Auraiya News: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में जिले के मेडिकल स्टोर बंद, केमिस्टों ने सौंपा ज्ञापन

Auraiya News: औरैया में ऑनलाइन दवा बिक्री और अवैध होम डिलीवरी के विरोध में मेडिकल स्टोर संचालकों ने सांकेतिक हड़ताल की। केमिस्ट संगठनों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

Ashraf Ansari
Published on: 20 May 2026 3:50 PM IST
Auraiya News: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में जिले के मेडिकल स्टोर बंद, केमिस्टों ने सौंपा ज्ञापन
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Auraiya News: औरैया में बुधवार को ऑनलाइन दवा बिक्री और अवैध होम डिलीवरी के विरोध में जिले भर के दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखीं। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) तथा ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स उत्तर प्रदेश (OCDUP) के आह्वान पर आयोजित इस एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल में बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर संचालकों ने हिस्सा लिया। दवा व्यापारियों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने और अवैध होम डिलीवरी पर रोक लगाने की मांग उठाई। इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

दवा विक्रेताओं का कहना है कि लंबे समय से इंटरनेट के माध्यम से अवैध दवा बिक्री की शिकायतें संबंधित विभागों और अधिकारियों से की जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। व्यापारियों के अनुसार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं की बिक्री और घर-घर दवा वितरण जैसी गतिविधियां मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। उनका कहना है कि इन गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए वर्तमान कानूनों में स्पष्ट प्रावधान नहीं हैं, जिससे ऑनलाइन कंपनियां मनमानी कर रही हैं।

केमिस्ट संगठनों ने अपने ज्ञापन में कहा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इसके बावजूद कई ऑनलाइन कंपनियां वर्षों से दवाओं की बिक्री कर रही हैं। व्यापारियों ने वर्ष 2018 में जारी जीएसआर 817(ई) और कोविड काल में जारी जीएसआर 220(ई) अधिसूचनाओं का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इनका दुरुपयोग कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अनियंत्रित होम डिलीवरी कर रहे हैं।

दवा व्यापारियों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियंत्रण, बिना सत्यापित प्रिस्क्रिप्शन के दवा वितरण पर रोक, जीएसआर 817(ई) और 220(ई) अधिसूचनाओं को वापस लेने तथा ऑनलाइन कंपनियों की डीप डिस्काउंटिंग और प्रीडेटरी प्राइसिंग नीति पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि देशभर के केमिस्ट स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और कोविड महामारी के दौरान भी उन्होंने दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

Shalini singh

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