TRENDING TAGS :
'राम मंदिर को मैनेज करने के लिए आखिर CEO क्यों?', UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने उठाए सवाल, साथ ही दे दी ये सलाह
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में CEO नियुक्ति को लेकर कांग्रेस नेता अजय राय ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने मंदिर की जिम्मेदारी CEO के बजाय संत या धार्मिक व्यक्ति को देने की मांग की।
Ayodhya Ram Mandir
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। CEO पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों से Google Form के जरिए निजी सवाल पूछे जाने की खबरों के बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
अजय राय ने कहा कि भगवान राम के मंदिर और उससे जुड़े धार्मिक कार्यों की देखरेख के लिए किसी CEO के बजाय धार्मिक व्यक्ति, संत या आस्था रखने वाले व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
'राम मंदिर की देखरेख के लिए CEO की जरूरत क्यों?'
अजय राय ने सवाल उठाया कि आखिर राम मंदिर के संचालन में CEO की भूमिका क्या होगी। उन्होंने कहा कि मंदिर भगवान राम की आस्था का केंद्र है और इसकी व्यवस्था को सामान्य व्यावसायिक संस्थान की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने आशंका जताई कि कहीं CEO की नियुक्ति के जरिए मंदिर से जुड़े आर्थिक मामलों और चढ़ावे को अपने तरीके से संचालित करने की कोशिश तो नहीं की जा रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या मंदिर को केवल आय का स्रोत बनाने के उद्देश्य से CEO नियुक्त किया जा रहा है।
धार्मिक व्यक्ति को जिम्मेदारी देने की मांग
अजय राय ने कहा कि भगवान राम के मंदिर के धार्मिक मामलों को संभालने के लिए किसी संत, साधु या श्रद्धालु व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि मंदिर केवल एक प्रशासनिक या आर्थिक संस्था नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा धार्मिक स्थल है। ऐसे में इसकी व्यवस्था में धार्मिक भावना और परंपराओं का ध्यान रखा जाना जरूरी है।
मंदिर के प्रशासन और वित्तीय व्यवस्था पर भी उठे सवाल
राम मंदिर के निर्माण और संचालन से जुड़े कार्यों में बड़ी मात्रा में प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारियां भी शामिल हैं। ऐसे में CEO पद की नियुक्ति का उद्देश्य मंदिर के प्रशासन को व्यवस्थित करना बताया जा सकता है।
वहीं, अजय राय के बयान ने इस नियुक्ति को धार्मिक व्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन के नजरिए से राजनीतिक बहस का मुद्दा बना दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि मंदिर की व्यवस्था में प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति का स्वरूप क्या होगा और उसकी जिम्मेदारियां किस तरह तय की जाएंगी।
ट्रस्ट की भूमिका पर टिकी नजर
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े निर्माण और विभिन्न व्यवस्थाओं की देखरेख करता है। CEO पद को लेकर सामने आई जानकारी के बाद अब इस बात पर नजर है कि ट्रस्ट इस नियुक्ति के संबंध में क्या निर्णय लेता है और पद के लिए उम्मीदवार से जुड़ी प्रक्रिया को किस तरह आगे बढ़ाया जाता है।


