव माधवी सेंगर ने पार्थिव शरीर को औरैया मेडिकल कॉलेज को दान करने का निर्णय लिया। 20 मई की सुबह देहदान से जुड़े आवश्यक दस्तावेज पूरे किए गए। इसके बाद स्थानीय सैन्य अधिकारियों और साथियों ने पूर्व सैन्य अधिकारी को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। दोपहर करीब 12 बजे मनोज सेंगर और माधवी सेंगर पार्थिव शरीर लेकर कानपुर से औरैया के लिए रवाना हुए और शाम लगभग तीन बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी विभाग की प्रमुख डॉ. मेधा दास ने अपने सहयोगी डॉ. राकेश तिवारी तथा छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में सम्मानपूर्वक पार्थिव शरीर स्वीकार किया। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एम.वी. सिंह ने देहदानी परिवार और अभियान से जुड़े लोगों का आभार जताया।बताया गया कि ‘युग दधीचि देहदान अभियान’ के तहत अब तक 322 देहदान कराए जा चुके हैं, जबकि प्रदेशभर में 4000 से अधिक लोग देहदान का संकल्प ले चुके हैं। मेजर दिनेश चंद्र गुप्ता के परिजनों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पुष्पांजलि के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। जीवनभर देश सेवा करने वाले मेजर गुप्ता ने मृत्यु के बाद भी समाजहित में देहदान कर मानवता की मिसाल कायम की।


