31 मार्च तक चढ़ावे में आए 582 करोड़ में से 391 करोड़ रुपए खर्च! राम मंदिर ट्रस्ट ने दी बड़ी जानकारी

राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार करने के साथ ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान और आय व्यय को लेकर ट्रस्ट ने पूरी जानकारी दी।

Alakha Singh
Published on: 7 July 2026 12:49 PM IST (Updated on: 7 July 2026 1:52 PM IST)
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अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता मामले ने बड़ा मोड़ ले लिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को हुई अहम बैठक के बाद कई अहम फैसलों का ऐलान करते हुए स्पष्ट कर दिया कि चढ़ावे में गड़बड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ट्रस्ट ने एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तेज कर दी है। इसी के साथ महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के नैतिक आधार पर दिए गए इस्तीफे भी स्वीकार कर लिए गए हैं।

3,264 करोड़ की आय, खर्च का हिसाब सार्वजनिक

विवाद के बीच ट्रस्ट ने पहली बार विस्तार से वित्तीय आंकड़े भी सार्वजनिक किए। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस दान से प्राप्त 3,264 करोड़ रुपये में से 2,370 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण और पूंजीगत कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं। वहीं 31 मार्च 2026 तक श्रद्धालुओं से प्राप्त 582 करोड़ रुपये के चढ़ावे में से 391 करोड़ रुपये संचालन संबंधी खर्च में उपयोग किए गए हैं, जबकि शेष राशि बैंक खातों में सुरक्षित रखी गई है।

2,926 भेंटों का रिकॉर्ड सुरक्षित: ट्रस्ट

ट्रस्ट ने बताया कि नकद दान के अलावा अब तक 2,926 बहुमूल्य वस्तुएं भेंट स्वरूप प्राप्त हुई हैं। सभी भेंटों का रजिस्टर में रिकॉर्ड दर्ज है और उनका स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट से सत्यापन कराया जाता है। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से कहा है कि यदि कोई अपनी भेंट का सत्यापन करना चाहता है तो पूर्व निर्धारित समय लेकर रिकॉर्ड देख सकता है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों को लेकर लिया गया। दोनों ने एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद छोड़ने की पेशकश की थी। ट्रस्ट ने दोनों के त्यागपत्र स्वीकार कर लिए हैं। साथ ही विशिष्ट आमंत्रित सदस्य गोपाल नगरकोटे का नाम भी सूची से हटा दिया गया है।

गोपाल राव भी हटाए गए

बैठक में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा द्वारा नैतिक आधार पर दिए गए इस्तीफों पर भी विचार किया गया। ट्रस्ट ने दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। साथ ही, गोपाल राव उर्फ गोपाल नगरकोटे का नाम विशिष्ट आमंत्रित सदस्य सूची से हटाने का भी निर्णय लिया गया।


कृष्ण मोहन संभालेंगे जिम्मेदारी, नए सीईओ की तलाश शुरू

नए महासचिव की नियुक्ति होने तक ट्रस्टी कृष्ण मोहन को महासचिव के कार्यों का दायित्व सौंपा गया है। वहीं मंदिर प्रशासन को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन हेतु तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े शामिल हैं।

सार्वजनिक आरोप नहीं, सबूत दें: ट्रस्ट

प्रेस विज्ञप्ति में ट्रस्ट ने मीडिया, संस्थाओं और आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास मंदिर से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अनियमितता के ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक मंचों पर आरोप लगाने के बजाय एसआईटी या संबंधित जांच एजेंसी को सौंपें। ट्रस्ट का कहना है कि केवल प्रमाणों के आधार पर ही निष्पक्ष कार्रवाई संभव है।

'विवाद से आस्था नहीं डिगी'

ट्रस्ट ने दावा किया कि लगातार विवादों और आरोपों के बावजूद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में कोई गिरावट नहीं आई है। देश-विदेश से रामभक्त बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ट्रस्ट ने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और मंदिर पर उनके विश्वास का प्रमाण बताया।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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