Ayodhya News: 'बीजेपी को उम्मीदवार नहीं मिल रहा', अखिलेश यादव ने CM योगी को दिया खुला चैलेंज

अयोध्या में अखिलेश यादव ने CM योगी आदित्यनाथ को विधानसभा चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी। बीजेपी उम्मीदवार, PDA, 2027 चुनाव और ₹40 हजार महिला योजना पर भी बड़ा बयान।

Alakha Singh
Published on: 8 Oct 2026 6:35 PM IST
Ayodhya News: बीजेपी को उम्मीदवार नहीं मिल रहा, अखिलेश यादव ने CM योगी को दिया खुला चैलेंज
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Ayodhya News: अयोध्या में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को अयोध्या पहुंचकर बीजेपी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव पूर्व मंत्री और अयोध्या के पूर्व विधायक तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दे दी।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की ओर से पवन पांडेय को अयोध्या से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद बीजेपी लगातार सर्वे करा रही है। उन्होंने कहा कि हर सर्वे में बीजेपी पीछे नजर आ रही है और अब पार्टी को अयोध्या से नया उम्मीदवार तक नहीं मिल रहा है। अखिलेश ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी जीत और जनता के समर्थन पर इतना ही भरोसा है तो उन्हें खुद अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़कर देखना चाहिए।

'मुख्यमंत्री खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर देखें'

अखिलेश यादव ने कहा, "अगर इतना ही भरोसा है और दूध का दूध, पानी का पानी करना चाहते हैं, तो मुख्यमंत्री खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर देख लें। इस बार अयोध्या की जनता दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी।" उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में जनता बीजेपी को जवाब देने के लिए तैयार है। अखिलेश का यह बयान ऐसे समय आया है जब 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो चुकी हैं।

समाजवादी पार्टी ने अगस्त में ही अयोध्या सीट से पूर्व विधायक तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था। पवन पांडेय 2012 में अयोध्या से विधायक रह चुके हैं और पार्टी ने उन्हें एक बार फिर इस हाई-प्रोफाइल सीट पर बीजेपी के खिलाफ उतारा है।


भागवत कथा में पहुंचे अखिलेश, सामाजिक न्याय का संदेश

अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा धार्मिक कार्यक्रम के साथ-साथ सियासी तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने भागवत कथा का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमें हर तरह के बंधन से मुक्त होना सिखाती है। ये बंधन सत्ता, जाति, ऊंच-नीच और छुआछूत के हो सकते हैं। उनके मुताबिक शासन की पहली शर्त इंसानियत है और प्रेम ही परमार्थ का रास्ता है।

भगवान कृष्ण और सुदामा का उदाहरण देते हुए अखिलेश ने कहा कि कृष्ण ने सुदामा को अपना मित्र बनाकर सामाजिक समानता और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने इसे समाजवादी पार्टी की PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को सम्मान और बराबरी मिलनी चाहिए।

उन्होंने सत्ता के 'सुदर्शन चक्र' का भी जिक्र किया और कहा कि सत्ता का इस्तेमाल जनता को डराने के लिए नहीं, बल्कि सज्जनों की सुरक्षा और न्याय के लिए होना चाहिए।

'प्रेम नहीं रखने वालों का अंत कंस जैसा होगा'

सपा प्रमुख ने सत्ता और प्रशासन के रवैये पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य छल और अहंकार से नहीं, बल्कि न्याय और मानवता से चलता है। अखिलेश ने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन अगर समाज में प्रेम, भाईचारा और संविधान कमजोर हो जाए तो लोकतंत्र को बड़ा नुकसान पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि जो लोग प्रेम और मानवता की भावना नहीं रखते, उनका अंत कंस की तरह तय है। उनके मुताबिक आज सबसे बड़ी जरूरत संविधान की रक्षा और समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखने की है।

महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये देने का ऐलान

अयोध्या में अखिलेश यादव ने एक बार फिर महिलाओं के लिए बड़े आर्थिक वादे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर माताओं और बहनों को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।

उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार में किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा और गरीबों तथा आम लोगों की दुकान या मकान उजाड़े जाने की स्थिति नहीं आने दी जाएगी। अखिलेश ने कहा कि सत्ता में आने पर अयोध्या के विकास को नई गति दी जाएगी और शहर की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करने के लिए काम किया जाएगा।

अयोध्या क्यों बनी 2027 की बड़ी सियासी प्रयोगशाला?

राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या की राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई है। 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के वेद प्रकाश गुप्ता ने अयोध्या सीट पर जीत दर्ज की थी और करीब 49 फीसदी वोट हासिल किए थे। अब 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने पवन पांडेय को पहले ही मैदान में उतार दिया है, जबकि बीजेपी की ओर से इस सीट के उम्मीदवार का औपचारिक ऐलान अभी सामने नहीं आया है।

इसी पृष्ठभूमि में अखिलेश यादव का यह दावा कि 'बीजेपी को अयोध्या से उम्मीदवार नहीं मिल रहा', चुनावी रणनीति के तहत किया गया राजनीतिक हमला माना जा रहा है। दूसरी ओर, बीजेपी भी 2027 की तैयारी में संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय है। पार्टी के यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने हाल ही में अयोध्या में संगठनात्मक बैठक कर बूथ स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की थी।

अखिलेश के अयोध्या दौरे का सियासी संदेश

अखिलेश यादव का यह दौरा सिर्फ भागवत कथा में शामिल होने तक सीमित नहीं रहा। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या जैसे राजनीतिक और धार्मिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में पहुंचकर उन्होंने एक साथ धार्मिक-सांस्कृतिक जुड़ाव, सामाजिक न्याय और बीजेपी विरोधी राजनीति का संदेश देने की कोशिश की है।

अयोध्या में पवन पांडेय की उम्मीदवारी पहले घोषित करने के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे इसी सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती देकर अखिलेश ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। 2027 का चुनाव नजदीक आने के साथ अयोध्या की यह सीट बीजेपी और सपा के बीच बड़े सियासी मुकाबले का केंद्र बनती दिखाई दे रही है।

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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