अयोध्या में दीपोत्सव की धूम, 30 लाख दीयों से जगमगाई रामनगरी; 2100 ड्रोन से दिखी रामायण की झलक

Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में दीपोत्सव 2026 धूमधाम से मनाया गया। सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये जलाए गए। जानिए उपराष्ट्रपति और सीएम योगी की मौजूदगी में हुए भव्य आयोजन की पूरी जानकारी।

Sawan Gupta
Published on: 7 Nov 2026 9:49 PM IST
Ayodhya Deepotsav 2026
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Ayodhya Deepotsav 2026: भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। दीपों की रोशनी से पूरी रामनगरी जगमगा उठी। सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीप जलाए गए। इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। दीपोत्सव के दौरान जय श्रीराम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

अयोध्या में शनिवार को दीवाली से एक दिन पहले दीपोत्सव का 10वां संस्करण आयोजित किया गया। इस मौके पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजन में भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की झलक भी दिखाई गई।

56 घाटों पर जले 30 लाख से ज्यादा दीये

दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण सरयू नदी के किनारे स्थित राम की पैड़ी और आसपास के घाट रहे। यहां 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीप जलाए गए। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में 35 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने योगदान दिया। वहीं, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर को भी एक लाख दीयों से रोशन किया गया। जैसे ही दीप जलाए गए, पूरी रामनगरी रोशनी से नहा उठी। सरयू के तट पर दीपों की जगमगाहट ने ऐसा नजारा पेश किया, जिसने हर किसी का मन मोह लिया।

उपराष्ट्रपति और सीएम योगी ने की भगवान राम की आरती

दीपोत्सव के खास अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे। इस दौरान उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन किया और भगवान श्रीराम तथा माता सीता की आरती की। आयोजन में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही। पुष्पक विमान की थीम पर तैयार हेलीकॉप्टर के जरिए इन स्वरूपों को सरयू तट के पास लाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथ जोड़कर उनका स्वागत किया। इस दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।

2100 ड्रोन से आसमान में दिखी रामायण की झलक

इस बार दीपोत्सव में आधुनिक तकनीक और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम भी देखने को मिला। 2100 स्वदेशी ड्रोन की मदद से आसमान में रामायण के प्रसंगों को दर्शाया गया। इसके अलावा लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और संगीतमय आतिशबाजी ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। कार्यक्रम में भारत समेत पांच देशों के कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। करीब 2500 कलाकारों ने 12 अलग-अलग मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया।

35 हजार से ज्यादा स्वयंसेवकों ने संभाली जिम्मेदारी

दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई थीं। 35 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने दीप सजाने और उन्हें प्रज्वलित करने में सहयोग किया। वहीं, सरयू तट पर आयोजित महाआरती में 2,147 लोगों ने भाग लिया। इस दौरान शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियां शामिल रहीं। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक लोकनृत्यों के बीच निकली शोभायात्रा ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।

2017 से लगातार बढ़ती जा रही दीपोत्सव की भव्यता

अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी। पहले संस्करण में करीब 1.71 लाख दीप जलाए गए थे। इसके बाद हर साल इस आयोजन का दायरा और भव्यता बढ़ती गई। वर्ष 2025 में 26.17 लाख दीप जलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था। इस बार 30 लाख से अधिक दीये जलाकर पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का लक्ष्य रखा गया। अयोध्या का दीपोत्सव अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था का वैश्विक प्रतीक बन चुका है। इस बार भी दीपों की जगमगाहट, रामायण की झांकियों और जय श्रीराम के जयकारों ने रामनगरी को यादगार उत्सव का केंद्र बना दिया।

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सावन गुप्ता 10 साल से ज्यादा समय से पत्रकारिता में हैं। स्पोर्ट्स, मनोरंजन, पॉलिटिक्स और क्राइम से संबंधित खबरों में उनकी विशेष रुचि है। सावन ने पत्रकारिता में एडवांस डिप्लोमा किया है और वे कई अग्रणी समाचार संस्थानों में काम कर चुके हैं।

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